भीमपुर इब्राहिम में तनाव: बाहर से आए लोगों ने कराया बवाल, गांव की शांति में लगाई आग
वीडियो फुटेज के जरिए पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई है। जिन्हें दर्ज अलग-अलग मुकदमों में शामिल किया जाएगा। खुफिया तंत्र का सहारा लेकर गांव की गतिविधियों की पूरी निगरानी की जा रही है।
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अलीगढ़ में लोधा के भीमपुर इब्राहिम गांव में 28 जनवरी को हुए बवाल के बाद 29 जनवरी को भी तनाव रहा। करीब 25 घरों पर ताला लटका हुआ है। पुलिस के मुताबिक यह घर उन लोगों के हैं जो बवाल में शामिल थे। कुछ घरों में मिलीं महिलाओं ने साफ कहा कि बवाल उनके गांव के लोगों ने किया ही नहीं है। कुछ बाहरी लोग आए थे, उन्होंने ही पुलिस पर पथराव किया और ग्रामीणों को उकसाया।
महिलाओं ने कहा कि उनके गांव में तो सब शांति और भाईचारे के साथ रहते हैं। कुछ बाहरी लोगों ने ही गांव की शांति में आग लगाने की कोशिश की है। भीमपुर इब्राहिमपुर गांव में लोधी, बघेल और अनुसूचित वर्ग के लोग रहते हैं। गांव में हुए बवाल के मूल में ग्राम समाज की जमीन पर खाली पड़े दो प्लॉट बताए जा रहे हैं। एक प्लॉट पर बघेल समाज के लोग मंदिर का निर्माण कराना चाह रहे थे तो दूसरे पर अनुसूचित जाति के लोग आंबेडकर की मूर्ति लगाने की तैयारी में थे।
जब मंदिर निर्माण के लिए नींव रखी गई तो एक पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर का निर्माण रुकवा दिया। इसी बीच दूसरे पक्ष ने एक प्ल़ॉट पर आंबेडकर की मूर्ति लगा दी। मगर पुलिस इसे नहीं हटवा सकी। बस यहीं से विवाद शुरू होता चला गया। मंगलवार को जब पुलिस ने मूर्ति हटाई तो बवाल हो गया। इस बवाल से गांव में तनाव है। अधिकांश पुरुष गांव से गायब हैं केवल महिलाएं ही यहां नजर आ रही थीं।
जब इनसे बात की गई तो गांव की गीता, सुनीता, राजेश्वरी देवी, विमलेश ने कहा कि बेवजह ही बात बढ़ गई। गांव में सब कुछ ठीक चल रहा था। दूसरे गांवों के लोग आ गए उन्होंने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव कर डाला और कुछ वाहनों में आग लगा दी। गांव में दुकान चलाने वालीं लज्जो देवी ने कहा कि वह तो अपनी रिश्तेदारी में गमी में शामिल होकर गांव पहुंची थीं। तब पता चला कि बवाल हो गया है। पापी पेट का सवाल है। अब वह क्या करें। अगर दुकान न खोली तो घर का खर्चा कैसे चलेगा।
स्कूल खुला...बच्चे नहीं पहुंचे
गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने के लिए शिक्षक तो पहुंचे लेकिन बच्चे नहीं आए थे। कुछ देर इंतजार करने के बाद शिक्षक भी अपने घरों को लौट गए थे। माना जा रहा है कि गांव में तनाव के चलते लोगों ने अपने बच्चों को भी स्कूल नहीं भेजा। गांव के इस स्कूल में 140 बच्चे पढ़ते हैं।
वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान
वीडियो फुटेज के जरिए पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी हुई है। जिन्हें दर्ज अलग-अलग मुकदमों में शामिल किया जाएगा। खुफिया तंत्र का सहारा लेकर गांव की गतिविधियों की पूरी निगरानी की जा रही है। एक मीडिया कर्मी की बाइक जलाने के मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस गांव में आने-जाने वाले लोगों की भी निगरानी कर रही है। पुलिस अधिकारी यह भी प्रयास कर रहे हैं कि गांव में किसी भी तरह से अशांति न फैले।