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भीषण अग्निकांड में झुग्गी बस्ती राख
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Sun, 22 Oct 2017 12:37 AM IST
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भीषण अग्निकांड में झुग्गी बस्ती राख
- फोटो : Rupesh
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भाईदूज पर आतिशबाजी की चिंगारी से महानगर के कमेला रोड हड्डी गोदाम स्थित बिहारी झुग्गी बस्ती जलकर राख हो गई। कुछ ही देर में इस अग्निकांड में 26 परिवार बेघर हो गए। इलाके में चीखपुकार के बीच अफरातफरी व भगदड़ मच गई। खबर पर पहुंची तीन दमकलों की मदद से जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक इन गरीब परिवारों का सब कुछ राख हो चुका था।
झुग्गियों से होते हुए आग पास स्थित एक टायर विक्रेता के गोदाम में भी पहुंच गई। इससे वहां रखा पूरा माल, स्कूटर आदि जल गया। इस हादसे के बाद बेघर हुए परिवारों के लिए मदद के इंतजाम प्रशासनिक स्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
देहली गेट क्षेत्र के कमेला रोड पर आबादी के बीच खाली मैदान पर पिछले करीब डेढ़ दशक से बिहार के किशनगंज जिले के मजदूरों ने झुग्गी बसाकर रहना शुरू कर दिया था। बाद में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मजदूर भी आकर बस गए। इस झुग्गी बस्ती में रहने वाले 26 परिवारों के ज्यादातर मजदूर कट्टी कारोबार में लगे हैं। कुछ मजदूरी, रिक्शा चलाना, कबाड़ बीनने का काम भी करते हैं। शनिवार पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे झुग्गी बस्ती के बच्चे आतिशबाजी ले आए और चलाने लगे।
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तभी अचानक बस्ती के पिछले हिस्से की झुग्गी के छप्पर में पटाखे की चिंगारी से आग लग गई। यह देख वहां अफरा-तफरी मच गई। जब तक आग बुझाने के प्रयास शुरू होते, तब तक एक-एक कर अन्य झुग्गियों में आग पहुंचने लगी। यह देख लोग दहशत में आ गए और सामान आदि छोड़कर जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे।
इसी बीच सूचना पर देहली गेट एसओ अनुज कुमार, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, एसीएम रामसूरत पांडेय, एसडीएम कोल पंकज वर्मा, सीएफओ विवेक शर्मा आदि दमकलों के साथ पहुंच गए। मगर दमकलों के आने तक काफी देर हो चुकी थी। पूरी झुग्गी बस्ती आग की जद में आ चुकी थी। फिर भी दमकलकर्मियों ने डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद आग को काबू किया। मगर तब तक कुछ नहीं बचा था। इस आग से इलाके में पुराने टायरों का गोदाम चलाने वाले मो. नईम का टायर गोदाम और उसमें रखा स्कूटर, साइकिल आदि भी जल गईं। इस अग्निकांड से कई लाख के नुकसान का अनुमान है।
बच्चों द्वारा चलाई गई आतिशबाजी से आग लगी थी। यह बात खुद वहां के लोगों ने स्वीकार की है। आग को काबू किया जाता, उससे पहले ही पूरी बस्ती राख हो गई। अब पुलिस प्रशासनिक स्तर से पीड़ित परिवारों कीे मदद की जा रही है।
- विशाल पांडेय, सीओ प्रथम
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झुग्गियों से होते हुए आग पास स्थित एक टायर विक्रेता के गोदाम में भी पहुंच गई। इससे वहां रखा पूरा माल, स्कूटर आदि जल गया। इस हादसे के बाद बेघर हुए परिवारों के लिए मदद के इंतजाम प्रशासनिक स्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
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देहली गेट क्षेत्र के कमेला रोड पर आबादी के बीच खाली मैदान पर पिछले करीब डेढ़ दशक से बिहार के किशनगंज जिले के मजदूरों ने झुग्गी बसाकर रहना शुरू कर दिया था। बाद में पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मजदूर भी आकर बस गए। इस झुग्गी बस्ती में रहने वाले 26 परिवारों के ज्यादातर मजदूर कट्टी कारोबार में लगे हैं। कुछ मजदूरी, रिक्शा चलाना, कबाड़ बीनने का काम भी करते हैं। शनिवार पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे झुग्गी बस्ती के बच्चे आतिशबाजी ले आए और चलाने लगे।
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तभी अचानक बस्ती के पिछले हिस्से की झुग्गी के छप्पर में पटाखे की चिंगारी से आग लग गई। यह देख वहां अफरा-तफरी मच गई। जब तक आग बुझाने के प्रयास शुरू होते, तब तक एक-एक कर अन्य झुग्गियों में आग पहुंचने लगी। यह देख लोग दहशत में आ गए और सामान आदि छोड़कर जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे।
इसी बीच सूचना पर देहली गेट एसओ अनुज कुमार, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, एसीएम रामसूरत पांडेय, एसडीएम कोल पंकज वर्मा, सीएफओ विवेक शर्मा आदि दमकलों के साथ पहुंच गए। मगर दमकलों के आने तक काफी देर हो चुकी थी। पूरी झुग्गी बस्ती आग की जद में आ चुकी थी। फिर भी दमकलकर्मियों ने डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद आग को काबू किया। मगर तब तक कुछ नहीं बचा था। इस आग से इलाके में पुराने टायरों का गोदाम चलाने वाले मो. नईम का टायर गोदाम और उसमें रखा स्कूटर, साइकिल आदि भी जल गईं। इस अग्निकांड से कई लाख के नुकसान का अनुमान है।
बच्चों द्वारा चलाई गई आतिशबाजी से आग लगी थी। यह बात खुद वहां के लोगों ने स्वीकार की है। आग को काबू किया जाता, उससे पहले ही पूरी बस्ती राख हो गई। अब पुलिस प्रशासनिक स्तर से पीड़ित परिवारों कीे मदद की जा रही है।
- विशाल पांडेय, सीओ प्रथम