बृहस्पतिवार का दिन सुबह भले ही एक डिग्री सेल्सियस के साथ शुरू हुआ] लेकिन दोपहर में धूप निकलने से लोगों को काफी राहत मिली। दोपहर तीन बजे तक उच्चतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा। शाम को धीरे-धीरे तापमान गिरा तो लोगों को फिर से ठंड का अहसास होने लगा। इसके साथ ही नौ से 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली शीतलहर से लोग परेशान भी रहे।
बता दें कि बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे तापमान एक डिग्री सेल्सियस पर था। इसके साथ ही नौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से शीतलहर चल रही थी, लेकिन दस बजे से जैसे ही सूरज निकला और तपिश बढ़ना प्रारंभ हुई, वैसे ही लोगों को राहत मिलने लगी। लोगों ने अपने घरों की छत, पार्क या सार्वजनिक स्थानों पर धूप का आनंद लिया। बच्चे धूप में पढ़ते और खेलते नजर आए। हालांकि इस दौरान चल रही हवा के चलते लोगों ने गर्म टोपी लगा रखी थीं। जबकि सुबह कोहरे का प्रकोप न होने के चलते लोगों को वाहन चलाने में राहत मिली। दो पहिया वाहन चालक ठंड से बचने के लिए हाथों में दस्ताने पहनकर वाहन चला रहे थे। दोपहर तीन बजे के बाद तापमान गिरना प्रारंभ हुआ तो लोगों को फिर से ठंड का अहसास होने लगा। क्योंकि 11 किलोमीटर की शीतलहर से लोग कंपकंपाने लगे। शाम होते-होते सर्दी का सितम बढ़ा तो लोगों ने रूम हीटर, अलाव आदि का सहारा लिया। वर्ष 2020 में 27 जनवरी को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा। इस प्रकार से पिछले साल के मुकाबले इस बार 27 जनवरी को अधिक ठंड थी।