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टेली लॉ प्रोजेक्ट से बनी जरूरतमंद लोगों की राह आसान
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तूलिका बंधु, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव
- फोटो : CITY OFFICE
कानूनी गलियों में भटक रहे जरूरतमंद लोगों को ऽटेली लॉ प्रोजेक्टऽ से रास्ता मिलेगा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की मदद से यह प्रोजेक्ट हर जिले में लागू किया गया है। अब कोई भी व्यक्ति वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अनुभवी वकील से विधिक राय ले सकता है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर यह सुविधा उपलब्ध है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तूलिका बंधु ने बताया कि टेली-लॉ, स्थानीय स्तर पर गरीब तक न्याय / विधिक सहायता पहुंचाने का माध्यम है। ग्राम पंचायत स्तर पर अनुभवी वकीलों से पीड़ितों को मदद मिलेगी।
प्राधिकरण प्रवक्ता उपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीएससी पर मौजूद टेली-लॉ परा विधिक स्वयं सेवक (टीपीएलवी) पीड़ित का आवेदन व दस्तावेज कंप्यूटर पर अपलोड कर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से नियुक्त अधिवक्ता पैनल से तारीख व समय लेकर पी?ित को बुलाया जाता है। पीड़ित की अनुभवी वकील से वीडियो कांफ्रेंसिंग व मोबाइल के जरिये बात होती है। नागरिक / पीड़ित सीधे सीएससी पहुंच कर अपना मामला रजिस्टर करा सकता है। एसएमएस पर जानकारी मिलते ही निर्धारित तिथि व समय पर सीएससी पहुंचकर सलाह ले सकते हैं। अभी तक टेली-लॉ व एप के जरिये 109 मामले पंजीकृत हुए हैं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीगढ़ द्वारा नियुक्त टेली-लॉ परा विधिक स्वयं सेवक पूनम शर्मा चंदनियां चौक स्थित सीएससी पर यह सुविधा उपलब्ध करा रहीं हैं। उनसे मोबाइल नंबर 9808160407 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक, घरेलू हिंसा से बचाव, महिला बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन, यौन दुर्व्यवहार, छेड़छाड़, जमीन-जायदाद व संपत्ति का अधिकार, महिला पुरुष के लिए समान मजदूरी, मातृत्व लाभ, लिंग जाँच व भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह रोकथाम, बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण, बाल मजदूरी, बच्चों के शिक्षा के अधिकार, एफआईआर लिखवाने और जमानत मिलने की प्रक्रिया, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार और पुनर्निवास मामले की सलाह ली जा सकती है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तूलिका बंधु ने बताया कि टेली-लॉ, स्थानीय स्तर पर गरीब तक न्याय / विधिक सहायता पहुंचाने का माध्यम है। ग्राम पंचायत स्तर पर अनुभवी वकीलों से पीड़ितों को मदद मिलेगी।
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प्राधिकरण प्रवक्ता उपेंद्र मिश्रा ने बताया कि सीएससी पर मौजूद टेली-लॉ परा विधिक स्वयं सेवक (टीपीएलवी) पीड़ित का आवेदन व दस्तावेज कंप्यूटर पर अपलोड कर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से नियुक्त अधिवक्ता पैनल से तारीख व समय लेकर पी?ित को बुलाया जाता है। पीड़ित की अनुभवी वकील से वीडियो कांफ्रेंसिंग व मोबाइल के जरिये बात होती है। नागरिक / पीड़ित सीधे सीएससी पहुंच कर अपना मामला रजिस्टर करा सकता है। एसएमएस पर जानकारी मिलते ही निर्धारित तिथि व समय पर सीएससी पहुंचकर सलाह ले सकते हैं। अभी तक टेली-लॉ व एप के जरिये 109 मामले पंजीकृत हुए हैं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलीगढ़ द्वारा नियुक्त टेली-लॉ परा विधिक स्वयं सेवक पूनम शर्मा चंदनियां चौक स्थित सीएससी पर यह सुविधा उपलब्ध करा रहीं हैं। उनसे मोबाइल नंबर 9808160407 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक, घरेलू हिंसा से बचाव, महिला बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन, यौन दुर्व्यवहार, छेड़छाड़, जमीन-जायदाद व संपत्ति का अधिकार, महिला पुरुष के लिए समान मजदूरी, मातृत्व लाभ, लिंग जाँच व भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह रोकथाम, बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण, बाल मजदूरी, बच्चों के शिक्षा के अधिकार, एफआईआर लिखवाने और जमानत मिलने की प्रक्रिया, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार और पुनर्निवास मामले की सलाह ली जा सकती है।