फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Soni doing duty in ICU ward without salary salary covid

बिना तनख्वाह कोविड आईसीयू वार्ड में ड्यूटी कर रहीं सोनी

Sun, 09 May 2021 01:37 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 09 May 2021 01:37 AM IST
विज्ञापन
Soni doing duty in ICU ward without salary salary covid
आशीष निगम, अलीगढ़।
विज्ञापन

घर से बाहर निकलना तो दूर, कोई आए तो डर लगता है। आंखों के सामने अपनों के शवों को दूर से जलते हुए देखते हैं, उन्हें हाथ तक नहीं लगाते कि कहीं कोरोना संक्रमण न हो जाए। ऐसे खतरनाक संक्रमण के दौर अगर कोई नर्स बिना तनख्वाह के गंभीर कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच आठ घंटे की ड्यूटी कर रही हो, तो ये सुन कर आप निश्चित रूप से हैरान हो जाएंगे।
क्योंकि मोटी तनख्वाह देने के बाद भी सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नहीं मिल रहा है। ऐसे में सोनी पाठक जैसी नर्स बिना पैसा लिए ही जान जोखिम में डाल कर कोरोना मरीजों को दोबारा जिंदगी देने में जुटी हैं।
विज्ञापन

कोविड डेडिकेटेड पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय के कोविड वार्ड-7 आईसीयू में सोनी पाठक की दोपहर दो से रात आठ बजे तक की ड्यूटी रहती है। वह तालानगरी स्थित रॉयल होम्स कॉलोनी में रहती हैं। वह मरीजों को दवाएं आदि देती हैं। उनको खाना पानी आदि मुहैया कराती हैं। वर्तमान में यहां तीस गंभीर मरीज भर्ती हैं, जिनका उपचार जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोनी कहती हैं कि उन्होंने एसीएन कॉलेज से वर्ष 2018 में नर्सिंग का कोर्स किया। कोर्स पूरा होने पर एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में दिसंबर 2020 तक काम किया। बीच में चार महीने काम नहीं किया। मार्च- अप्रैल 2021 में जब कोरोना संक्रमण की दूसरी तेज लहर आई तो समस्या गंभीर होते देख उन्होंने दोबारा काम शुरू किया।
इस बार उन्होंने बिना पैसे के ही मरीजों की सेवा करने का बड़ा फैसला किया। इसके लिए उन्होंने बिना पारिश्रमिक के काम करने के लिए सीएमओ कार्यालय में आवेदन किया। ये भी कहा कि जहां उनकी जरूरत हो, वहां उनको तैनात किया जाए। सीएमओ ने दीनदयाल अस्पताल में स्टाफ की किल्लत को देखते उनको पहली मई से ड्यूटी पर लगा दिया।
आठ मई मदर्स डे के मौके पर सर्वोच्च मानव सेवा करते हुए उनको आठ दिन हो चुके हैं। सोनी कहती हैं कि उनका एक छोटा बेटा अनुभव है, जिसे घर पर उनका इंतजार रहता है। पति अभिषेक तिवारी खेती करते हैं।

लगभग 35 विद्यार्थियों के ग्रुप में सोनी ही अकेली ऐसी हैं, जो इस जानलेवा बीमारी के सबसे खतरनाक दौर में बिना कोई तनख्वाह लिए मरीजों की सेवा कर रही हैं। सोनी का ये सोने जैसा प्रयास ओवररेटिंग करने, कालाबाजारी करने और मरीजों पर ध्यान नहीं देने वाले तमाम लोगों को आईना दिखाता है कि मानवता से बढ़ कर कुछ नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed