फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Soldier's family also worried for them.

कोरोना का डर: सैनिक सरहद पर, परिवार वाले घरों में चिंतित

Sat, 28 Mar 2020 09:51 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 09:51 PM IST
विज्ञापन
Soldier's family also worried for them.
अरूणाचल प्रदेश में तैनात अलीगढ़ के सैनिक राजेश चौहान की पत्नी बिंदु व बच्चे। - फोटो : CITY OFFICE
तुम कैसी हो, बच्चे कैसे हैं, अलीगढ़ में अभी तक कोरोना के कितने मरीज मिले हैं। बच्चों को ट्यूशन या बाहर खेलने मत जाने देना, अभी उनको घर में ही रखो, तुम भी बाजार जानेे की बजाय होम डिलीवरी से जरूरत का सामान घर पर ही मंगवा लो। रुको-रुको में तो ठीक हूं, तुम मेरी और बच्चों की चिंता मत करो। तुम देश की चाइना से लगी अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर तैनात हो। यह कोरोना वायरस भी चीन से ही आया है। तुम बस अपना ख्याल रखना, मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना। मुझे तुम्हारे जज्बे और कंधों पर भरोसा है। तुम देश में किसी भी आतंकी को नहीं घुसने दोगे। मगर, अब दिल घबरा रहा है, क्योंकि अब देश की लड़ाई किसी मानव जैसे दिखने वाले आतंकी से नहीं है। बल्कि एक अनदेखे और अनजान से वायरस से है।
विज्ञापन

यह बातचीत रामबाग कालोनी गली नंबर तीन में रहने वाली बिंदु चौहान व उनके पति राजेश चौहान की फोन पर हुई। राजेश चौहान आर्मी में हवालदार के पद पर तैनात हैं। वह इस समय अरुणाचल प्रदेश में तेंगा बॉर्डर (चीन और भारत की सीमा) पर तैनात हैं। न सिर्फ बिंदु बल्कि देश की सरहदों पर तैनात हर सैनिक के परिवार की यही कहानी है। अलीगढ़ के भी करीब 300 परिवारों के लाल देश की सुरक्षा में तैनात हैं। इन सभी को कोरोना वायरस की चिंता सताने लगी है। बिंदु चौहान ने बताया कि पति से हर दिन फोन पर बात हो रही है। परिवार में दो बच्चे हैं। पति को अपनी जान से ज्यादा हमारी चिंता सता रही है। वह फोन पर रुंधे गले से बात करते हैं तो मन फफक उठता है।
विज्ञापन

चार माह बाद पति को मिली थी छुट्टी, लॉकडाउन के चलते नहीं आ सके घर
रामबाग कॉलोनी में ही रहने वाली गीता बघेल के पति रामनिवास असम रायफल में तैनात हैं। वह असम सीमा पर ड्यूटी दे रहे हैं। पत्नी गीता ने बताया कि पति नवंबर में घर आए थे। चार माह बाद उनको फिर से छुट्टी मिली थी। मगर, लॉकडाउन की घोषणा होने से वह घर नहीं आ पा रहे हैं। गीता ने बताया कि घर में दो छोटे बच्चे हैं। ससुराल में बूढ़े सास-ससुर हैं। घर का राशन भी खत्म हो रहा है। गैस सिलिंडर भी खत्म हो गया है। पति जब भी छुट्टी पर घर आते हैं तो इकट्ठा राशन भरवाकर जाते हैं। अब उनके न आने से घर में खाने तक के लाले पड़ जाएंगे। इधर, उनसे जब भी फोन पर बात होती है तो वह बच्चों की चिंता में परेशान हो उठते हैं। गीता ने बताया कि यह बहुत मुश्किल वक्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed