फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Singer Pankaj Udhas connection with Aligarh

उदास कर गया पंकज उधास का यूं जाना: अलीगढ़ नुमाइश में आए थे चार बार, एएमयू आने की ख्वाहिश रह गई अधूरी

Tue, 27 Feb 2024 04:03 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 27 Feb 2024 04:03 AM IST
सार

गजल गायक पंकज उधास का अलीगढ़ से भी गहरा नाता है। पंकज उधास अलीगढ़ की नुमाइश में चार बार आए थे। गजल गायक पंकज उधास की ख्वाहिश एएमयू में आने की थी, जो अधूरी ही रह गई। हालांकि, एएमयू में उनके भाई प्रदीप उधास ने उनकी गाई गजलें सुनाई थीं।  

विज्ञापन
Singer Pankaj Udhas connection with Aligarh
पंकज उधास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपनी मखमली आवाज में गाई गजलों से अलीगढ़ के बाशिंदों को मुरीद बनाने वाले पंकज उधास का निधन हर किसी को उदास कर गया। नीरज और शहरयार के शहर में उनकी गजलों के बेशुमार दीवाने थे। यहां के सामईनों ने उन्हें एक-दो बार नहीं, चार बार रूबरू देखा और सराहा था।  आखिरी बार वर्ष 2018 में अलीगढ़ की नुमाइश में प्रस्तुति देने आए थे। जब उन्होंने निकलो न बेनकाब, जमाना खराब है...सुनाया। तो पूरा पांडाल झूम उठा था। 

विज्ञापन


जब भी उन्हें अलीगढ़ से बुलावा जाता था तो वह जरूर आते थे।  नुमाइश आयोजन से जुड़े लोग बताते हैं कि वे कुल चार बार नुमाइश में आए। जिसमें से तीन मर्तबा उन्होंने कृष्णांजलि नाट्यशाला में प्रस्तुति दी। आखिरी बार 30 जनवरी 2018 की रात कोहिनूर मंच पर चौथी प्रस्तुति दी। इस आयोजन से जुड़े नुमाइश कार्यकारिणी सदस्य विष्णु कुमार बंटी बताते हैं कि कोहिनूर मंच नया नया बना था, तब नुमाइश इंतजामिया के अधिकारियों ने तय किया कि इतने बड़े स्टार की नाइट इस बार कृष्णांजलि के बजाय कोहिनूर मंच पर कराई जाएगी। कोहिनूर मंच पर गजल गायकी का यह हीरा जब गाने उतरा तो फिर लोग उसकी आवाज के जादू में खो गए।
विज्ञापन


पहले उन्होंने अपनी पसंद से निकलो न बेनकाब जमाना खराब है..गजल पेश की। चांदी जैसा रंग है तेरा सोने जैसे बाल, दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है....हम भी पागल हो जाएंगे ...ऐसा लगता है, सबको मालूम है कि मैं शराबी नहीं..फिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूं, जनता की मांग पर हुई महंगी बहुत ही शराब..कि थोड़ी थोड़ी पिया करो  और चिट्ठी आई है...चिट्ठी आई है। लोग देर तक झूमते रहे। मीडिया से भी उनका संवाद हुआ था । 

विज्ञापन
विज्ञापन

एएमयू में आने की ख्वाहिश रह गई अधूरी

गजल गायक पंकज उधास की ख्वाहिश एएमयू में आने की थी, जो अधूरी ही रह गई। हालांकि, एएमयू में उनके भाई प्रदीप उधास ने उनकी गाई गजलें सुनाई थीं।  एएमयू के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रो. एफएस शीरानी ने बताया कि वर्ष 2023 में एएमयू के एमबीए विभाग में पंकज उधास के भाई प्रदीप उधास अपनी प्रस्तुति देने आए थे। उन्होंने कहा कि भैया पंकज की एएमयू में प्रस्तुति देने की बड़ी ख्वाहिश थी, लेकिन कोई संयोग नहीं बन सका। उनकी इस ख्वाहिश को वह  उनकी गजलों को सुनाकर करेंगे। प्रो. शीरानी ने कहा कि प्रदीप ने पंकज के गजल सुनाए और खूब वाहवाही लूटी। लोगों ने फरमाइश भी की, जिसका उन्होंने सम्मान भी रखा। प्रो. शीरानी ने कहा कि पंकज उधास की गायकी में बहुत खूबी थी। एक गायक की आवाज असीमित होती है, लेकिन उनकी सीमित थी। फिर भी उन्होंने उम्दा गजल और गीत गाए।

31 दिसंबर को नहीं आ सके अलीगढ़
पंकज उधास को शहर के एक होटल में पिछले वर्ष 31 दिसंबर की रात को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया जा रहा था। मगर किन्हीं कारणों से वह कार्यक्रम स्थगित हुआ था। यह आयोजन आगरा रोड के एक होटल में तय हुआ था।

गजल गायकी में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले पंकज उधास के एलबम में हर तरह खजाना होता था। हर उम्र के के लोग बड़ी तन्मयता से उनको सुनते हैं। चिठ्ठी आई है.. चांदी जैसा रूप है तेरा..बेहद मशहूर हुए। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।-जॉनी फास्टर शायर व संगीतकार।
गजल गायक पंकज उधास के निधन से बहुत दुख हुआ। बहुत साल पहले अलीगढ़ नुमाइश में ही उनसे मुलाकात हुई थी और अत्यंत सुहृदय, विनम्र, दूसरों के दर्द को समझने वाले एक सच्चे कलाकार के रूप में उनसे रूबरू मुलाकात हुई, तब उन्हें समझने का मौका मिला। एक कलाकार के रूप में तब जाना कि ईश्वर के आशीर्वाद के रूप में एक कलाकार इस दुनिया के लिए क्या महत्व रखता है।-शरद गुप्ता, निदेशक, एसपीजीसी संगीत स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed