एएमयू में फंदे पर लटका मिला छात्र: पुलिस-इंतजामिया मान रहे आत्महत्या, परिजन बोले...हत्या की गई
रिश्ते के भाई मो.जैद ने सुबह भी हत्या का अंदेशा जताया था। मगर देर शाम जब अन्य परिजन आ गए तो उन्होंने इसे सीधे सीधे हत्या करार देकर पोस्टमार्टम लखीमपुर खीरी ले जाकर कराने की शर्त रख दी। जिसे लेकर देर रात तक वार्ता जारी थी।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एमए प्रथम वर्ष के छात्र मो.शाकिर का शव 21 फरवरी सुबह एएमयू के मुमताज हॉस्टल परिसर में फंदे पर लटका मिला। हालांकि पुलिस-एएमयू इंतजामिया ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या करार देकर जांच शुरू कर दी, मगर देर शाम पहुंचे परिजनों ने इसे हत्या मानते हुए कार्रवाई की मांग कर दी। यहां तक कह दिया कि वे शव को बिना पोस्टमार्टम अपने साथ लखीमपुर खीरी ले जाएंगे। वहीं पोस्टमार्टम कराएंगे। देर रात पुलिस व एएमयू इंतजामिया के लोग परिवार को समझाने में लगे थे।
मूल रूप से लखीमपुर खीरी के कास्ता निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी मो.जाहिद का 24 वर्षीय बेटा मो.शाकिर एएमयू से सुन्नी थियोलॉजी विषय में एमए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह ऑफताब हॉल के मुमताज हॉस्टल के कमरा नंबर 34 में रहता था। उसी कमरे में एएमयू छात्र झारखंड के मो. इदरतुलुताह, असम के अमर हसन और फतेहपुर के बदरेआलम भी रहते हैं।
साथ में शाकिर का भतीजा सादमान एएमयू में कक्षा नौ में दाखिले की तैयारी के चलते उसी कमरे में रह रहा था। शाकिर का रिश्ते का एक भाई मो.जैद एएमयू में 11वीं का छात्र है। वह अल्लामा इकबाल हॉल में रहता है। मगर 20 फरवरी शाम वह भी कमरे पर ही था। इन सभी ने साथ में खाना खाया। इसके कुछ देर बाद करीब 9:30 बजे शाकिर फोन पर बात करते हुए घूमने के इरादे से निकल गया, फिर नहीं लौटा। 21 फरवरी सुबह आठ बजे हॉस्टल परिसर में पुताई करने आए मजदूरों ने 9 बजे उसका शव परिसर के पिछले हिस्से में बनी छतरी की रॉड में रस्सी के फंदे से लटका हुआ देखा। रस्सी बिल्कुल नई थी। पांव की उंगलियां जमीन से छू रही थीं।
इस खबर पर प्राक्टर टीम व इलाका पुलिस पहुंच गई। प्रारंभिक जांच पड़ताल के बाद शव को उतरवा कर मेडिकल कॉलेज की मोरचरी में भिजवाया गया। खबर परिवार तक पहुंचा दी गई। मगर परिजन देर शाम यहां पहुंच पाए। इसलिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया नहीं हो सकी। युवक ने ऐसा किन कारणों से किया। ये भी स्पष्ट नहीं हुआ है। अभी पुलिस जांच की बात कह रही है।
हालांकि रिश्ते के भाई मो.जैद ने सुबह भी हत्या का अंदेशा जताया था। मगर देर शाम जब अन्य परिजन आ गए तो उन्होंने इसे सीधे सीधे हत्या करार देकर पोस्टमार्टम लखीमपुर खीरी ले जाकर कराने की शर्त रख दी। जिसे लेकर देर रात तक वार्ता जारी थी।
एएमयू के लखीमपुर खीरी निवासी छात्र की मृत्यु प्रारंभिक स्तर पर आत्महत्या ही लग रही है। अभी कारण उजागर नहीं हुए हैं। पोस्टमार्टम व जांच की प्रक्रिया जारी है। बाकी परिवार के अपने आरोप हैं। उनसे वार्ता की जा रही है।-अभय पांडेय, सीओ तृतीय