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अंकपत्र पर प्रमोट लिखे जाने से छात्र-छात्राओं को लगा झटका
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यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम भले ही शनिवार को आ गया हो, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों के कुछ परीक्षार्थियों के अंकपत्र पर अंक की बजाय प्रमोट लिखे होने से वह निराशा हो गए हैं। शिक्षक नेता व पूर्व एमएलसी जगवीर किशोर जैन ने कहा कि वह परिणाम से खुश नहीं हैं, क्योंकि कुछ परीक्षार्थियों का रिजल्ट अटक जाने से मेधावियों को झटका लगा है।
बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज के प्राचार्य अंबुज जैन ने बताया कि कॉलेज की स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी। हाईस्कूल की मान्यता वर्ष 1968 में मिली थी, लेकिन यह पहली बार हुआ है, जब इस कॉलेज के कई परीक्षार्थियों का परीक्षाफल अटक गया। उन्होंने कहा कि इस बारे में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ को सोमवार को अवगत कराएंगे। पूर्व एमएलसी जगवीर किशोर जैन ने कहा कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में अनियमितता बरती गई हैं। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि रिजल्ट रुकने और अंक न दिखने की दिक्कतें उन्हें बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें भी दिक्कत है, वह अपना प्रत्यावेदन दे सकते हैं, जिसे क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा। डीआईओएस ने कहा कि जिन कॉलेज के रिजल्ट में गड़बड़ी है, वह क्षेत्रीय कार्यालय में 0121-2660742 पर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
परिणाम के निष्कर्ष आश्चर्यजनक : रक्षपाल
डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ आगरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल का 99.5 व इंटर का 97.8 फीसदी रिकार्ड तोड़ परीक्षाफल रहने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के 7वें, 8वें व 9वें दशकों में 25 से 40 फीसदी के बीच परीक्षा परिणाम आते थे, लेकिन 21वीं सदी के दूसरे दशक में जब निजी स्कूलों की प्रदेश में बाढ़ आ गई तो 80 से 90 फीसदी के बीच बोर्ड परीक्षाफल मिलने लगे हैं। इस वर्ष जब स्कूलों में पढ़ाई कतई नहीं हुई तो परीक्षा परिणाम 100 फीसदी के आसपास आ रहे हैं।
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बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज के प्राचार्य अंबुज जैन ने बताया कि कॉलेज की स्थापना वर्ष 1964 में हुई थी। हाईस्कूल की मान्यता वर्ष 1968 में मिली थी, लेकिन यह पहली बार हुआ है, जब इस कॉलेज के कई परीक्षार्थियों का परीक्षाफल अटक गया। उन्होंने कहा कि इस बारे में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ को सोमवार को अवगत कराएंगे। पूर्व एमएलसी जगवीर किशोर जैन ने कहा कि परीक्षा परिणाम तैयार करने में अनियमितता बरती गई हैं। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि रिजल्ट रुकने और अंक न दिखने की दिक्कतें उन्हें बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन्हें भी दिक्कत है, वह अपना प्रत्यावेदन दे सकते हैं, जिसे क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया जाएगा। डीआईओएस ने कहा कि जिन कॉलेज के रिजल्ट में गड़बड़ी है, वह क्षेत्रीय कार्यालय में 0121-2660742 पर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
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परिणाम के निष्कर्ष आश्चर्यजनक : रक्षपाल
डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ आगरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने यूपी बोर्ड के हाईस्कूल का 99.5 व इंटर का 97.8 फीसदी रिकार्ड तोड़ परीक्षाफल रहने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी के 7वें, 8वें व 9वें दशकों में 25 से 40 फीसदी के बीच परीक्षा परिणाम आते थे, लेकिन 21वीं सदी के दूसरे दशक में जब निजी स्कूलों की प्रदेश में बाढ़ आ गई तो 80 से 90 फीसदी के बीच बोर्ड परीक्षाफल मिलने लगे हैं। इस वर्ष जब स्कूलों में पढ़ाई कतई नहीं हुई तो परीक्षा परिणाम 100 फीसदी के आसपास आ रहे हैं।
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