{"_id":"60e203f58ebc3e73775efbbf","slug":"sp-high-command-summoned-report-of-defeat-in-the-election-of-zip-president-city-office-news-ali267277942","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा हाईकमान ने जिपं अध्यक्ष के चुनाव में हार की रिपोर्ट तलब की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा हाईकमान ने जिपं अध्यक्ष के चुनाव में हार की रिपोर्ट तलब की
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा रालोद गठबंधन के पास 22 सदस्यों का समर्थन होने के बाद भी करारी हार सपा आलाकमान के गले नहीं उतर रही है। सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सात जुलाई तक इसकी रिपोर्ट मांगी है।
जिलाध्यक्ष गिरीश यादव और महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी ने बताया कि इस संबंध में सभी सदस्यों से संपर्क कर उनसे रिपोर्ट ली जाएगी। इसके लिए कुछ अन्य नेताओं को जिम्मेदारी गई है। छह जुलाई तक रिपोर्ट को तैयार कराया जाएगा। सात जुलाई को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने वर्तमान एवं निवर्तमान जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, महानगर अध्यक्षों से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम आने के बाद से सपा-रालोद गठबंधन लगातार 22 जिपं सदस्यों के समर्थन होने का दावा करती रही थी, लेकिन मतदान के दिन पार्टी को महज आठ वोट मिले। अंदरखाने ये भी चर्चा है कि सपा के समर्थन पर जीते कुछ जिपं सदस्यों ने भाजपा के लिए वोट किया है। कमोबेश रालोद के सदस्यों ने भी ऐसा ही किया है। जिससे गठबंधन के 22 सदस्यों का लाभ पार्टी की प्रत्याशी अर्चना यादव को नहीं मिला।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष एवं महानगर अध्यक्ष ने बताया कि आठ लोगों ने पार्टी की प्रत्याशी अर्चना यादव को वोट किया है। बाकी 14 सदस्यों को लेकर अलग अलग स्रोतों से जानकारी की जा रही है। आखिर उनके क्त्रसस वोटिंग की वजह क्या रही है..? सत्ता का दबाव, पुलिस का दबाव, धनबल का कितना प्रयोग हुआ।
सपा के स्थानीय नेता इसको समय रहते क्यों नहीं समझ सके। इसका क्या इंतजाम किया गया..? या कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व में माध्यम से पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव को भेजी जाएगी। इसके बाद आलाकमान के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष गिरीश यादव और महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी ने बताया कि इस संबंध में सभी सदस्यों से संपर्क कर उनसे रिपोर्ट ली जाएगी। इसके लिए कुछ अन्य नेताओं को जिम्मेदारी गई है। छह जुलाई तक रिपोर्ट को तैयार कराया जाएगा। सात जुलाई को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने वर्तमान एवं निवर्तमान जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, महानगर अध्यक्षों से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्यों का परिणाम आने के बाद से सपा-रालोद गठबंधन लगातार 22 जिपं सदस्यों के समर्थन होने का दावा करती रही थी, लेकिन मतदान के दिन पार्टी को महज आठ वोट मिले। अंदरखाने ये भी चर्चा है कि सपा के समर्थन पर जीते कुछ जिपं सदस्यों ने भाजपा के लिए वोट किया है। कमोबेश रालोद के सदस्यों ने भी ऐसा ही किया है। जिससे गठबंधन के 22 सदस्यों का लाभ पार्टी की प्रत्याशी अर्चना यादव को नहीं मिला।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष एवं महानगर अध्यक्ष ने बताया कि आठ लोगों ने पार्टी की प्रत्याशी अर्चना यादव को वोट किया है। बाकी 14 सदस्यों को लेकर अलग अलग स्रोतों से जानकारी की जा रही है। आखिर उनके क्त्रसस वोटिंग की वजह क्या रही है..? सत्ता का दबाव, पुलिस का दबाव, धनबल का कितना प्रयोग हुआ।
सपा के स्थानीय नेता इसको समय रहते क्यों नहीं समझ सके। इसका क्या इंतजाम किया गया..? या कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व में माध्यम से पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम अखिलेश यादव को भेजी जाएगी। इसके बाद आलाकमान के निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी।