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श्रीराम की प्रतिमा और उनके धनुष पर पांच फीसदी जीएसटी
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Fri, 30 Jun 2017 02:43 AM IST
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राम लक्ष्मण व सीता जी की प्रतिमा।
- फोटो : Amar Ujala
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आशीष निगम
देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने में अलीगढ़ का नाम देश विदेश में मशहूर है। यहां हर साल तकरीबन 120 करोड़ रुपये का मूर्ति कारोबार होता है। इसमें एक्सपोर्ट और घरेलू बाजार दोनों शामिल हैं। सपा सरकार में देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर पांच फीसदी वैट लागू था। जीएसटी लागू होने के बाद भी इन प्रतिमाओं पर पांच फीसदी ही टैक्स रहा। कोई रियायत नहीं मिली है जबकि उम्मीद थी कि भाजपा सरकार में देवी देवताओं की प्रतिमाओं से टैक्स हटा दिया जाएगा।
यही नहीं देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ लगने वाले अस्त्र-शस्त्र पर भी पांच फीसदी जीएसटी देना होगा। मसलन अगर आप भगवान श्रीराम की प्रतिमा लेंगे और उस पर धनुष सजाएंगे तो दोनों की खरीद पर आपको पांच फीसदी कर अदा करना होगा। जीएसटी के नोडल अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर आरएस विद्यार्थी ने बताया कि प्रतिमाएं और उनके साजो सामान सभी पांच फीसदी कर के दायरे में आएंगे।
तो भगवान राम पर राजनीति क्यों..?
सपा जिलाध्यक्ष एवं शहर के प्रमुख मूर्ति कारोबारी अशोक यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम के नाम पर श्रीराम मंदिर के लिए आंदोलन करने और धर्म के आधार पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार ने जीएसटी लागू करने में भगवान को भी नहीं बख्शा। देवी प्रतिमाओं और उनके अस्त्र शस्त्र पर पांच फीसदी का जीएसटी लागू हो गया। अब भाजपा नेता बताएं कि श्रीराम के नाम पर राजनीति करना ही है तो उनकी प्रतिमाओं और साजोसमान पर टैक्स क्यों लगाया गया? उन्हें टैक्स फ्री क्यों नहीं रखा गया?
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जीएसटी की खामियों के विरोध में आज बाजार बंद
जीएसटी में व्याप्त खामियों के विरोध में व्यापारी नेताओं ने 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। अलीगढ़ के अधिकतर व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। अभी तक सिर्फ अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल द्वारा बंद का विरोध किया जा रहा है।
अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय सचिव अनिल सेंचुरी एवं प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर ओमप्रकाश ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामबिहारी मिश्रा के आह्वान पर शुक्रवार को अलीगढ़ बंद रहेगा। हम लोग जीएसटी के नहीं बल्कि इसमें व्याप्त खामियों के विरोधी है। नेताओं ने व्यापारियों एवं उद्यमियों से व्यापारी विरोधी कानून में सुधार के लिए व्यापार बंद रखने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (कंछल गुट) के महानगर अध्यक्ष प्रदीप गंगा ने कहा कि व्यापारियों से जीएसटी में व्याप्त खामियों के विरोध में एकजुट होकर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल एवं महामंत्री मनोज यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के आह्वान पर बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश ब्रज औद्योगिक व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष सौरभ सिक्ससंस ने भी बंद का समर्थन किया है। सौरभ सिक्ससंस ने कहा कि वह बंद का समर्थन अवश्य कर रहे है लेकिन उनके संगठन के सदस्य दुकानें बंद कराने नहीं जाएंगे। वहीं अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन हरिकिशन अग्रवाल ने कहा कि उनका संगठन बंद के विरोध में है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि जीएसटी के कुछ नियमों से परेशानी है लेकिन बंद कर सरकार के कमर को कमजोर करना ठीक नहीं है। सांसद सतीश गौतम से बात की है। समाधान निकलेगा।
जोन के सभी जिलों के प्रभारी अधिकारी नियुक्त
