हार से सीएम खफा, हो सकता है बड़ा फैसला
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सपा की करारी शिकस्त ने अंदरखाने बवंडर मचा दिया है। इस चुनाव में पर्यवेक्षक बन कर आए खेल राज्य मंत्री राम करन आर्य और वरिष्ठ सपा नेता संजय लाठर ने गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनाव की पूरी रिपोर्ट भेज दी है। सपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस हार को अलीगढ़ में पूरी पार्टी की हार बताया है।
उन्होंने इस चुनाव के सभी समीकरणों और उठापटक की पूरी और विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई है। माना जा रहा है कि जिन जिला पंचायत सदस्यों ने वोट डाला है, उनकी भी रिपोर्ट तलब की गई है, जिससे ये पता चल सके कि सपा समर्थकों ने किस तरफ वोट किया है। यही नहीं पार्टी के नेताओं की माने तो पर्यवेक्षकों के आने के बाद ही सपा के रूठे हुए लोगों को मनाया जा सका। नहीं तो सपा प्रत्याशी को उनकी ही पार्टी का वोट भी नहीं मिल पाता।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री की नाराजगी की एक बड़ी वजह ये भी है कि सपा खेमे से शुरुआती दौर में 17 समर्थकों के साथ होने का दावा किया गया था, लेकिन बाद में वो सभी गायब हो गए। इस पर सपा नेताओं का कहना है कि जब वह लखनऊ से टिकट का ‘दूसरा’ आशीर्वाद लेकर लौटे तब तक सभी वोटर गायब हो गए थे।
अब सवाल ये उठता है कि समर्थन का पूरा आंकड़ा नहीं जुटा तो कम से कम वो 17 वोटर तो होने चाहिए जिनका दावा किया गया था। इसी एक सवाल ने सभी सपा नेताओं को फंसा दिया है। गौर हो कि जिला पंचायत सदस्यों के नतीजे आने के बाद सपा प्रत्याशी बने तेजवीर सिंह गुड्डू के बेटे दीपक चौधरी के खेमे ने पूर्ण बहुमत से जीत का दावा किया था लेकिन सीएम के 15 दिसंबर को अलीगढ़ में आने के बाद उनका टिकट कट गया। इसके बाद टिकट छर्रा विधायक ठा. राकेश सिंह की पत्नी डा. नीतू सिंह को दिया गया।
छर्रा विधायक और उनके समर्थक भी सौ फीसदी जीत का दावा करते रहे। लेकिन परिणाम इससे ठीक उलटा रहा और सपा को बेहद शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। अब इस बात की समीक्षा हो रही है कि सपा नेता जिन जिला पंचायत सदस्यों को लेकर जीत का दम भर रहे थे वो कहां गए..? अगर सपा के पास इतने समर्थक सदस्य नहीं थे तो टिकट पाने के लिए इतनी जोड़तोड़ क्यों हुई.? सूत्रों की माने तो मुख्यमंत्री के सामने समर्थकों की संख्या बताना स्थानीय नेताओं के लिए बड़ा संकट बन सकता है। फिलहाल ‘लखनऊ’ अलीगढ़ से बेहद नाराज है। इसीलिए ये तय माना जा रहा है कि कोई बड़ा फैसला होगा।