Aligarh News: मुस्लिम शिक्षकों के निशाने पर आईं ताहिरा बोलीं- तिलक लगाने से नहीं होता धर्म भ्रष्ट, जाने क्या है पूरा मामला?
खंड शिक्षाधिकारी को तिलक लगाने के चलते मुस्लिम शिक्षिका ताहिरा परवीन मुस्लिम शिक्षकों के निशाने पर आ गई हैं। शिक्षिका के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की गई। इसके जवाब में उन्होंने कहा है कि तिलक लगाने से उनका धर्म भ्रष्ट नहीं होता है।
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अलीगढ़ में खंड शिक्षाधिकारी को तिलक लगाने से मुस्लिम शिक्षकों के निशाने पर आईं मुस्लिम शिक्षिका ताहिरा परवीन ने कट्टर सोच रखने वाले को आडे़ हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तिलक लगाने से उनका धर्म भ्रष्ट नहीं होता, बल्कि इस पर टीका टिप्पणी करने वाले का दिमाग भ्रष्ट होता है।
विकासखंड जवां के उच्च प्राथमिक विद्यालय छेरत सूढ़ियावली में प्रधानाध्यापिका पद पर तैनात ताहिरा परवीन ने कहा कि शिक्षिका होने के नाते उनका पहला धर्म इंसानियत है। वह सामाजिक प्राणी हैं। तिलक लगाने से उनका धर्म बिल्कुल परिवर्तन नहीं हुआ। तिलक लगाना भारतीय संस्कृति है। मुस्लिम शिक्षक उनके बारे में क्या कहते हैं, उन पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनकी सोच पवित्र है।
उन्होंने कहा कि तिलक लगाने का फोटो शिक्षक मोहम्मद अहमद ने उनके उस व्हाट्सएप ग्रुप में डाला, जिसमें वह नहीं हैं। फोटो को लेकर अमर्यादित टिप्पणी की है। शिक्षक मोहम्मद अहमद ने बताया कि वह इस्लाम को मानते हैं, इसलिए तिलक लगाना गलत है। उन्होंने जो बात कही है, वह सही है। गलत को गलत कहना उनका संवैधानिक अधिकार है।
बता दें कि 15 जून को शिक्षिका ताहिरा ने खंड शिक्षाधिकारी सतीश चंद्र मिश्रा के कार्यभार ग्रहण करने पर उनका तिलक लगाकर स्वागत किया था। इसके बाद शिक्षिका के खिलाफ मुस्लिम शिक्षक आ गए थे। व्हाट्सएप ग्रुप पर शिक्षकों ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिक्षिका ने इसकी शिकायत बीएसए से कर दी है। बीएसए ने इस मामले में जांच करने का जिम्मा खंड शिक्षाधिकारी को सौंप दिया। बीएसए सतेंद्र कुमार ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।