वाणिज्य कर विभाग के अलीगढ़ जोन में पांच जिले शामिल हैं। जिसमें अलीगढ़ के अलावा हाथरस, मथुरा, कासगंज और एटा जनपद है। जिसमें अलीगढ़ में ज्वाइंट कमिश्नर आरएस विद्यार्थी नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002189) रहेंगे। एटा में एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर बीपी राम नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002193) हैं। कासगंज में ज्वाइंट कमिश्नर सर्बजीत सिंह नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002194) हैं। ये सभी अधिकारी जीएसटी लागू होने के बाद 15 दिन तक संबंधित जिलों में प्रवास करेंगे और वहां प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 9 बजे से पांच बजे तक व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराएंगे।
जीएसटी लागू करने के लिए जो तैयारी होनी चाहिए थी उसका 60 फीसदी तक काम लगभग पूरा हो चुका है। बेहतर बात ये है कि सरकार ने जुलाई में भरे जाने वाले रिर्टन की समयावधि सितंबर कर दी है। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। अब जो रिर्टन भरने की उलझन जुलाई में होनी थी उसको सुलझाने का वक्त मिल गया है। हां, इलेक्ट्रानिक वे बिल सहित कुछ अन्य मामलों में अब तक फार्म के फार्मेट नहीं आएं हैं, जिससे इस तरह के कारोबार में काम कर रहे लोग परेशान हैं। इसी तरह से कुछ अन्य नियमों में भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही ये खामियां भी दूर हो जाएंगी।
-अवन कुमार सिंह, अध्यक्ष अलीगढ़ सीए एसोसिएशन।
बंद को लेकर उलझन में भाजपाई
जीएसटी के विरोध में व्यापारिक संगठनों के बंद को लेकर भाजपा नेता उलझन में फंस गए हंै। वह अपना दर्द किससे बयां करंे समझ में नहीं पा रहे हैं। व्यापारियों का साथ देते हैं तो पार्टी को नुकसान होगा, और पार्टी का पक्ष लेते हैं तो व्यापारी नाराज होंगे। अधिकतर व्यापारिक संगठनों में भाजपा से जुड़े नेता है। अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय इन दिनों चुप हैं। वहीं इसके जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय भाजपा सिविल लाइन मंडल के अध्यक्ष है। कंछल गुट के भी कई नेताओं के भाजपा से निकट के संबंध हंै। पूर्व महासचिव मनीष वूल के भाजपा से संबंध्ा हंै। अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन हरिकिशन अग्रवाल जरूर बंद का विरोध कर भाजपा के साथ खड़े हैं। इस संगठन के संस्थापकों में मानव महाजन का नाम प्रमुख हंै जो भाजपा के महानगर महामंत्री है। ऐसी ही स्थिति ज्वैलरी कारोबारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल के वक्त देखने को मिली थी।
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देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाने में अलीगढ़ का नाम देश विदेश में मशहूर है। यहां हर साल तकरीबन 120 करोड़ रुपये का मूर्ति कारोबार होता है। इसमें एक्सपोर्ट और घरेलू बाजार दोनों शामिल हैं। सपा सरकार में देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर पांच फीसदी वैट लागू था। जीएसटी लागू होने के बाद भी इन प्रतिमाओं पर पांच फीसदी ही टैक्स रहा। कोई रियायत नहीं मिली है जबकि उम्मीद थी कि भाजपा सरकार में देवी देवताओं की प्रतिमाओं से टैक्स हटा दिया जाएगा।
यही नहीं देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ लगने वाले अस्त्र-शस्त्र पर भी पांच फीसदी जीएसटी देना होगा। मसलन अगर आप भगवान श्रीराम की प्रतिमा लेंगे और उस पर धनुष सजाएंगे तो दोनों की खरीद पर आपको पांच फीसदी कर अदा करना होगा। जीएसटी के नोडल अधिकारी ज्वाइंट कमिश्नर आरएस विद्यार्थी ने बताया कि प्रतिमाएं और उनके साजो सामान सभी पांच फीसदी कर के दायरे में आएंगे।
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तो भगवान राम पर राजनीति क्यों..?
सपा जिलाध्यक्ष एवं शहर के प्रमुख मूर्ति कारोबारी अशोक यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम के नाम पर श्रीराम मंदिर के लिए आंदोलन करने और धर्म के आधार पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार ने जीएसटी लागू करने में भगवान को भी नहीं बख्शा। देवी प्रतिमाओं और उनके अस्त्र शस्त्र पर पांच फीसदी का जीएसटी लागू हो गया। अब भाजपा नेता बताएं कि श्रीराम के नाम पर राजनीति करना ही है तो उनकी प्रतिमाओं और साजोसमान पर टैक्स क्यों लगाया गया? उन्हें टैक्स फ्री क्यों नहीं रखा गया?
