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टीईटी पेपर लीक : एसटीएफ को चकमा दे गया निर्दोष, साथी की तलाश
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टीईटी पेपर लीक मामले में गोंडा के रहने वाले फरार शिक्षक निर्दोष चौधरी ने शामली में सरेंडर कर एसटीएफ को चकमा दे दिया। एसटीएफ का पूरा फोकस यहां अलीगढ़ व मथुरा में था। टीम को उम्मीद थी कि वह यहां कहीं अपने किसी करीबी के ठिकाने पर मिलेगा या कोई गलत करेगा तो सामने आ जाएगा। मगर वह सीधे शामली की अदालत में पहुंच गया। हालांकि टीम अभी उसके एक साथी को तलाश रही है।
टीईटी का पेपर लीक मामले में पहले जट्टारी हजियापुर के गौरव का नाम सामने आया। जब उसे गिरफ्तार किया तो गोंडा के निर्दोष चौधरी व उसके एक अन्य साथी का नाम आया। इसके बाद से एसटीएफ इन दोनों की तलाश में जुट गई। इन दोनों की तलाश में लगातार टीम यहां डेरा डाले हुए थीं। इस दौरान उनके परिवार से लेकर करीबियों तक से लगातार पूछताछ, उनकी लोकेशन पर काम हो रहा था। टीम को उम्मीद थी कि वह दबाव में यहीं कहीं हत्थे चढ़ जाएगा। मगर निर्दोष एसटीएफ को चकमा देकर सीधे शामली पहुंचा और वहीं उसने सरेंडर कर दिया। इसके बाद टीम के हाथ पांव फूले हैं। हालांकि टीम के कुछ सदस्य यहां से वापस चले गए हैं। मगर कुछ सदस्य अभी उसके दूसरे साथी की तलाश में यहीं डेरा डाले हुए हैं। बता दें कि निर्दोष कासगंज के किसी विद्यालय में शिक्षक है और उसने भी किसी से पेपर लेने की बात स्वीकारी है।
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टीईटी का पेपर लीक मामले में पहले जट्टारी हजियापुर के गौरव का नाम सामने आया। जब उसे गिरफ्तार किया तो गोंडा के निर्दोष चौधरी व उसके एक अन्य साथी का नाम आया। इसके बाद से एसटीएफ इन दोनों की तलाश में जुट गई। इन दोनों की तलाश में लगातार टीम यहां डेरा डाले हुए थीं। इस दौरान उनके परिवार से लेकर करीबियों तक से लगातार पूछताछ, उनकी लोकेशन पर काम हो रहा था। टीम को उम्मीद थी कि वह दबाव में यहीं कहीं हत्थे चढ़ जाएगा। मगर निर्दोष एसटीएफ को चकमा देकर सीधे शामली पहुंचा और वहीं उसने सरेंडर कर दिया। इसके बाद टीम के हाथ पांव फूले हैं। हालांकि टीम के कुछ सदस्य यहां से वापस चले गए हैं। मगर कुछ सदस्य अभी उसके दूसरे साथी की तलाश में यहीं डेरा डाले हुए हैं। बता दें कि निर्दोष कासगंज के किसी विद्यालय में शिक्षक है और उसने भी किसी से पेपर लेने की बात स्वीकारी है।
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