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अलीगढ़ः कोरोना की वजह से वार्षिक परीक्षा पर आया संकट
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कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के चलते एक बार फिर से कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा पर संकट आ गया है। कोरोना के चलते विद्यालय 23 जनवरी तक बंद हैं। दूसरी ओर दस फरवरी को चुनाव है। जबकि अप्रैल से नया सत्र शुरू होता है। ऐसे में परीक्षा कब कराई जाएगी। यह बड़ा सवाल है। जबकि शिक्षाविद व शिक्षकों का कहना है कि लगातार तीसरी बार अगर बच्चों को प्रमोट किया तो शिक्षा व्यवस्था पर भविष्य में सवाल खड़े होने लगेंगे। क्योंकि एक छात्र बिना स्कूल जाए तीन कक्षा ऊपर पहुंच जाएगा। उसे व्यावहारिक ज्ञान है भी नहीं। नहीं है तो क्या बच्चा कक्षा में बार बार फेल होगा।
बता दें कि कोरोना के चलते पिछले दो वर्षों में विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में छमाही परीक्षा कराई जाती हैं। लेकिन बढ़ते कोरोना की वजह से परीक्षा नहीं हो सकीं। चूंकि जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अभी परीक्षाएं नहीं होंगी। शासन ने भी 23 जनवरी तक स्कूलों को बंद करा दिया है। अगर परीक्षाओं के बिना लगातार तीसरी बार विद्यार्थी प्रमोट हुए तो इससे काफी नुकसान हो सकते हैं। यह कहना है कि शिक्षाविद डॉ. रक्षपाल सिंह का। उन्होंने कहा कि जो बच्चा तीन साल बिना पढ़े कक्षा छह से सीधे नौ में पहुंच जाएगा। वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करेगा। क्योंकि कक्षा नौ से बोर्ड परीक्षा का माहौल शुरू हो जाता है। तीन साल से ठीक तरीके से पढ़ाई किए बिना वह लगातार प्रमोट होता चला गया। गुजरे हुए समय की भरपाई हो नहीं सकती तो विद्यार्थी दस में आने के बाद क्या बार बार फेल होगा। ऐसे विद्यार्थी अपने आपको किस नजरिए से देखेंगे। बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि अभी बच्चों को विद्यालय न बुलाने का आदेश है। परीक्षाओं के संबंध में कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर परीक्षा कराने के लिए शासन निर्देश देगा तो कोरोना प्रोटोकॉल के तहत परीक्षाएं संपन्न कराएंगे।
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बता दें कि कोरोना के चलते पिछले दो वर्षों में विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में छमाही परीक्षा कराई जाती हैं। लेकिन बढ़ते कोरोना की वजह से परीक्षा नहीं हो सकीं। चूंकि जनपद में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अभी परीक्षाएं नहीं होंगी। शासन ने भी 23 जनवरी तक स्कूलों को बंद करा दिया है। अगर परीक्षाओं के बिना लगातार तीसरी बार विद्यार्थी प्रमोट हुए तो इससे काफी नुकसान हो सकते हैं। यह कहना है कि शिक्षाविद डॉ. रक्षपाल सिंह का। उन्होंने कहा कि जो बच्चा तीन साल बिना पढ़े कक्षा छह से सीधे नौ में पहुंच जाएगा। वह बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करेगा। क्योंकि कक्षा नौ से बोर्ड परीक्षा का माहौल शुरू हो जाता है। तीन साल से ठीक तरीके से पढ़ाई किए बिना वह लगातार प्रमोट होता चला गया। गुजरे हुए समय की भरपाई हो नहीं सकती तो विद्यार्थी दस में आने के बाद क्या बार बार फेल होगा। ऐसे विद्यार्थी अपने आपको किस नजरिए से देखेंगे। बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि अभी बच्चों को विद्यालय न बुलाने का आदेश है। परीक्षाओं के संबंध में कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर परीक्षा कराने के लिए शासन निर्देश देगा तो कोरोना प्रोटोकॉल के तहत परीक्षाएं संपन्न कराएंगे।
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