फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The dilapidated building became a matter of concern in the rain

बारिश में जर्जर और गिरासू भवन बने चिंता का विषय

Sat, 24 Sep 2022 12:32 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Sep 2022 12:32 AM IST
सार

शहर में नगर निगम की ओर से चिह्नित ऐसे 79 भवन हैं, जिनको बारिश का मौसम शुरू होते ही नोटिस दिए गए थे। साथ ही, नगर निगम के राहत शिविरों में जाने की सलाह भी दी है।लगातार बारिश के कारण इन भवनों के आसपास और उनमें रहने वाले लोग खतरे के दायरे में आ जाते हैं। वर्तमान में भी खुद नगर आयुक्त अमित आसेरी ने इन चिह्नित भवनों में से अधिकांश में रहने वालों को राहत शिविरों में या अन्य जगहों पर जाने की हिदायत दी है।यहां पर हैं गिरासू भवनशहर के ऊपर कोट, कनवरी गंज, बनिया पाड़ा, हाथी पुल, सराय सुल्तानी, सराय इंतेजाम अली, मदार गेट, सर्राफा मार्केट, मामू भांजा, रेलवे रोड, सराय हकीम आदि क्षेत्रों में जर्जर व गिरासू भवन हैं।भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने गूलर रोड, गांधी पार्क तथा भुजपुरा स्थित शेल्टर होम्स को राहत शिविर के रूप में परिवर्तित कर दिया है, जिसमें विश्राम करने वाले लोगों के ठहरने, सुरक्षा, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

विज्ञापन
The dilapidated building became a matter of concern in the rain
भुजपुरा मदीना कॉलोनी में बारिश में गिरी घर की दीवार। - फोटो : CITY OFFICE

विस्तार

लगातार हो रही बारिश और पुराने जर्जर भवनों के गिरने की घटना के बाद शहर के अन्य पुराने जर्जर-गिरासू भवन चिंता का विषय बन गए हैं। शहर में नगर निगम की ओर से चिह्नित ऐसे 79 भवन हैं, जिनको बारिश का मौसम शुरू होते ही नोटिस दिए गए थे। भवन स्वामियों को मकान छोड़ने की चेतावनी दी गई थी। मगर आज भी उनमें से अधिकांश में लोग रहने के लिए मजबूर हैं। लगातार पांच दिन से बारिश के चलते नगर निगम ने उन्हें फिर हिदायत दी है। साथ ही, नगर निगम के राहत शिविरों में जाने की सलाह भी दी है।
विज्ञापन

लगातार बारिश के कारण इन भवनों के आसपास और उनमें रहने वाले लोग खतरे के दायरे में आ जाते हैं। अपने शहर में 79 जर्जर और गिरासू भवन नगर निगम द्वारा चिन्हित किए गए हैं। हालांकि, नगर निगम की दलील रहती है कि अधिकांश भवनों पर न्यायालय में वाद विचाराधीन है, इसलिए वह एक सीमा से अधिक कुछ नहीं कर सकते हैं। मगर नोटिस जारी कर व हिदायत देकर जरूर नगर निगम अपनी खानापूर्ति करता है। वर्तमान में भी खुद नगर आयुक्त अमित आसेरी ने इन चिह्नित भवनों में से अधिकांश में रहने वालों को राहत शिविरों में या अन्य जगहों पर जाने की हिदायत दी है।
विज्ञापन

यहां पर हैं गिरासू भवन
शहर के ऊपर कोट, कनवरी गंज, बनिया पाड़ा, हाथी पुल, सराय सुल्तानी, सराय इंतेजाम अली, मदार गेट, सर्राफा मार्केट, मामू भांजा, रेलवे रोड, सराय हकीम आदि क्षेत्रों में जर्जर व गिरासू भवन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने गूलर रोड, गांधी पार्क तथा भुजपुरा स्थित शेल्टर होम्स को राहत शिविर के रूप में परिवर्तित कर दिया है, जिसमें विश्राम करने वाले लोगों के ठहरने, सुरक्षा, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जर्जर भवनों में रहने वाले लोग यहां जाकर रह सकते हैं।
- अमित आसेरी, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed