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जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर किया जाए अमल : अनूप प्रधान
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कलक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियो के साथ वार्ता करती डीएम सेल्वा कुमारी।
- फोटो : CITY OFFICE
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बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासन एवं पुलिस विभाग की समन्वय संवाद बैठक में जनसमस्याओं के निस्तारण के लिए सुझाव लिए गए। राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने बैठक में कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों का समय से जवाब देने के साथ ही उठाई गई समस्याओं का निस्तारण एवं दिए गए सुझावों पर अधिकारी अमल करें।
विशेष दिवसों के आयोजन में औपचारिकता न रहें, इससे सरकार की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के जनसामान्य एवं किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं जैसे कुराबंदी, खतौनी में नाम आदि की त्रुटियां, धारा 24 आदि का पूर्ण संवेदनशीलता के साथ तहसील स्तर पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी तहसीलों पर आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाना उचित होगा।
सांसद सतीश गौतम ने कहा कि जनपद में कोई बड़ी कार्रवाई करने से पूर्व पुलिस एवं प्रशासन जनप्रतिनिधियों को अवश्य अवगत कराया जाए। अराजपत्रित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संविदा कार्मिकों द्वारा निर्देशों का अनुपालन समय से न करने पर पुलिस-प्रशासन के साथ ही सरकार की छवि भी धूमिल होती है। कोल विधायक अनिल पाराशर ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए विधानसभावार नोडल अधिकारी नामित करने का सुझाव रखा। कहा कि विकास एवं निर्माण कार्यों का निर्माण स्थल पर ही कार्यदायी संस्था द्वारा डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
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शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने शहर में पीने के पानी की समस्या एवं सड़कों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। पंचायत सचिव व लेखपालों को भी सीयूजी नंबर दिए जाने का सुझाव दिया। छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह ने मिट्टी खनन की समय से अनुमति न मिलने से आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी। विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी ने विद्यालयों के खुलने से पूर्व नहर की पटरियों पर पड़ी सिल्ट को हटवाने का सुझाव दिया। एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों को भी उपस्थित रहने का सुझाव दिया। एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जिलास्तर से आदेश होने के बाद भी तहसील स्तर पर उसका अनुपालन न होने पर कड़ी नाराजगी जतायी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ठा. श्यौराज सिंह ने शहर की बेहतर जलनिकासी व्यवस्था के लिए क्वार्सी-सिंधौली नाले की सफाई कराने का सुझाव रखा। उन्होंने जिला पंचायत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे नाला निर्माण में अवरोध होने पर पुलिस- प्रशासन से सहयोग मांगा।
डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि जिला एवं पुलिस-प्रशासन जनप्रतिनिधियों एवं जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील है। जनप्रतिनिधियों के भेजे जाने वाले पत्रों का समय से जवाब देने के साथ ही उनके उपयोगी सुझावों पर अमल भी किया जा रहा है। बैठक में पूर्व विधायक संजीव राजा, भाजपा नेता प्रवीन राज सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल, एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल, एडीएम प्रशासन डीपी पाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा मौजूद रहे।
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विशेष दिवसों के आयोजन में औपचारिकता न रहें, इससे सरकार की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों के जनसामान्य एवं किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं जैसे कुराबंदी, खतौनी में नाम आदि की त्रुटियां, धारा 24 आदि का पूर्ण संवेदनशीलता के साथ तहसील स्तर पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी तहसीलों पर आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय बनाया जाना उचित होगा।
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सांसद सतीश गौतम ने कहा कि जनपद में कोई बड़ी कार्रवाई करने से पूर्व पुलिस एवं प्रशासन जनप्रतिनिधियों को अवश्य अवगत कराया जाए। अराजपत्रित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संविदा कार्मिकों द्वारा निर्देशों का अनुपालन समय से न करने पर पुलिस-प्रशासन के साथ ही सरकार की छवि भी धूमिल होती है। कोल विधायक अनिल पाराशर ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निराकरण के लिए विधानसभावार नोडल अधिकारी नामित करने का सुझाव रखा। कहा कि विकास एवं निर्माण कार्यों का निर्माण स्थल पर ही कार्यदायी संस्था द्वारा डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।
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शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने शहर में पीने के पानी की समस्या एवं सड़कों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। पंचायत सचिव व लेखपालों को भी सीयूजी नंबर दिए जाने का सुझाव दिया। छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह ने मिट्टी खनन की समय से अनुमति न मिलने से आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दी। विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी ने विद्यालयों के खुलने से पूर्व नहर की पटरियों पर पड़ी सिल्ट को हटवाने का सुझाव दिया। एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों को भी उपस्थित रहने का सुझाव दिया। एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जिलास्तर से आदेश होने के बाद भी तहसील स्तर पर उसका अनुपालन न होने पर कड़ी नाराजगी जतायी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ठा. श्यौराज सिंह ने शहर की बेहतर जलनिकासी व्यवस्था के लिए क्वार्सी-सिंधौली नाले की सफाई कराने का सुझाव रखा। उन्होंने जिला पंचायत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बनाए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे नाला निर्माण में अवरोध होने पर पुलिस- प्रशासन से सहयोग मांगा।
डीएम सेल्वा कुमारी जे. ने कहा कि जिला एवं पुलिस-प्रशासन जनप्रतिनिधियों एवं जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील है। जनप्रतिनिधियों के भेजे जाने वाले पत्रों का समय से जवाब देने के साथ ही उनके उपयोगी सुझावों पर अमल भी किया जा रहा है। बैठक में पूर्व विधायक संजीव राजा, भाजपा नेता प्रवीन राज सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल, एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल, एडीएम प्रशासन डीपी पाल, सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा मौजूद रहे।