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दीवानी में दरोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, हवालात में घुसकर बचाई जान

Fri, 20 Sep 2019 12:27 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2019 12:27 AM IST
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The civilian was raped and beaten in civil, saved life by entering the lockup
दीवानी परिसर में गुरुवार शाम जवां थाने के एक दरोगा को दो मुुल्जिमों के परिवारीजनों ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इस दौरान दरोगा ने खुद को बचाते हुए जैसे-तैसे भागकर दीवानी हवालात बंद कर बचाया। इसके बाद भी परिवारीजन हवालात के गेट पर हंगामा करते रहे।
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खबर पर पहुंची पुलिस ने परिवारीजनों को समझाकर शांत किया। बाद में दोनों मुल्जिमों को तो जेल भेज दिया गया। वहीं दरोगा की ओर से हमलावर परिवारीजनों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, परिजनों ने दरोगा पर आरोप लगाया है कि उन्हें रुपये लेकर भी झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया है। इसी का हम लोगों ने विरोध किया था।
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वाकया शाम करीब 3:40 बजे का है। जवां थाने का दरोगा सुरेंद्र सिंह लूट व चोरी के मुकदमों के पेशेवर अपराधी सतेंद्र उर्फ भोला पुत्र बिजेंद्र गौतम निवासी सुरक्षा विहार, बन्नादेवी और किरण पाल पुत्र चिरंजीलाल निवासी हैवतपुर, जवां को एनडीपीएस में गिरफ्तारी के बाद रिमांड पेशी के लिए दीवानी लाए थे।
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यहां दोनों के परिवारीजन पहुंच गए। महिलाओं ने दरोगा को घेर लिया। दरोगा के साथ मौजूद अन्य सुरक्षाकर्मी अपनी जान बचाकर खिसक गए। इसी दौरान महिलाओं ने दरोगा से हाथापाई शुरू कर दी। दरोगा ने वहां से दौड़ लगा दी। इस पर महिलाएं उसके पीछे दौड़ीं और दरोगा ने दीवानी हवालात में जाकर बंद होकर खुद को बचाया।
इसके बाद उसने थाने सहित सिविल लाइंस पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सीओ एलआईयू, इंस्पेक्टर जवां, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को शांत कर दरोगा को बाहर निकाला। महिलाओं ने सीओ को बताया कि सतेंद्र को पुलिस ने बुधवार को दीवानी के बाहर से और किरण पाल को घर से पकड़ा था।
परिवारीजनों ने जवां थाने पहुंचकर मामला पता किया तो एनडीपीएस का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की बात कही थी। आरोप है कि पुलिस ने 25-25 हजार रुपये में दोनों को छोड़ने का समझौता किया था। परिवार वालों ने पैसे भी दे दिए। इसके बाद भी उन्हें छोड़ा नहीं गया। उन्हें मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। सीओ ने महिलाओं को समझाकर शांत किया।
दूसरी ओर सतेंद्र और किरणपाल को जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार प्रकरण में दरोगा की ओर से सतेंद्र के पिता बिजेंद्र, पत्नी अंजली, किरणपाल की पत्नी मोनिका, परिवार की महिलाएं अनीता सीमा को नामजद व दस-पंद्रह अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हमला, सरकारी कार्य में बाधा आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। बाकी आरोपियों की सीसीटीवी से पहचान की जा रही है।
डीजीपी लाइन में थे, दीवानी में हुई घटना
जिस समय दीवानी में दरोगा का पीटने का प्रकरण हुआ। डीजीपी पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहे थे। वह पुलिस की कार्यशैली को लेकर तारीफ करने के साथ ही अच्छे काम को प्रोत्साहित कर रहे थे। इसी बीच दरोगा के पिटने की सूचना जनपद के पुलिस अधिकारियों को पहुंचते ही वह सकपका गए। तुरंत दो इंस्पेक्टर और सीओ एलआईयू को मामला संभालने के लिए वहां से रवाना किया गया।

-दोनों मुल्जिमों पर लूट आदि के कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल दोनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस पर हमले के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रहा सवाल पुलिस पर रिश्वत लेने के आरोप का तो मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। -अभिषेक, एसपी सिटी
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