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यूक्रेन से लौटे सुमित ने कहा- यूक्रेन सीमा पर ठंड में काटी रात, मंजर देखकर बैठ रहा था दिल
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यूक्रेन में फंसे सुमित यादव स्वदेश पहुंचे।
- फोटो : CITY OFFICE
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे सुमित यादव ने स्वदेश वापसी पर कहा कि वह ईश्वर की कृपा और पीएम मोदी के प्रयास से ही स्वदेश पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यूक्रेन सीमा पर कड़ाके की ठंड में उन्होंने रात काटी है, जो ताउम्र याद रहेगी।
बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट दिल्ली पहुंचे सुमित को लेने उनकी मां मीना यादव गई थीं। स्वर्ण जयंती नगर निवासी व आकाशवाणी दिल्ली में असिस्टेंट इंजीनियर मोर मुकुट यादव के बेटे सुमित इवानो के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। जैसे ही सुमित ने अपनी मां को देखा, उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। दोनों गले लगकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। सुमित ने कहा कि रोमानिया में पहुंचने पर सारी दिक्कतें खत्म हो गई थीं, जो दिक्कतें थीं वह यूक्रेन में थीं। उन्होंने कहा कि हॉस्टल के अधिकारियों ने रोमानिया सीमा तक पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम किया था।
बस ने करीब आठ किलोमीटर पहले छोड़ दिया। पैदल चलकर वहां पहुंचे। रोमानिया पहुंचने के लिए कई घंटे लाइन में लगना पड़ा। करीब 12 घंटे तक लाइन में लगा रहा। रोमानिया पहुंचने पर उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। खाने-पीने का सब इंतजाम था। सुमित ने कहा कि हवाई जहाज में बैठने पर ही उन्हें सुकून मिला और ईश्वर और पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया, जिनकी बदौलत आज वह अपने घर पर सही सलामत पहुंच सके हैं। यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे विद्यार्थियों के आने का लगातार सिलसिला जारी है।
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बृहस्पतिवार को एयरपोर्ट दिल्ली पहुंचे सुमित को लेने उनकी मां मीना यादव गई थीं। स्वर्ण जयंती नगर निवासी व आकाशवाणी दिल्ली में असिस्टेंट इंजीनियर मोर मुकुट यादव के बेटे सुमित इवानो के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। जैसे ही सुमित ने अपनी मां को देखा, उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। दोनों गले लगकर एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। सुमित ने कहा कि रोमानिया में पहुंचने पर सारी दिक्कतें खत्म हो गई थीं, जो दिक्कतें थीं वह यूक्रेन में थीं। उन्होंने कहा कि हॉस्टल के अधिकारियों ने रोमानिया सीमा तक पहुंचाने के लिए बस का इंतजाम किया था।
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बस ने करीब आठ किलोमीटर पहले छोड़ दिया। पैदल चलकर वहां पहुंचे। रोमानिया पहुंचने के लिए कई घंटे लाइन में लगना पड़ा। करीब 12 घंटे तक लाइन में लगा रहा। रोमानिया पहुंचने पर उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। खाने-पीने का सब इंतजाम था। सुमित ने कहा कि हवाई जहाज में बैठने पर ही उन्हें सुकून मिला और ईश्वर और पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया, जिनकी बदौलत आज वह अपने घर पर सही सलामत पहुंच सके हैं। यूक्रेन से रोमानिया पहुंचे विद्यार्थियों के आने का लगातार सिलसिला जारी है।
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