Hathras: अर्जुनपुर के मदरसा-इंटर कॉलेज में 41.48 का छात्रवृत्ति घोटाला उजागर, संचालक गिरफ्तार, यह है मामला
ईओडब्लू कानपुर की टीम चंदपा क्षेत्र के गांव अजुर्नपुर पहुंची। यहां से संचालक पवन कुमार उर्फ बंटी निवासी अजुर्नपुर चंदपा को गिरफ्तार कर लिया। पवन कुमार पर बाबा जाहरवीर मदरसा अर्जुनपुर भटैला में 33,48,660 रुपये और शिव चरन इंटर कॉलेज अर्जुनपुर में 8 लाख रुपये के गबन का आरोप है।
विस्तार
हाथरस जिले में वर्ष 2011 से 2013 में अल्पसंख्यक प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले में अर्जुनपुर के बाबा जाहरवीर मदरसा व शिव चरन इंटर कॉलेज 41.48 लाख का गबन उजागर हुआ है। इन कॉलेजों में मनमानी तरीके से छात्रों के नाम फीड कर उनके नाम से छात्रवृत्ति गबन सामने आया है। इसी आधार पर मामले में जांच कर रही ईओडब्ल्यू कानपुर की टीम ने दोनों संस्थानों के संचालक पवन कुमार उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर लिया। अब कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भेजा जाएगा।
जिले में वर्ष 2011 से 2013 तक करीब 25 करोड़ रुपये का अल्पसंख्यक प्री मैट्रिक छात्रवृति घोटाला उजागर हुआ था। इस मामले में वर्ष 2014 में प्रमुख सचिव अल्प संख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के आदेश पर तत्कालीन अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी बीपी सिंह ने 65 विद्यालय व मदरसों के संचालकों के खिलाफ मुरसान कोतवाली में इस गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। चूंकि यह आर्थिक अपराध का मामला था। इसलिए शासन की ओर से इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा कानपुर को दी गई था। जांच में चौबीस करोड़ बानवे लाख छियत्तर हजार तीन सौ बारह रुपये का गबन सामने आया था। जांच में विभिन्न विद्यालयों के 78 संचालकों व प्रधानाचार्यों के नाम प्रकाश में आए। इन सभी आरोपी बनाया गया।
इसी क्रम में 5 जुलाई को ईओडब्लू कानपुर की टीम चंदपा क्षेत्र के गांव अजुर्नपुर पहुंची। यहां से संचालक पवन कुमार उर्फ बंटी निवासी अजुर्नपुर चंदपा को गिरफ्तार कर लिया। पवन कुमार पर बाबा जाहरवीर मदरसा अर्जुनपुर भटैला में 33,48,660 रुपये और शिव चरन इंटर कॉलेज अर्जुनपुर में 8 लाख रुपये के गबन का आरोप है। इनके विद्यालयों में छात्रों के नाम मनमाने तरीके से फीड करके उनके नाम से छात्रवृत्ति के गबन का आरोप उजागर हुआ है। टीम उक्त आरोपी को कल न्यायालय में पेश करेगी। उन्हें पकडऩे वाली टीम में निरीक्षक कमलेश पाल, निरीक्षक विजय मिश्रा, उप निरीक्षक शिवा कटियार, मुख्य आरक्षी लोकेन्द्र सिंह और आरक्षी चालक कृष्ण गोपाल शामिल रहे।
दो माह पूर्व हुई थी तत्कालीन प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी
छात्रवृत्ति घोटाले में करीब दो माह पूर्व मुरलीधर गजानंद पॉलिटेक्निक कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य नसरुद्दीन को ईओडब्ल्यू कानपुर यूनिट की टीम ने गिरफ्तार किया था। नसीरुद्दीन पर 433 छात्र-छात्राओं के लिए जारी की गयी छात्रवृति धनराशि 29.25 लाख रुपये का गबन का आरोप था।
जेल जा चुके है पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
वर्ष 2013 में जिले के अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति शुल्क प्रतिपूर्ति तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा दी गई थी। इसमें कुछ स्कूल संचालकों ने अधिकारियों से शिकायत की। जिसकी परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण ने जांच की। जिसमें पाया कि तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह द्वारा भारत सरकार की प्री मैट्रिक स्कालरशिप प्राप्त करने के लिए संस्थाओं के नाम पर फर्जी व मनमाने तरीके से फीड कर धनराशि की मांग की गई थी। इसी आधार पर तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीरेंद्र पाल सिंह को 24.92 करोड़ रुपए के दुरुपयोग का दोषी भी माना गया था। जिसमें उन्हें भी 2019 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।