रविवार को पूरे दिन शहर के आसमान पर धुंध छाई रही। शहर से लेकर देहात तक सभी हाईवे पर ऐसा ही नजारा रहा। आंखों में जलन भी हुई क्योंकि वायु प्रदूषण बढ़ा है। इसका कारण हाईवे निर्माण, विकास कार्य और मैदानों से उड़ रही धूल व वाहनों का जहरीला धुआं है। इसके अति सूक्ष्म कण वायु मंडल की ऊपरी सतह में जमा हो रहे हैं और बारिश नहीं होने के कारण वो कण यथावत हैं। इसकी वजह से धुंध हो रही है।
एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद ने बताया कि दिसंबर में बारिश होने के बाद इससे कुछ राहत मिलेगी। फिलहाल धुंध की स्थिति बनी रहेगी। नवंबर का पूरा महीना ऐसे ही गुजर जाएगा। इसमें राहत की उम्मीद कम है। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ का पूरा क्षेत्र ड्राई लैंड यानी सूखे क्षेत्र में है। इसकी वजह औसत से कम 55 से 60 मिली बारिश का होना है, जो औसत बारिश 250 मिली से आधा भी नहीं है। सर्दी के मौसम में बारिश होने के बाद ही राहत मिलेगी। धुंध के कारण ही लोगों को आंखों में जलन हो रही है। ये जलन शहरी इलाकों में ज्यादा हो रही है, क्योंकि यहां वाहनों के वायु प्रदूषण का जहरीला धुआं भी ऊपर के वायु मंडल में उसी तरह से जमा हो रहा है जिस तरह से धूल के कण। ऐसे में लोगों को फिलहाल बारिश का इंतजार करना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी योजनाएं बनानी होगी जिससे एक बार में समग्रता से काम हो सकें। बार बार धूल की नौबत न आए।