अलीगढ़: अब इंसानों की जगह रोबोट और मशीनों से होगी सीवर की सफाई, 1 अक्तूबर से बदलेगी शहर की तस्वीर
अब अलीगढ़ शहर में जान जोखिम में डालकर इंसानों द्वारा सीवर साफ करने का दौर खत्म होने जा रहा है और इसकी कमान संभालेंगी हाई-टेक मैकेनाइज्ड मशीनें और रोबोट।
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सीवर ओवरफ्लो, सड़कों पर गंदा पानी और मैनहोल चोक होने की पुरानी समस्याओं से अलीगढ़ वासियों को जल्द ही हमेशा के लिए राहत मिलने वाली है। नगर निगम ने सीवर सफाई को पूरी तरह से सुरक्षित और आधुनिक बनाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब शहर में जान जोखिम में डालकर इंसानों द्वारा सीवर साफ करने का दौर खत्म होने जा रहा है और इसकी कमान संभालेंगी हाई-टेक मैकेनाइज्ड मशीनें और रोबोट। महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की विशेष पहल पर 1 अक्तूबर से शहर की सीवर सफाई व्यवस्था पूरी तरह से मैकेनाइज्ड होने जा रही है।
महापौर प्रशांत सिंघल ने बताया कि इस तकनीक से शहरवासियों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से बड़ी निजात मिलेगी। वहीं, नगर आयुक्त ने जलकल के प्रभारी महाप्रबंधक अजय कुमार सक्सेना को निर्देश दिए हैं कि निगम के पास पहले से मौजूद 2 सीवर क्लीनिंग मशीनों को तुरंत चालू कराया जाए। इन्हें ट्रैक्टर-माउंटेड रूप में मॉडिफाई कर आगामी 2 साल के लिए एजेंसी के माध्यम से संचालित किया जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मशीनें खरीदने का प्रस्ताव जल्द तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।
जयंगज में हुआ ट्रायल
इस योजना की शुरुआत जमीनी स्तर पर परखने के लिए महापौर और नगर आयुक्त ने खुद जयंगज क्षेत्र पहुंचकर ट्रैक्टर-माउंटेड सीवर मैनहोल क्लीनिंग मशीन का लाइव ट्रायल लिया। कंपनी के इंजीनियरों ने डेमो देकर समझाया कि कैसे यह मशीन शहर की तंग और संकरी गलियों में भी आसानी से घुसकर बंद मैनहोल को मिनटों में साफ कर सकती है।अलीगढ़ की भौगोलिक स्थिति के अनुसार इस मशीन को पूरी तरह मुफीद पाया गया है, जिसके बाद इसे पूरे शहर में लागू करने का निर्णय लिया गया।
यह भी जानें
- कवरेज- शहर की लगभग 107 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और इसके 1200 मैनहोल अब इन मशीनों के जरिए साफ किए जाएंगे।
- रफ्तार और क्षमता- मशीन एक दिन में 15 से 20 मैनहोल की सफाई आसानी से कर सकती है। (तुलना करें तो मैनुअल लेबर से एक दिन में केवल 5 से 7 मैनहोल ही साफ हो पाते थे)।
- शून्य जोखिम - किसी भी सफाई कर्मचारी को जहरीले सीवर मैनहोल के अंदर उतरने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
हाई-टेक फीचर्स और सुरक्षा कवच
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि यह रोबोटिक मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है और इसके कई सुरक्षा लाभ हैं:
गैस लीक अलर्ट
सीवर लाइन के भीतर मौजूद खतरनाक गैसों जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड, मीथेन और अमोनिया के रिसाव का सटीक अलर्ट मशीन के मॉनिटर पर तुरंत डिस्प्ले हो जाएगा।
समय और श्रम की बचत
कम समय में अधिक से अधिक सफाई संभव होगी, जिससे मैनपावर की भी बचत होगी और शहर में जलभराव की समस्या का भी स्थायी अंत होगा।