फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Start of delimitation for expansion of municipal limits

नगर निगम सीमा विस्तार के लिए परिसीमन शुरू

Thu, 31 Aug 2017 01:52 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Thu, 31 Aug 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
Start of delimitation for expansion of municipal limits
फाइल फोटो: मेडिकल रिपोर्ट - फोटो : Getty

विज्ञापन
नगर निगम सीमा विस्तार के प्रस्ताव के बाद बुधवार से इन सभी इलाकों में परिसीमन का कार्य शुरू हो गया। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और विकास कार्यों की संभावना का जायजा लिया। अब यह तय हो गया है कि सीमा वृद्धि वाले क्षेत्र का और पुराने इलाके का चुनाव एक साथ ही होगा। 
नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद 25 गांव शहरी इलाके में बढ़ गए हैं। इनमें कुछ इलाके धौर्रा माफी जैसे हैं, जो पहले से ही काफी विकसित हैं। जबकि अन्य इलाके जैसे रोरावर, बरौला, सारसौल आदि अपेक्षाकृत उतने विकसित नहीं हैं। लखनऊ में हुई घोषणा के बाद ही नगर निगम ने अपनी भी तैयारी शुरू कर दी थी। 
विज्ञापन


भ्रमण के दौरान एक अच्छी बात यह भी देखी गई कि नगर निगम की टीम जिस इलाके में गई, वहां लोगों को पहले से ही पता था कि सीमा विस्तार कहां तक हुआ है। स्थानीय नागरिक स्वयं नगर निगम की टीम को सीमा तक ले जाते और बताते कि यहां तक का इलाका नगरीय सीमा में शामिल हो चुका हैै। इससे निगम की टीम को बहुत आसानी हुई। भौगोलिक स्थिति को समझने के बाद नगर निगम ने तकनीकी आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं। इसमें जनसंख्या, मकानों की संख्या, आधारभूत सुविधाएं, जैसे ड्रेनेज, पानी की पाइप लाइन, स्ट्रीट लाइट आदि के आंकड़े भी शामिल हैं। अभी नगर निगम में 70 पार्षद वार्ड हैं। नए पार्षद वार्डों का गठन जनसंख्या के ही आधार पर होगा। संभावना है कि 10 से 15 नए पार्षद वार्ड गठित हो सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लखनऊ और कानपुर की श्रेणी में अलीगढ़  
सन 1804 में अस्तित्व में आए अलीगढ़ शहर ने 213 साल का सफर तय किया है। नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद यह शहर अपने अब तक के सबसे बड़े फैलाव की अवस्था में है। अब ए श्रेणी में आने के बाद अलीगढ़ का दर्जा कानपुर, अहमदाबाद, सूरत, पुणे, कानपुर, इंदौर, जयपुर, बड़ौदरा, नागपुर, लखनऊ, पटना, विशाखापटनम, भोपाल, नासिक, औरंगाबाद, गांधीनगर जैसे शहरों की सूची में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय राजधानी के नजदीक होने के कारण अलीगढ़ हमेशा से ही शैक्षिक, औद्योगिक और साहित्यिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। स्वाभाविक रूप से अलीगढ़ के शहरी भूभाग का विस्तार तो हो गया था लेकिन उसे औपचारिक  दर्जा नहीं मिला था। इसका सबसे मजबूत उदाहरण है धौर्रा माफी गांव। यहां साक्षरता दर 100 फीसदी है। यहां पर सबसे अधिक फ्लैट्स और मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स बने हैं लेकिन औपचारिक रूप से यह नगरीय सीमा में शामिल नहीं था। अब यह इलाका नगरीय सीमा में शामिल हो जाएगा। इसी तरह के अन्य इलाके जैसे कुलदीप विहार, धनीपुर मंडी, असद पुर कयाम, बरौला, सारसौल आदि हैं। यहां देखने से तो सब कुछ नगरीय लगता है, लेकिन औपचारिक रूप से यह नगरीय सीमा में नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed