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Aligarh News: बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की जांच तेज, 23 नमूने भरे
Sat, 11 Oct 2025 02:21 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 11 Oct 2025 02:21 AM IST
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तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल नामक जहरीला पदार्थ होने से मध्य प्रदेश और राजस्थान में अब तक 20 बच्चों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद जिले में अब तक 23 दवाओं के नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें उल्टी-दस्त, एंटी लर्जिक, सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी में दिए जाने वाले सिरप शामिल हैं।
औषधि विभाग के लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में यह जांच की जा रही है। स्थानीय औषधि विभाग की टीम ने बच्चों को दी जाने वाली दवाओं के नमूने एकत्रित करने के लिए अभियान छेड़ दिया है। अब तक 23 नमूने लिए गए हैं।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर विभागीय टीम ने जिला भंडार गृह, सीएमएस दवा भंडार और तीन बाल अस्पतालों से 23 उत्पादों के नमूने एकत्रित किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लगभग डेढ़ महीने में इसकी रिपोर्ट आएगी। उन्होंने बताया कि इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को दी जाने वाली किसी भी दवा में डायथिलीन ग्लाइकोल जैसे हानिकारक तत्वों की मिलावट न हो। टीमें लगातार नमूने एकत्रित कर रही हैं और परीक्षण प्रक्रिया जारी है।
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गौर हो कि इससे पहले एक अप्रैल से सितंबर तक बच्चों को दी जाने वाली दवाओं के सात नमूने लिए गए थे। इनमें से छह की रिपोर्ट सामान्य आई थी। एक दवा की रिपोर्ट अब तक प्रतीक्षारत है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इसकी रिपोर्ट भी जल्द आएगी।
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औषधि विभाग के लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में यह जांच की जा रही है। स्थानीय औषधि विभाग की टीम ने बच्चों को दी जाने वाली दवाओं के नमूने एकत्रित करने के लिए अभियान छेड़ दिया है। अब तक 23 नमूने लिए गए हैं।
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औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर विभागीय टीम ने जिला भंडार गृह, सीएमएस दवा भंडार और तीन बाल अस्पतालों से 23 उत्पादों के नमूने एकत्रित किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। लगभग डेढ़ महीने में इसकी रिपोर्ट आएगी। उन्होंने बताया कि इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को दी जाने वाली किसी भी दवा में डायथिलीन ग्लाइकोल जैसे हानिकारक तत्वों की मिलावट न हो। टीमें लगातार नमूने एकत्रित कर रही हैं और परीक्षण प्रक्रिया जारी है।
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गौर हो कि इससे पहले एक अप्रैल से सितंबर तक बच्चों को दी जाने वाली दवाओं के सात नमूने लिए गए थे। इनमें से छह की रिपोर्ट सामान्य आई थी। एक दवा की रिपोर्ट अब तक प्रतीक्षारत है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इसकी रिपोर्ट भी जल्द आएगी।