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मेटल डस्ट के लिए चोरों के निशाने पर साइलेंसर

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 01:33 AM IST
Silencers targeted by thieves for metal dust
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अभिषेक शर्मा

साइलेंसर में कीमती व्हाइट गोल्ड प्रयोग होता है। यही वजह है कि वाहनों में लगे साइलेंसरों की चोरी हो रही है। अकेले अलीगढ़ या यूपी ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्य इस नए तरह के संगठित अपराध से जूझ रहे हैं। खासतौर पर ईको वाहनों के साइलेंसर चोरी की अनगिनत घटनाएं दर्ज हो रही हैं। साइलेंसर में प्रयोग होने वाली कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली और उसके जरिये संकलित होने वाली मेटल डस्ट के काम भी बेशकीमती हैं।
विनीत मोटर्स के संचालक अमन राठी बताते हैं कि पुराने मॉडल के वाहनों में कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली चूंकि इंजन में ही फिट हुआ करती थी। इसलिए उसे निकाल पाना इतना आसान नहीं था। मगर अब अधिकांश वाहनों में साइलेंसर में यानि वाहन के नीचे फिट होकर आने लगी है, जिसमें प्लेटिनम ग्रुप ऑफ मेटल्स का प्रयोग होता है। उसकी चोरी के लिए यह अपराध लगातार बढ़ रहा है। सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह इतना ही बताते हैं कि इस संगठित अपराध पर पुलिस की नजर है। मडराक के गैंग से जोड़कर अन्य संपर्कों को खंगाला जा रहा है। इसके नेटवर्क और एजेंटों तक पहुंचने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

ये है तकनीक
- बीएस-4 तकनीक के वाहनों या पुराने मॉडल के वाहनों में इंजन के धुआं छोड़ने के स्थान पर पहले से ही कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली का प्रयोग होता आ रहा है, मगर अब तक वह जाली इंजन के अंदर धुआं निकलने वाले स्थान पर फिट होती थी। यह जाली प्लेटिनम ग्रुप ऑफ मेटल्स (पीजीएम) से बनती है, जिसे व्हाइड गोल्ड भी कहते हैं, जो कि अधिक तापमान को झेलने की क्षमता रखती है। इसी जाली के माध्यम से धुआं फिल्टर से होकर बाहर निकलता है।
- बीएस-6 तकनीक या अधिकांश पेट्रोल वर्जन वाले मॉडलों में यह कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली साइलेंसर में लगने लगी है, जिसमें सबसे बड़ी जाली का प्रयोग ईको वाहन में होता है। इसलिए उसकी जाली सबसे अधिक वजनी और महंगी होती है। सबसे अधिक डस्ट उसी जाली के इर्द-गिर्द पाई जाती है।
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- इन दो वजहों से चोरी होते वाहनों के साइलेंसर
- पहली वजह तस्कर सीधे साइलेंसर खरीदकर उसमें से कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली से व्हाइड गोल्ड निकालकर आठ से 10 हजार रुपये प्रति दस ग्राम में बेचते हैं।
- दूसरी वजह कैटेलिक कन्वर्टर की बारीक जाली आग में तपने और पुरानी होने के कारण मेटल डस्ट संकलित करती है। इसमें भी प्लेटिनम ग्रुप ऑफ मेटल्स पाया जाता है, क्योंकि यह आग और अत्यधिक तापमान झेलने योग्य होता है। इसलिए इसे बड़े उद्योगों में लोहा गलाने की भट्ठी बनाने और कुछ जगहों पर बारूद बनाने में प्रयोग किया जाता है।
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यहां होती है आपूर्ति
- दिल्ली-एनसीआर के जिलों से वाहनों से चोरी होने वाले साइलेंसर या कबाड़ गोदामों व मोटर गैराजों से खरीदे जाने वाले साइलेंसरों से कुछ सप्लायर स्थानीय स्तर पर डस्ट या जाली निकालते हैं, जिसे वे दिल्ली में एजेंटों के जरिये बेचते हैं। एजेंटों के जरिये इसकी सप्लाई गुजरात, महाराष्ट्र व हरियाणा के औद्योगिक इलाकों के अलावा व्हाइड गोल्ड की तस्करी वाले विदेशी बाजारों में भी होती है।

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