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चाय में गिरी छिपकली नौ की हालत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2016 01:26 AM IST
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चाय में गिरी छिपकली नौ की हालत बिगड़ी।
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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रविवार को सुबह गांव अंडला में एक घर में बन रही चाय में छिपकली गिर गई, जिसकी परिवार के लोगों को भनक नहीं लगी। जब पतीली खाली होने के बाद छिपकली दिखी तो उनके होश उड़ गये। लेकिन जब तक छ: बच्चों सहित नौ लोग चाय पी चुके थे।
छिपकली का पता लगते ही उन सबकी हालत बिगड़ने लगी। सभी को पहले जिला चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां उपचार न मिलने पर उनको नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया। जहां इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
गांव अंडला निवासी राकेश कुमार पुत्र खुशीराम राजमिस्त्री का कार्य करता है। शनिवार को उसके साले सुभाष की पत्नी व बच्चे घर आये हुये थे। रोजाना की तरह रविवार की सुबह राकेश की पत्नी कुसुमा ने चूल्हे पर चाय बनाने के लिये पतीली में रख दी।
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पता नहीं कब उसमें छिपकली गिर गई और चाय के साथ उबलती रही। बच्चे बाहर खेल रहे थे, जबकि बड़े शौच के लिये जंगल गये थे। जैसे जैसे वे आते गये कुसमा चाय छान कर देती गई। जब आखिरी में चाय छान कर दी तो पतीली में छिपकली दिखी। जिसे देखते ही सबकी हालत बिगड़ गई।
आशु, प्रशांत, मनीष पुत्रगण राकेश, सिंघम, जीवन, परदेशी पुत्रगण सुभाष व राकेश, कुसुमा व रजनी ने उल्टियां करनी शुरू कर दीं। आस पड़ोस व अन्य परिजन उन्हें गाड़ी में डालकर अलीगढ़ जिला अस्पताल ले गये। लेकिन वहां उपचार न होने पर उन्हें नर्सिंग होम ले गये। जहां उपचार से राहत मिलने के बाद दोपहर को घर पहुंच गये। ब्यूरो
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छिपकली का पता लगते ही उन सबकी हालत बिगड़ने लगी। सभी को पहले जिला चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां उपचार न मिलने पर उनको नर्सिंग होम में दाखिल कराया गया। जहां इलाज के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
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गांव अंडला निवासी राकेश कुमार पुत्र खुशीराम राजमिस्त्री का कार्य करता है। शनिवार को उसके साले सुभाष की पत्नी व बच्चे घर आये हुये थे। रोजाना की तरह रविवार की सुबह राकेश की पत्नी कुसुमा ने चूल्हे पर चाय बनाने के लिये पतीली में रख दी।
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पता नहीं कब उसमें छिपकली गिर गई और चाय के साथ उबलती रही। बच्चे बाहर खेल रहे थे, जबकि बड़े शौच के लिये जंगल गये थे। जैसे जैसे वे आते गये कुसमा चाय छान कर देती गई। जब आखिरी में चाय छान कर दी तो पतीली में छिपकली दिखी। जिसे देखते ही सबकी हालत बिगड़ गई।
आशु, प्रशांत, मनीष पुत्रगण राकेश, सिंघम, जीवन, परदेशी पुत्रगण सुभाष व राकेश, कुसुमा व रजनी ने उल्टियां करनी शुरू कर दीं। आस पड़ोस व अन्य परिजन उन्हें गाड़ी में डालकर अलीगढ़ जिला अस्पताल ले गये। लेकिन वहां उपचार न होने पर उन्हें नर्सिंग होम ले गये। जहां उपचार से राहत मिलने के बाद दोपहर को घर पहुंच गये। ब्यूरो