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पढ़ाने में आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल करें शिक्षक : कुलपति
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एएमयू के अजमल खां तिब्बिया कॉलिज के अमराज-ए-जिल्द व जोहराविया विभाग की ओर से यूनानी मेडिसिन में टेलीडर्माटोलॉजी व कोविड-19 से लड़ने में होने वाली कठिनाइयां विषय पर वेबीनॉर का आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों व देशव्यापी तालाबंदी के दृष्टिगत शिक्षकों को चाहिए कि वह इंटरनेट का प्रयोग करते हुए शिक्षण व अध्ययन के आधुनिक संसाधनों का उपयोग करें व तालाबंदी से छात्रों को होने वाले पढ़ाई के नुकसान को पूरा करने में उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनमें इंटरनेट पर उपलब्ध शिक्षण व परीक्षा के ऑनलाइन तरीकों का प्रयोग शामिल है। प्रो. मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के युवा शिक्षकों को चाहिए कि वह वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षण व परीक्षा के आधुनिक तरीकों के प्रयोग की विधि समझने में उनकी सहायता करें।
सीसीआरयूएम के डायरेक्टर जनरल व आयुष मंत्रालय के अंतर्गत सीसीआईएम के बोर्ड ऑफ गवर्नरस के सदस्य प्रो. आसिम अली खान, उत्तर प्रदेश सरकार की यूनानी सेवा के निदेशक प्रो. सिकंदर एस. सिद्दीकी आदि ने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर गर्वनमेंट तकमील-उत-तिब कॉलेज, लखनऊ के प्राचार्य प्रो. जमाल अख्तर, सीसीआरयूएम के पूर्व निदेशक प्रो. शाकिर जमील, मुंबई के डॉ. खालिद शेख, एएमयू के डॉ. जमीर अहमद, यूनानी मेडिसिन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एमएमएच सिद्दीकी आदि मौजूद रहे। अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सऊद अली खान ने समापन भाषण प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष व कार्यक्रम सचिव प्रो. शगुफ्ता अलीम ने आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. मोहम्मद मोहसिन ने किया।
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कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों व देशव्यापी तालाबंदी के दृष्टिगत शिक्षकों को चाहिए कि वह इंटरनेट का प्रयोग करते हुए शिक्षण व अध्ययन के आधुनिक संसाधनों का उपयोग करें व तालाबंदी से छात्रों को होने वाले पढ़ाई के नुकसान को पूरा करने में उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिनमें इंटरनेट पर उपलब्ध शिक्षण व परीक्षा के ऑनलाइन तरीकों का प्रयोग शामिल है। प्रो. मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय के युवा शिक्षकों को चाहिए कि वह वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षण व परीक्षा के आधुनिक तरीकों के प्रयोग की विधि समझने में उनकी सहायता करें।
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सीसीआरयूएम के डायरेक्टर जनरल व आयुष मंत्रालय के अंतर्गत सीसीआईएम के बोर्ड ऑफ गवर्नरस के सदस्य प्रो. आसिम अली खान, उत्तर प्रदेश सरकार की यूनानी सेवा के निदेशक प्रो. सिकंदर एस. सिद्दीकी आदि ने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर गर्वनमेंट तकमील-उत-तिब कॉलेज, लखनऊ के प्राचार्य प्रो. जमाल अख्तर, सीसीआरयूएम के पूर्व निदेशक प्रो. शाकिर जमील, मुंबई के डॉ. खालिद शेख, एएमयू के डॉ. जमीर अहमद, यूनानी मेडिसिन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एमएमएच सिद्दीकी आदि मौजूद रहे। अजमल खां तिब्बिया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सऊद अली खान ने समापन भाषण प्रस्तुत किया। विभागाध्यक्ष व कार्यक्रम सचिव प्रो. शगुफ्ता अलीम ने आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. मोहम्मद मोहसिन ने किया।
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