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खोदाई के दौरान ऐसे हुआ हादसा: गीली होने से मिट्टी की पकड़ हुई खत्म, अपना भार नहीं संभाल पाई, ढही ढाय
Sun, 26 Apr 2026 04:27 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 26 Apr 2026 04:27 PM IST
सार
खोदाई के दौरान मिट्टी का खिसकना एक भौतिक और भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है। जब पाइप लाइन में लीकेज होता है, तो मिट्टी के गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके पीछे के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी कारण हैं।
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मिट्टी की ढाय ऐसे ढही
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
अलीगढ़ के रेलवे रोड पर पानी आपूर्ति की पाइप लाइन की मरम्मत का काम एक हफ्ते से चल रहा था। इस दौरान गड्ढे में पानी भरा था, हालांकि उसे निकालने के लिए पंप भी था। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के जानकार कहते हैं कि लगातार गड्ढे में पानी भरे रहने से मिट्टी के कणों में पानी भर गया और उसका भार बढ़ गया। हल्के कंपन और गुरुत्वाकर्षण से मिट्टी सरक गई।
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एएमयू भूगोल विभाग के वैज्ञानिक प्रो. अहमद मुजतबा कहते हैं कि खोदाई के दौरान मिट्टी का खिसकना एक भौतिक और भूवैज्ञानिक प्रक्रिया है। जब पाइप लाइन में लीकेज होता है, तो मिट्टी के गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके पीछे के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी कारण हैं। मिट्टी के कण आपस में एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। जब पाइप लाइन लीक होती है, तो पानी मिट्टी के बीच के बारीक छिद्रों में घुस जाता है। इससे मिट्टी के कणों के बीच का घर्षण और पकड़ खत्म हो जाती है, जिससे मिट्टी एक गारा या कीचड़ का रूप ले लेती है और अपना भार नहीं संभाल पाती।
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सूखी मिट्टी की तुलना में गीली मिट्टी बहुत भारी होती है। जब लीकेज का पानी गड्ढे के आसपास की मिट्टी में सोख लिया जाता है, तो उस हिस्से का वजन अचानक बढ़ जाता है। गड्ढे की खड़ी दीवारें इस बढ़े हुए वजन को सहन नहीं कर पातीं और गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे गिर जाती हैं।
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इसके अलावा मिट्टी के कणों के बीच जो पानी भर जाता है, वह बाहर की तरफ दबाव डालता है। इसे पोर वॉटर प्रेशर कहते हैं। यह दबाव मिट्टी को अंदर से अस्थिर कर देता है, जिससे मिट्टी की दीवारें बाहर की ओर (गड्ढे की तरफ) धंसने लगती हैं। अक्सर पाइप लाइन सड़कों के किनारे होती हैं। सड़क पर चलने वाले वाहनों का कंपन और आसपास की भारी इमारतों का दबाव मिट्टी पर नीचे की तरफ जोर डालता है। जब नीचे खोदाई की जाती है और साथ में पानी का रिसाव हो, तो यह बाहरी दबाव मिट्टी को तेजी से गड्ढे में धकेल देता है।
पानी मिट्टी के लिए लुब्रिकेंट (चिकनाई) का काम करता है, जो उसे ठोस पत्थर जैसी स्थिति से हटाकर बहने वाली स्थिति में ले आता है। यही कारण है कि लीकेज वाली जगह पर खोदाई करना बिना सुरक्षा के बेहद खतरनाक होता है।