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जीएसटी की खामियों के विरोध में आज बाजार बंद
जीएसटी में व्याप्त खामियों के विरोध में व्यापारी नेताओं ने 30 जून को भारत बंद का आह्वान किया है। अलीगढ़ के अधिकतर व्यापारिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। अभी तक सिर्फ अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल द्वारा बंद का विरोध किया जा रहा है।
अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय सचिव अनिल सेंचुरी एवं प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर ओमप्रकाश ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामबिहारी मिश्रा के आह्वान पर शुक्रवार को अलीगढ़ बंद रहेगा। हम लोग जीएसटी के नहीं बल्कि इसमें व्याप्त खामियों के विरोधी है। नेताओं ने व्यापारियों एवं उद्यमियों से व्यापारी विरोधी कानून में सुधार के लिए व्यापार बंद रखने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (कंछल गुट) के महानगर अध्यक्ष प्रदीप गंगा ने कहा कि व्यापारियों से जीएसटी में व्याप्त खामियों के विरोध में एकजुट होकर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल एवं महामंत्री मनोज यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल के आह्वान पर बंद को समर्थन देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश ब्रज औद्योगिक व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष सौरभ सिक्ससंस ने भी बंद का समर्थन किया है। सौरभ सिक्ससंस ने कहा कि वह बंद का समर्थन अवश्य कर रहे है लेकिन उनके संगठन के सदस्य दुकानें बंद कराने नहीं जाएंगे। वहीं अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन हरिकिशन अग्रवाल ने कहा कि उनका संगठन बंद के विरोध में है। उन्होंने कहा कि यह सही है कि जीएसटी के कुछ नियमों से परेशानी है लेकिन बंद कर सरकार के कमर को कमजोर करना ठीक नहीं है। सांसद सतीश गौतम से बात की है। समाधान निकलेगा।
जोन के सभी जिलों के प्रभारी अधिकारी नियुक्त
वाणिज्य कर विभाग के अलीगढ़ जोन में पांच जिले शामिल हैं। जिसमें अलीगढ़ के अलावा हाथरस, मथुरा, कासगंज और एटा जनपद है। जिसमें अलीगढ़ में ज्वाइंट कमिश्नर आरएस विद्यार्थी नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002189) रहेंगे। एटा में एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर बीपी राम नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002193) हैं। कासगंज में ज्वाइंट कमिश्नर सर्बजीत सिंह नोडल अधिकारी (मोबाइल नंबर 7235002194) हैं। ये सभी अधिकारी जीएसटी लागू होने के बाद 15 दिन तक संबंधित जिलों में प्रवास करेंगे और वहां प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 9 बजे से पांच बजे तक व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराएंगे।
जीएसटी लागू करने के लिए जो तैयारी होनी चाहिए थी उसका 60 फीसदी तक काम लगभग पूरा हो चुका है। बेहतर बात ये है कि सरकार ने जुलाई में भरे जाने वाले रिर्टन की समयावधि सितंबर कर दी है। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। अब जो रिर्टन भरने की उलझन जुलाई में होनी थी उसको सुलझाने का वक्त मिल गया है। हां, इलेक्ट्रानिक वे बिल सहित कुछ अन्य मामलों में अब तक फार्म के फार्मेट नहीं आएं हैं, जिससे इस तरह के कारोबार में काम कर रहे लोग परेशान हैं। इसी तरह से कुछ अन्य नियमों में भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही ये खामियां भी दूर हो जाएंगी।
-अवन कुमार सिंह, अध्यक्ष अलीगढ़ सीए एसोसिएशन।
बंद को लेकर उलझन में भाजपाई
जीएसटी के विरोध में व्यापारिक संगठनों के बंद को लेकर भाजपा नेता उलझन में फंस गए हंै। वह अपना दर्द किससे बयां करंे समझ में नहीं पा रहे हैं। व्यापारियों का साथ देते हैं तो पार्टी को नुकसान होगा, और पार्टी का पक्ष लेते हैं तो व्यापारी नाराज होंगे। अधिकतर व्यापारिक संगठनों में भाजपा से जुड़े नेता है। अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय इन दिनों चुप हैं। वहीं इसके जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय भाजपा सिविल लाइन मंडल के अध्यक्ष है। कंछल गुट के भी कई नेताओं के भाजपा से निकट के संबंध हंै। पूर्व महासचिव मनीष वूल के भाजपा से संबंध्ा हंै। अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के चेयरमैन हरिकिशन अग्रवाल जरूर बंद का विरोध कर भाजपा के साथ खड़े हैं। इस संगठन के संस्थापकों में मानव महाजन का नाम प्रमुख हंै जो भाजपा के महानगर महामंत्री है। ऐसी ही स्थिति ज्वैलरी कारोबारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल के वक्त देखने को मिली थी।