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प्रेमी जोड़े ने जहर खाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:49 AM IST
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महानगर के बन्नादेवी थाने के ठीक पीछे की हाबूड़ा बस्ती से एक सप्ताह से गायब प्रेमी जोड़े ने थाने के ठीक सामने नुमाइश मैदान मार्केट की दुकान में जहर खाकर जान दे दी।
शटरयुक्त दुकान से दुर्गंध उठने पर रविवार सुबह जब प्रेमी जोड़े की लाश मिली तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। वह तो कुछ ही देर में शवों की पहचान हो गई और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोरचरी भेज दिया।
उनके हाथ से एक जहर की शीशी मिलने पर यह जरूर साफ हो गया है कि दोनों ने जहर खाया है। मगर दिन भर की माथापच्ची के बाद यह साफ नहीं हो पाया कि दोनों ने आखिर क्यों आत्महत्या की।
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थाने के पीछे हाबूड़ा बस्ती में मकान बनाकर रहने वाले हाबूड़ा जाति के हरीशंकर (40) तीन बच्चों का बाप था, जबकि पड़ोसन अजयदेवी (39) पत्नी राकेश पांच बच्चों की मां थी।
दोनों के बीच करीब एक वर्ष से प्रेम प्रसंग थे, जिसकी चर्चा सार्वजनिक थी। हरीशंकर पहले भी तीन-तीन शादियां कर चुका था। मगर इस समय तीनों में से कोई भी पत्नी घर पर न थी।
वह मंगल बाजार में फूल बेचने का धंधा करता था। अजयदेवी पास ही गौशाला में सफाई का काम करती थी। रविवार को दोनों रात 2 बजे अचानक गायब हो गए। चूंकि दोनों में रिश्ते थे और पूर्व में भी इसी तरह गायब हो चुके थे।
इसलिए दोनों में से किसी के परिजनों ने न तो उन्हें तलाश किया और न गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। ठीक आठ दिन बाद यानी आज रविवार सुबह लगभग 11 बजे पुराने थाने के ठीक सामने दुकान के बाहर दुर्गंध उठी तो सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने उन दुकानों के शटर उठाये तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। दुकान के अंदर एक कंबल ओढ़े हुए दोनों के शव पड़े थे। हरीशंकर के हाथ में जहर की शीशी भी थी।
आशंका व्यक्त की जाती है कि आठ दिन पूर्व ही दोनों इस दुकान में जहर खाने के बाद कंबल ओढ़कर सो गए थे। महिला के शरीर पर तो कीड़े भी लग रहे थे।
आनन-फानन एकत्रित हुए परिजनों की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। एसओ बन्नादेवी अनुज कुमार के अनुसार अभी किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। सुसाइड माना गया है। फिलहाल कारणों की जांच की जा रही है।
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शटरयुक्त दुकान से दुर्गंध उठने पर रविवार सुबह जब प्रेमी जोड़े की लाश मिली तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। वह तो कुछ ही देर में शवों की पहचान हो गई और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोरचरी भेज दिया।
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उनके हाथ से एक जहर की शीशी मिलने पर यह जरूर साफ हो गया है कि दोनों ने जहर खाया है। मगर दिन भर की माथापच्ची के बाद यह साफ नहीं हो पाया कि दोनों ने आखिर क्यों आत्महत्या की।
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थाने के पीछे हाबूड़ा बस्ती में मकान बनाकर रहने वाले हाबूड़ा जाति के हरीशंकर (40) तीन बच्चों का बाप था, जबकि पड़ोसन अजयदेवी (39) पत्नी राकेश पांच बच्चों की मां थी।
दोनों के बीच करीब एक वर्ष से प्रेम प्रसंग थे, जिसकी चर्चा सार्वजनिक थी। हरीशंकर पहले भी तीन-तीन शादियां कर चुका था। मगर इस समय तीनों में से कोई भी पत्नी घर पर न थी।
वह मंगल बाजार में फूल बेचने का धंधा करता था। अजयदेवी पास ही गौशाला में सफाई का काम करती थी। रविवार को दोनों रात 2 बजे अचानक गायब हो गए। चूंकि दोनों में रिश्ते थे और पूर्व में भी इसी तरह गायब हो चुके थे।
इसलिए दोनों में से किसी के परिजनों ने न तो उन्हें तलाश किया और न गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। ठीक आठ दिन बाद यानी आज रविवार सुबह लगभग 11 बजे पुराने थाने के ठीक सामने दुकान के बाहर दुर्गंध उठी तो सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने उन दुकानों के शटर उठाये तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। दुकान के अंदर एक कंबल ओढ़े हुए दोनों के शव पड़े थे। हरीशंकर के हाथ में जहर की शीशी भी थी।
आशंका व्यक्त की जाती है कि आठ दिन पूर्व ही दोनों इस दुकान में जहर खाने के बाद कंबल ओढ़कर सो गए थे। महिला के शरीर पर तो कीड़े भी लग रहे थे।
आनन-फानन एकत्रित हुए परिजनों की मौजूदगी में शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। एसओ बन्नादेवी अनुज कुमार के अनुसार अभी किसी पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। सुसाइड माना गया है। फिलहाल कारणों की जांच की जा रही है।