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अब एएमयू से ऑनलाइन स्नातक और स्नातकोत्तर कर सकेंगे पूरी दुनिया के छात्र
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय स्नातक और स्नातकोतर की शिक्षा ऑनलाइन माध्यम से भी प्रदान कर सकेगा। इसके लिए भारत सरकार ने विश्वविद्यालय को मंजूरी दे दी है। इसके बाद पूरी दुनिया में किसी भी देश के छात्र अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ऑनलाइन ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल कर सकेंगे।
भारत सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद एएमयू ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रारंभिक प्रस्तावक बन गया है। यह पाठ्यक्रम सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। एएमयू यूजीसी के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स एंड ऑनलाइन प्रोग्राम्स विनियम 2020 की शर्तों को पूरा करने के बाद ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने वाले पहले कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है।
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि ऑनलाइन स्नातक और स्नातकोतर पाठ्यक्रमों की शुरुआत के बाद एएमयू में वैश्विक आउटरीच बढ़ेगा। विश्वविद्यालय सभी को सस्ती शिक्षा प्रदान करने के अपने लक्ष्य में आगे बढ़ेगा और सफल होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने की अनुमति दिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है।
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प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि ऑनलान शिक्षा व्यवस्था से एक ही समय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश में होने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सकता है। ऑनलाइन डिग्री कम लागत पर दी जाएगी और उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो कैंपस आधारित कोर्सेज में प्रवेश पाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू में ऑनलाइन पाठ्यक्रम चलाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए ई-लर्निंग रिसोर्सेज के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उन्मुख शिक्षण माडल की आवश्यकता है।
आवेदन के लिए क्या औपचारिकताएं होंगी
अलीगढ़। सेंटर के निदेशक प्रोफेसर एम नफीस अहमद अंसारी ने बताया कि यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम देश और विदेश के विद्यार्थियों के लिए खुले हैं। भारतीय छात्रों को भारतीय मुद्रा में भुगतान करना होगा और अपना आधार कार्ड प्रदान करना होगा, जबकि विदेशी छात्रों को अपने पासपोर्ट का विवरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी और उनको अमेरिकी डॉलर में शुल्क का भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि ऑन कैंपस डिग्री की तुलना में ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए आवेदन की आवश्यकताएं अधिक लचीली हैं। प्रवेश फॉर्म जमा करना, कक्षाओं का पंजीकरण, कोर्स वर्क और ऑनलाइन असाइनमेंट परीक्षाएं आदि सब छात्रों की व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना किया जाएगा।
ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए कौन पात्र था
अलीगढ़। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) मानदंडों के अनुसार, केवल राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा 4 में से कम से कम 3.01 अंक या ‘टाप 100’ में रैंकिंग की मान्यता प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालय ही ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने के लिए आवेदन करने के पात्र थे।
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भारत सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद एएमयू ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रारंभिक प्रस्तावक बन गया है। यह पाठ्यक्रम सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे। एएमयू यूजीसी के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स एंड ऑनलाइन प्रोग्राम्स विनियम 2020 की शर्तों को पूरा करने के बाद ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने वाले पहले कुछ चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल हो गया है।
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इस उपलब्धि पर कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि ऑनलाइन स्नातक और स्नातकोतर पाठ्यक्रमों की शुरुआत के बाद एएमयू में वैश्विक आउटरीच बढ़ेगा। विश्वविद्यालय सभी को सस्ती शिक्षा प्रदान करने के अपने लक्ष्य में आगे बढ़ेगा और सफल होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को पूरी तरह से ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने की अनुमति दिया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है।
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प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि ऑनलान शिक्षा व्यवस्था से एक ही समय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश में होने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सकता है। ऑनलाइन डिग्री कम लागत पर दी जाएगी और उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो कैंपस आधारित कोर्सेज में प्रवेश पाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू में ऑनलाइन पाठ्यक्रम चलाने के लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए ई-लर्निंग रिसोर्सेज के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी उन्मुख शिक्षण माडल की आवश्यकता है।
आवेदन के लिए क्या औपचारिकताएं होंगी
अलीगढ़। सेंटर के निदेशक प्रोफेसर एम नफीस अहमद अंसारी ने बताया कि यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम देश और विदेश के विद्यार्थियों के लिए खुले हैं। भारतीय छात्रों को भारतीय मुद्रा में भुगतान करना होगा और अपना आधार कार्ड प्रदान करना होगा, जबकि विदेशी छात्रों को अपने पासपोर्ट का विवरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी और उनको अमेरिकी डॉलर में शुल्क का भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि ऑन कैंपस डिग्री की तुलना में ऑनलाइन कार्यक्रमों के लिए आवेदन की आवश्यकताएं अधिक लचीली हैं। प्रवेश फॉर्म जमा करना, कक्षाओं का पंजीकरण, कोर्स वर्क और ऑनलाइन असाइनमेंट परीक्षाएं आदि सब छात्रों की व्यक्तिगत उपस्थिति के बिना किया जाएगा।
ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के लिए कौन पात्र था
अलीगढ़। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) मानदंडों के अनुसार, केवल राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) द्वारा 4 में से कम से कम 3.01 अंक या ‘टाप 100’ में रैंकिंग की मान्यता प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालय ही ऑनलाइन कार्यक्रम चलाने के लिए आवेदन करने के पात्र थे।