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गोपी हत्याकांड में एक साथ नामजद हुए थे सुरेश और वसीम
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Mon, 14 Aug 2017 02:01 AM IST
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सराय बैरागी निवासी शीला देवी ने बन्नादेवी में लिखवाया था मुकदमा
- फोटो : अमर उजाला
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अभिषेक शर्मा
रेलवे रोड से ऊपरकोट तक पूरे शहर को दहशत में लाने वाले दोहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। इस हत्या के आरोपी सुरेश कचौड़ी वाला और वसीम उर्फ भीम दोनों एक ही मुकदमे में एक साथ हत्यारोपी बनाए गए थे। सुरेश कचौड़ी वाला ने हाल ही में वसीम और उसके सगे भाई आशू की हत्या की है और अब जेल में है।
मामला 22 सितंबर 2006 का है। इसी दिन थाना बन्नादेवी में अपराध संख्या 358 के तहत हत्या की धारा 302 और साजिश करने की धारा 120 बी में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें सुरेश कचौड़ी वाला और वसीम दोनों को एक साथ हत्यारोपी बनाए गए थे।
वादी शीला देवी पत्नी स्व.जवाहर लाल निवासी सराय बैरागी थाना गांधीपार्क की ओर से ये मुकदमा लिखवाया गया। जिसमें घटनास्थल चंद्रा मार्केट रेलवे रोड था। इस मुकदमे में सरदार निर्मल सिंह टी संस रेलवे रोड थाना बन्ना देवी, कालू राधाचरण, भीम उर्फ वसीम पुत्र हबीब निवासी सराय बैरागी, सुरेश कचौड़ी वाला ऊर्फ सुरेश सैनी को आरोपी बनाया गया।
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आरोप है कि अभियुक्तगण वादिया के पुत्र गोपी को बहला फुसलाकर ले गए और उसके बाद उसकी साजिश के तहत गोली मार कर हत्या कर दी। गोपी की लाश खैर रोड इलाके में बरामद हुई थी। गोपी पर भी रंगदारी वसूलने का आरोप था।
सूत्रों के अनुसार इस मुकदमे के बाद वर्ष 2011 में सुरेश ने जब अपना पिस्टल का लाइसेंस बनवाया तो उसमें शपथ पत्र दिया गया कि उक्त मामले की विवेचना में उसको बाहर कर दिया गया है। इस प्रकरण में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
लेकिन पुलिस के सूत्रों में अंदरखाने इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा है कि जब सुरेश और वसीम इस तरह से साथी थे, तो अब इनके झगड़े में पूरा शहर क्यों बंट रहा है?
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रेलवे रोड से ऊपरकोट तक पूरे शहर को दहशत में लाने वाले दोहरे हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। इस हत्या के आरोपी सुरेश कचौड़ी वाला और वसीम उर्फ भीम दोनों एक ही मुकदमे में एक साथ हत्यारोपी बनाए गए थे। सुरेश कचौड़ी वाला ने हाल ही में वसीम और उसके सगे भाई आशू की हत्या की है और अब जेल में है।
मामला 22 सितंबर 2006 का है। इसी दिन थाना बन्नादेवी में अपराध संख्या 358 के तहत हत्या की धारा 302 और साजिश करने की धारा 120 बी में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें सुरेश कचौड़ी वाला और वसीम दोनों को एक साथ हत्यारोपी बनाए गए थे।
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वादी शीला देवी पत्नी स्व.जवाहर लाल निवासी सराय बैरागी थाना गांधीपार्क की ओर से ये मुकदमा लिखवाया गया। जिसमें घटनास्थल चंद्रा मार्केट रेलवे रोड था। इस मुकदमे में सरदार निर्मल सिंह टी संस रेलवे रोड थाना बन्ना देवी, कालू राधाचरण, भीम उर्फ वसीम पुत्र हबीब निवासी सराय बैरागी, सुरेश कचौड़ी वाला ऊर्फ सुरेश सैनी को आरोपी बनाया गया।
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आरोप है कि अभियुक्तगण वादिया के पुत्र गोपी को बहला फुसलाकर ले गए और उसके बाद उसकी साजिश के तहत गोली मार कर हत्या कर दी। गोपी की लाश खैर रोड इलाके में बरामद हुई थी। गोपी पर भी रंगदारी वसूलने का आरोप था।
सूत्रों के अनुसार इस मुकदमे के बाद वर्ष 2011 में सुरेश ने जब अपना पिस्टल का लाइसेंस बनवाया तो उसमें शपथ पत्र दिया गया कि उक्त मामले की विवेचना में उसको बाहर कर दिया गया है। इस प्रकरण में पुलिस के आला अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
लेकिन पुलिस के सूत्रों में अंदरखाने इस बात को लेकर जबरदस्त चर्चा है कि जब सुरेश और वसीम इस तरह से साथी थे, तो अब इनके झगड़े में पूरा शहर क्यों बंट रहा है?