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किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म में सिपाही को सजा
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महानगर के देहली गेट जलालपुर क्षेत्र की किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म के दोषी सिपाही को अदालत ने 7 वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। बीस वर्ष पुराने मुकदमे में यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से सुनाया गया है। मूल रूप से बिजनौर के सिपाही की वर्तमान में रामपुर में तैनाती है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार घटना 30 अक्तूबर 2002 की है। जलालपुर क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने 31 अक्तूबर को देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि बीती देर शाम जलालपुर चौकी पर तैनात सिपाही शशीकांत निवासी चमरावाला नगीना बिजनौर उनकी 15 वर्षीय बेटी को बाइक पर बैठाकर ले गया।
बेटी घर से 25 हजार रुपये व जेवरात भी लेकर गई। जब बेटी को रात में खोजा गया तो सिपाही ने उन्हें धमकाया भी। अगले दिन सिपाही बेटी को वापस छोड़ गया और धमकी दी कि अगर शिकायत की तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। मामले में मुकदमा, मेडिकल परीक्षण व बयान आदि के आधार पर पुलिस ने सिपाही के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं में चार्जशीट दायर की।
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न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान पांच गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर न्यायालय ने वर्तमान में रामपुर में तैनात इस सिपाही को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इधर, सजा सुनाए जाने के बाद दीवानी परिसर में सिपाही के परिजन बिलखते और गहमागहमी करते रहे।
किशोरी से छेड़खानी में तीन दोषियों को सजा
महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में वर्ष 2013 में किशोरी से छेड़खानी के तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे पॉक्सो तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत ने सुनाया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी ललित कुमार पुंढीर के अनुसार घटना 25 जून 2013 की है। इलाके की किशोरी शौच को जा रही थी।
तभी नामजदों ने उसके साथ छेड़खानी व अश्लील हरकत की। इस मुकदमे में गजनफर उर्फ इमरान, देवराज व अरविंद उर्फ राजाबाबू के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। मुकदमे में सत्र परीक्षण के दौरान तीनों को दोषी करार देते हुए 4-4 वर्ष कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि में से 4500 रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार घटना 30 अक्तूबर 2002 की है। जलालपुर क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने 31 अक्तूबर को देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें आरोप लगाया कि बीती देर शाम जलालपुर चौकी पर तैनात सिपाही शशीकांत निवासी चमरावाला नगीना बिजनौर उनकी 15 वर्षीय बेटी को बाइक पर बैठाकर ले गया।
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बेटी घर से 25 हजार रुपये व जेवरात भी लेकर गई। जब बेटी को रात में खोजा गया तो सिपाही ने उन्हें धमकाया भी। अगले दिन सिपाही बेटी को वापस छोड़ गया और धमकी दी कि अगर शिकायत की तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। मामले में मुकदमा, मेडिकल परीक्षण व बयान आदि के आधार पर पुलिस ने सिपाही के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं में चार्जशीट दायर की।
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न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान पांच गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर न्यायालय ने वर्तमान में रामपुर में तैनात इस सिपाही को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इधर, सजा सुनाए जाने के बाद दीवानी परिसर में सिपाही के परिजन बिलखते और गहमागहमी करते रहे।
किशोरी से छेड़खानी में तीन दोषियों को सजा
महानगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में वर्ष 2013 में किशोरी से छेड़खानी के तीन दोषियों को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे पॉक्सो तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत ने सुनाया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी ललित कुमार पुंढीर के अनुसार घटना 25 जून 2013 की है। इलाके की किशोरी शौच को जा रही थी।
तभी नामजदों ने उसके साथ छेड़खानी व अश्लील हरकत की। इस मुकदमे में गजनफर उर्फ इमरान, देवराज व अरविंद उर्फ राजाबाबू के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। मुकदमे में सत्र परीक्षण के दौरान तीनों को दोषी करार देते हुए 4-4 वर्ष कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि में से 4500 रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।