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अलीगढ़ : दरिंदों को जल्द सजा मिले, तब नींद आए और सुकून मिले
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अभिषेक शर्मा
बृहस्पतिवार 14 अप्रैल की स्याह रात की काली वारदात को दिल्ली से अकराबाद क्षेत्र के अपने गांव लौट रही महिला कभी नहीं भुला सकती। गांधीपार्क बस स्टैंड से ऑटो में सवार होकर अकराबाद जा रही महिला संग ऑटो चालक व उसके दो साथियों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने जिले से लेकर देश-प्रदेश में सुर्खियों में रहीं उन वारदातों की याद ताजा करा दी हैं, जिनमें अभी तक दरिंदगी के आरोपियों को सजा नहीं मिल सकी है। सवाल है पुलिस की लेटलतीफ पैरोकारी पर। कहने को मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस के प्रयास व अभियोजन की पैरवी से अनगिनत सजाएं हुई हैं। मगर कुछ बहुचर्चित प्रकरण ऐसे हैं, निर्णय का पीड़ित परिवारों को इंतजार है। अकराबाद कांड की पीड़ित की आवाज है कि उसे भी न्याय मिलने में देरी न हो। पुलिस ऐसा प्रयास करे कि आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले, ताकि उसके दिल को तसल्ली हो सके।
ये है अकराबाद की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की आवाज
ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म व दरिंदगी का शिकार हुई पीड़ित महिला व उसके पति कहते हैं कि पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये सुनकर कुछ अच्छा लगता है। पुलिस के खुलासे से हम संतुष्ट हैं, मगर जिस गति से पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। उसी गति से प्रयास कर मामले में आरोपियों को सजा दिलाई जाए। तभी सुकून मिलेगा। इधर, दिल्ली जाने को तैयार परिवार ने माल वापसी के लिए न्यायालय में अर्जी दे दी है, जिसमें 25 अप्रैल तारीख नियत हुई है।
-हम लगातार मुकदमों में मजबूत पैरोकारी कर निर्णय कराने और सजा दिलाने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास रहता है कि पुलिस स्तर से जल्द से जल्द साक्ष्य व गवाही पेश हों। इसी क्रम में अलीगढ़ मिशन शक्ति अभियान में पिछले चरण में तीसरे स्थान पर आया है। नए अभियान में भी निर्णय होना व सजाएं होना शुरू हो गया है। हर लंबित मुकदमे में जल्द गवाही आदि कराने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। - सुशील कुमार सिंह, जेडी अभियोजन
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- वैसे तो महिला अपराध के सभी मामलों में मजबूत पैरवी व नियत समय पर गवाही आदि के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं। बाकायदा पुलिस मॉनीटरिंग सेल कार्यरत है। अकराबाद प्रकरण में भी फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही चार्जशीट दायर की जाएगी। जल्दबाजी में कमजोर चार्जशीट न पेश हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। रहा सवाल कुछ चर्चित मामलों में देरी का तो उनमें संबंधित थाना क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारियों को नियत कर पैरोकारी तेज कराने और मुकदमा जल्द निर्णय तक पहुंचाने का प्रयास होगा। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
ये है जिले में महिला अपराध का ब्योरा
- 368 दुष्कर्म के मुकदमे जनवरी 21 से मार्च 22 तक दर्ज
- 403 छेड़खानी के मुकदमे वर्ष 2021 में जिले में दर्ज हुए
- 1104 महिला संबंधी अपराध के मुकदमे 2021 में दर्ज हैं
मिशन शक्ति में ये हुईं सजाएं
-169 सजा अप्रैल 21 से दिसंबर 21 तक जिले में हुई हैं।
-35 सजा उम्रकैद तक, 20 सजा 10 वर्ष तक, 89 10 वर्ष से कम।
-22 सजा मिशन शक्ति के ताजा अभियान में अभी तक हुई हैं।
केस:-1
कस्बा टप्पल में 30 मई 2019 को ढाई साल की बच्ची घर से गायब हुई। दो जून की सुबह उसका शव घर से 100 मीटर दूरी पर कूड़े के ढेर पर मिला। उस समय पूरे देश में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या का शोर मचा और देश भर में सोशल मीडिया पर गुस्सा दिखाई दिया। पुलिस ने आरोपी जेल भेजे। हालांकि फॉरेंसिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। न्यायालय में ट्रायल अंतिम दौर में है। कई बार के प्रयास के बाद पिछली तारीख पर एफएसएल रिपोर्ट पेश की गई। अब 28 तारीख को दोनों विवेचक तलब किए गए हैं।
केस:- 2
अकराबाद क्षेत्र में 28 फरवरी 2021 को ननिहाल में रह रही सासनी गेट क्षेत्र की बोलने-सुनने में कमजोर किशोरी की खेत पर चारा लेने जाते समय दुष्कर्म की कोशिश में हत्या हुई। हालांकि दो दिन के प्रयास में पुलिस ने 17 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। अक्तूबर में आरोपी की उम्र का निर्धारण किशोर न्याय बोर्ड से किया गया। अब मुकदमा विशेष बाल अदालत में चल रहा है।
केस:- 3
गोंडा क्षेत्र में 26 सितंबर 2021 को घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। उसका शव गांव के पास खेत में पानी में फेंक दिया गया। 29 सितंबर को पुलिस ने आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार किया। इस मामले में पिछले माह आरोपी की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज की गई है। बाकी अदालती प्रक्रिया जारी है।
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बृहस्पतिवार 14 अप्रैल की स्याह रात की काली वारदात को दिल्ली से अकराबाद क्षेत्र के अपने गांव लौट रही महिला कभी नहीं भुला सकती। गांधीपार्क बस स्टैंड से ऑटो में सवार होकर अकराबाद जा रही महिला संग ऑटो चालक व उसके दो साथियों ने सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने जिले से लेकर देश-प्रदेश में सुर्खियों में रहीं उन वारदातों की याद ताजा करा दी हैं, जिनमें अभी तक दरिंदगी के आरोपियों को सजा नहीं मिल सकी है। सवाल है पुलिस की लेटलतीफ पैरोकारी पर। कहने को मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस के प्रयास व अभियोजन की पैरवी से अनगिनत सजाएं हुई हैं। मगर कुछ बहुचर्चित प्रकरण ऐसे हैं, निर्णय का पीड़ित परिवारों को इंतजार है। अकराबाद कांड की पीड़ित की आवाज है कि उसे भी न्याय मिलने में देरी न हो। पुलिस ऐसा प्रयास करे कि आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिले, ताकि उसके दिल को तसल्ली हो सके।
ये है अकराबाद की सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की आवाज
ऑटो में सामूहिक दुष्कर्म व दरिंदगी का शिकार हुई पीड़ित महिला व उसके पति कहते हैं कि पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये सुनकर कुछ अच्छा लगता है। पुलिस के खुलासे से हम संतुष्ट हैं, मगर जिस गति से पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। उसी गति से प्रयास कर मामले में आरोपियों को सजा दिलाई जाए। तभी सुकून मिलेगा। इधर, दिल्ली जाने को तैयार परिवार ने माल वापसी के लिए न्यायालय में अर्जी दे दी है, जिसमें 25 अप्रैल तारीख नियत हुई है।
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-हम लगातार मुकदमों में मजबूत पैरोकारी कर निर्णय कराने और सजा दिलाने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास रहता है कि पुलिस स्तर से जल्द से जल्द साक्ष्य व गवाही पेश हों। इसी क्रम में अलीगढ़ मिशन शक्ति अभियान में पिछले चरण में तीसरे स्थान पर आया है। नए अभियान में भी निर्णय होना व सजाएं होना शुरू हो गया है। हर लंबित मुकदमे में जल्द गवाही आदि कराने के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। - सुशील कुमार सिंह, जेडी अभियोजन
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- वैसे तो महिला अपराध के सभी मामलों में मजबूत पैरवी व नियत समय पर गवाही आदि के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं। बाकायदा पुलिस मॉनीटरिंग सेल कार्यरत है। अकराबाद प्रकरण में भी फॉरेंसिक रिपोर्ट आते ही चार्जशीट दायर की जाएगी। जल्दबाजी में कमजोर चार्जशीट न पेश हो, इस बात का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। रहा सवाल कुछ चर्चित मामलों में देरी का तो उनमें संबंधित थाना क्षेत्र के राजपत्रित अधिकारियों को नियत कर पैरोकारी तेज कराने और मुकदमा जल्द निर्णय तक पहुंचाने का प्रयास होगा। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी
ये है जिले में महिला अपराध का ब्योरा
- 368 दुष्कर्म के मुकदमे जनवरी 21 से मार्च 22 तक दर्ज
- 403 छेड़खानी के मुकदमे वर्ष 2021 में जिले में दर्ज हुए
- 1104 महिला संबंधी अपराध के मुकदमे 2021 में दर्ज हैं
मिशन शक्ति में ये हुईं सजाएं
-169 सजा अप्रैल 21 से दिसंबर 21 तक जिले में हुई हैं।
-35 सजा उम्रकैद तक, 20 सजा 10 वर्ष तक, 89 10 वर्ष से कम।
-22 सजा मिशन शक्ति के ताजा अभियान में अभी तक हुई हैं।
केस:-1
कस्बा टप्पल में 30 मई 2019 को ढाई साल की बच्ची घर से गायब हुई। दो जून की सुबह उसका शव घर से 100 मीटर दूरी पर कूड़े के ढेर पर मिला। उस समय पूरे देश में दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या का शोर मचा और देश भर में सोशल मीडिया पर गुस्सा दिखाई दिया। पुलिस ने आरोपी जेल भेजे। हालांकि फॉरेंसिक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। न्यायालय में ट्रायल अंतिम दौर में है। कई बार के प्रयास के बाद पिछली तारीख पर एफएसएल रिपोर्ट पेश की गई। अब 28 तारीख को दोनों विवेचक तलब किए गए हैं।
केस:- 2
अकराबाद क्षेत्र में 28 फरवरी 2021 को ननिहाल में रह रही सासनी गेट क्षेत्र की बोलने-सुनने में कमजोर किशोरी की खेत पर चारा लेने जाते समय दुष्कर्म की कोशिश में हत्या हुई। हालांकि दो दिन के प्रयास में पुलिस ने 17 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। अक्तूबर में आरोपी की उम्र का निर्धारण किशोर न्याय बोर्ड से किया गया। अब मुकदमा विशेष बाल अदालत में चल रहा है।
केस:- 3
गोंडा क्षेत्र में 26 सितंबर 2021 को घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। उसका शव गांव के पास खेत में पानी में फेंक दिया गया। 29 सितंबर को पुलिस ने आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार किया। इस मामले में पिछले माह आरोपी की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज की गई है। बाकी अदालती प्रक्रिया जारी है।