फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Terror of ferocious dogs in Aligarh

खुंखार कुत्ते: तीन महीने में 72000 लोगों को काट चुके, रात को करते घात लगाकर हमला, बाइक सवारों को हैं दौड़ाते

Sun, 13 Apr 2025 11:45 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 13 Apr 2025 11:45 AM IST
सार

छर्रा के नगला नत्थू में कुत्ते के काटने से तीन वर्षीय अंशु पुत्र भोजराज की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं। कुत्ते के काटने के बाद अंशु की मौत हो गई थी। पिता भोजराज ने कहा है कि उन्होंने बेटे को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में लापरवाही बरती, जिससे उनका बेटा आज उनके साथ नहीं है।

विज्ञापन
Terror of ferocious dogs in Aligarh
जिला अस्पताल मलखान सिंह की इमरजेंन्सी के सामने बच्चे पर हमला करते कुत्ते को ईंट मारता बच्चा - फोटो : संवाद

विस्तार

अगर अलीगढ़ नगर निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो महानगर में 60 हजार आवारा कुत्ते हैं। इस समय शहर का कोई चौराहा, गली और मोहल्ला ऐसा नहीं है जहां कुत्तों के झुंड नजर न आते हों। आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। 

विज्ञापन


अगर पिछले तीन महीनों की ही बात करें तो 72000 लोगों पर कुत्तों ने हमला किया है। यह संख्या भी उन लोगों की है जिन्हें जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई है। वरना संख्या तो इससे भी कहीं ज्यादा होगी। लेकिन इतना सब होने के बाद भी नगर निगम और प्रशासन आवारा कुत्तों को पकड़वा नहीं पा रहा है। एक दिन अभियान चलता है फिर खामोश हो जाता है।

विज्ञापन

सड़क पर एक कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। बहुत मुश्किल से बचे।- मोहित चौधरी, सराय हकीम
कुत्ते ने स्कूटी पर चलते समय पैर पर काटा। अस्पताल इंजेक्शन लगवाने आए हैं। - शिवम, कनवरी गंज
कुत्तों का झुंड अचानक हमलावर हुआ था। इंजेक्शन की दूसरी डोज लगवाने आए हैं।- तनिष्का, अलहदादपुर
अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध हैं। जहां तक छर्रा की घटना का सवाल है तो अभी मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। हम जांच करवा रहे हैं। शनिवार को विभाग की टीम भी छर्रा गई थी। जांच के बाद विभाग फैसला लेगा। - नीरज त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

पिता बोले-ऐसी गलती कोई न करें

छर्रा के नगला नत्थू में कुत्ते के काटने से तीन वर्षीय अंशु पुत्र भोजराज की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं। कुत्ते के काटने के बाद अंशु की 11 अप्रैल को मौत हो गई थी। पिता भोजराज ने कहा है कि उन्होंने बेटे को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने में लापरवाही बरती, जिससे उनका बेटा आज उनके साथ नहीं है। दूसरे लोग इसका ध्यान रखें। समय से ही इंजेक्शन लगवा दें। 
जिला अस्पताल मलखान सिंह की ओपीडी के बाहर एक मरीज को कुत्तों ने घेरा
कुत्तों को भगाने के लिए हाथ में ईंट लेकर चलते हैं लोग
मलखान सिंह जिला अस्पताल की ओपीडी में कक्ष संख्या-7 में प्रतिदिन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। अस्पताल परिसर में ही कुत्तों का आतंक देखा जा सकता है। यहां पर कुत्तों से बचने के लिए लोग हाथ में ईंट लेकर बचते हुए निकलते देखे जा सकते हैं। कक्षा संख्या-7 के प्रभारी डॉ. बंगाली सिंह कहते हैं कि कुत्तों के शरीर में पसीने की ग्रंथियां नहीं होती हैं। जिसके चलते उनका पसीना त्वचा से बाहर नहीं आ पाता है। इसी के चलते गर्मियों में कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।

जिले में प्रतिदिन एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने की स्थिति (औसतन)

  • मलखान सिंह जिला अस्पताल- 210
  • दीन दयाल संयुक्त अस्पताल - 190
  • सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर - 400

पिछले पांच दिन में लगातार बढ़े मामले (केवल जिला अस्पताल)
11 अप्रैल - 307
10 अप्रैल - 270
9 अप्रैल- 260
8 अप्रैल - 242
7 अप्रैल - 240

कुत्ता अगर काट ले तो क्या करें ( डॉ. बंगाली सिंह के अनुसार)
  • जहां काटा है वहां 10 मिनट तक बहता हुआ पानी डालें। डेटॉल या सेवलॉन लगाएं
  • इसके तुरंत बाद टीटी का इंजेक्शन लगवा लें
  • अगले 24 घंटे में एआरएस इंजेक्शन लगवाएं। (प्रतिरोधक क्षमता के लिए)
  • अगले 10 दिनों के अंदर एंटी रैबीज वैक्सीन लगवा लें (चार डोज तक)

नियंत्रण के उपाय

नगर निगम ने कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है। इस निजी कंपनी ने जीवनगढ़ में एक केंद्र संचालित किया है। यहां पर कुत्तों को पकड़ कर लाया जाता है और उनका बांध्यकरण किया जाता है। पांच दिन तक कुत्तों को निगरानी में रखने के बाद उनको उसी स्थान पर छोड़ा जाता है जहां से लाया गया था।

बच्चे की मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
थाना छर्रा क्षेत्र के गांव नगला नत्थू में कुत्ते के काटने से 11 अप्रैल की शाम हुई एक बच्चे की मौत के बाद 12 अप्रैल को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मृतक बच्चे के परिजनों से पूरी घटना की जानकारी ली। साथ ही टीम ने कुत्ते के काटने से घायल हुए अन्य लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर रैबीज की वैक्सीन लगवाने को कहा। गांव वालों के लिए रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रैबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए काउंटर खोला जाएगा। इस केंद्र पर रोजाना औसतन 80-100 लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवा रहे हैं।

गौर हो कि लगभग डेढ़ माह पूर्व गांव के एक कुत्ते ने 12 बच्चों को काट लिया था। 11 अप्रैल को तीन वर्षीय अंशु पुत्र भोजराज की मौत हो गई। बच्चे की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी के आदेश पर एमओ डॉ.आशीष कुमार,मलेरिया इंस्पेक्टर राजेश पाठक, हेल्थ सुपरवाइजर भूपेंद्र कुमार की टीम ने 12 अप्रैल की दोपहर लगभग एक बजे गांव पहुंचकर मृतक बच्चे के परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि बच्चे को कुत्ते के काटने के लगभग 20 दिन बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा पर रैबीज की वैक्सीन लगवा दी थी। इसके बाद खेतों में काम के चलते वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना भूल गए। बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चे की 11 अप्रैल को मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में घायलों के घर पर पहुंचकर हाल जानने के साथ उन्हें अस्पताल जाकर वैक्सीन लगवाने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed