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संदीप हत्याकांडः फेसबुक पर की ऑडियो पोस्ट... अंकुश बता रहा खुद को निर्दोष

Thu, 20 Jan 2022 01:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jan 2022 01:00 AM IST
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Sandeep Murder Case : Audio post on Facebook...  Ankush is telling himself innocent
अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड में फरार मुख्य साजिशकर्ता 50 हजार के इनामी अंकुश अग्रवाल ने नई चाल चल दी है। उसने अपनी फेसबुक आईडी से बुधवार दोपहर अपना एक ऑडियो पोस्ट किया है, जिसमें वह खुद को निर्दोष करार देने की कोशिश कर रहा है। हालांकि खुद ही उसने स्वीकारा है कि घटना वाली शाम वह कुछ लोगों की बातों में आकर संदीप गुप्ता की गाड़ी के आगे पीछे घूमा है। मगर उसे नहीं मालूम था कि हत्या होने वाली है। उसने अलीगढ़ व एटा के कुछ व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों के नाम लेकर कहा है कि उन्होंने ये हत्या कराई है। हालांकि ऑडियो में उसके द्वारा सुनाई जा रही कहानी गले नहीं उतर रही। मगर इतना जरूर है कि ऑडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है।
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13 मिनट के ऑडियो में इस तरह सुनाई कहानी
अपने फेसबुक एकाउंट से अंकुश ने 13 मिनट का ऑडियो अपना फोटो लगाकर पोस्ट किया है, जिसमें कहा है कि मैं एक ऐसे अपराध में भागा फिर रहा हूं, जिसके विषय में सपने में नहीं सोच सकता। पिता से अनबन पर घर से निकाल दिया। दोस्त ने छत दी तो उसे अपराधी बना दिया। इस बीच वह मनहूस दिन आया, जब मुझे ढाल बनाकर संदीप जी की हत्या करा दी और जांच मेरी तरफ मुड़वा दी। अंकुश कह रहा है कि अगर हत्या करानी होती तो मैं अपनी कार क्यों प्रयोग करता। क्या मुझे नहीं पता कि शहर में सीसीटीवी लगे हैं। जिन लोगों ने हत्या कराई है, वे खुलेआम घूम रहे हैं। मेरी व दोस्तों की हत्या कराना चाहते हैं। ताकि सच छिपा रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अनुरोध है कि इसकी सीबीआई जांच हो। संदीप गुप्ता द्वारा खुद को पीटे जाने या पैर छूने के विवाद की बात निराधार बताते हुए कह रहा है कि वह शादी से पहले भी उनके पैर छूता था। रही पत्नी से विवाद की तो उसमें अप्रैल 2021 में समझौता हो गया था। उस समय जरूर संदीप गुप्ता गुस्से में थे, मगर बाद में उन्होंने बात खत्म कर दी थी। लिखित समझौता हुआ था। वह मेरे व मेरे पिता में टकराव के कारण घर छोड़ने से नाराज थे। कहते थे कि घर आकर रहो। समाधान न निकलने पर उन्होंने मेरे पिता पर दबाव बनाने के लिए दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।
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फिर यह भी कहा कि तुम अपना हिस्सा मांगों और अलीगंज आकर रहो। अगर मेरे पिता की बात करें तो वे अगर रंजिश मानते तो 45 लाख रुपये क्यों देते। हां, मेरा गुनाह इतना है कि क्वार्सी अलीगढ़ व एटा के उनके कुछ व्यापारिक प्रतिद्वंद्वियों की बातों में मैं आ गया। उन्हें मैं बड़ा भाई मानता था। उन लोगों ने मुझे बुलाकर संदीप गुप्ता के खिलाफ जहर उगला। व्यापार में गबन का आरोप लगाकर अल्ट्राटेक में साझेदारी में काम करने का प्रस्ताव रखा। मैंने रुपयों का इंतजाम न होने की बात कही। इस पर कहा कि तुम गाड़ियों का इंतजाम करो, बाकी सब मैनेज हो जाएगा। हालांकि मैंने कोई सहमति नहीं दी। मगर 27 दिसंबर की शाम उन्हीं लोगों ने फोन कर मुझे दुष्यंत के गैराज पर बुलाया। उस समय मैं साहिल व उत्कर्ष संग पहुंचा था। उन्होंने हमसे काले रंग की गाड़ी का नंबर बताकर उसकी रैकी कराने के लिए लड़के मांगे। साहिल ने लड़के बुला लिए। फिर हमें जेल रोड भेज दिया। इसके बाद बातों में लगाकर काली गाड़ी का पीछा कराया। मुझे उस समय तक नहीं पता था कि घटना होने वाली है। जब टीकाराम स्कूल से मैं वापस सारसौल जा रहा था। तभी बताया कि काम हो गया है। इस बीच मैंने किसी परिचित के व्हाट्सएप पर संदीप गुप्ता की हत्या का स्टेटस देखा तो मैं डर गया और गाड़ी दुष्यंत के गैराज पर छोड़कर भाग गया। अंकुश के अनुसार वह नहीं जानता था कि संदीप किस गाड़ी में चलते हैं, क्योंकि उनके पास ज्यादातर 1000 नंबर की गाड़ी ही रहती है। मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। अब मेरे पास कोई आय का स्रोत नहीं है।
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तकनीकी रूप से दक्ष अंकुश के इस कदम का था इंतजार
एमटेक शिक्षित अंकुश अग्रवाल पुलिस से खेल रहा है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह दो-तीन दिन में ऑडियो पोस्ट करेगा, इस बात की साक्ष्य सहित रिकार्डिंग पुलिस के पास पहले से मौजूद है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से पहले तक अंकुश इंटरनेट कॉलिंग के जरिये उत्कर्ष के संपर्क में था। इसी मदद से उत्कर्ष भी दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उत्कर्ष ने अपनी व अंकुश की बातचीत का एक ऐसा ऑडियो पुलिस को दिया, जिसमें वह कह रहा है कि वह एक ऑडियो वायरल करने वाला है। जिसमें वह एक कहानी सुनाकर कुछ लोगों के नाम लेकर जांच की दिशा मुड़वाने का प्रयास करेगा। इससे पुलिस उसके पीछे लगना छोड़ देगी। पुलिस को उसके इसी कदम का इंतजार था।
- अंकुश की तलाश में पुलिस टीमें हर स्तर पर लगी हैं। इसी बीच गिरफ्तार उत्कर्ष ने खुद इस तरह का ऑडियो अंकुश द्वारा वायरल करने की जानकारी भी दी थी। मगर अभी यह सच जानना जरूरी है कि ऑडियो में अंकुश की ही आवाज है या किसी और की। यह जांच के बाद ही साफ होगा। हां, ऑडियो आएगा, ये उसके पीछे लगी पुलिस टीमों का पहले से पता चल गया था। रहा सवाल निर्दोष बताने का तो हर अपराधी खुद को निर्दोष बताता है। तकनीक व व्यक्तिगत रूप से इतने साक्ष्य हैं, जो सब कुछ साफ जाहिर कर रहे हैं।

- श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
आज हो सकता है इनाम एक लाख रुपये
अलीगढ़। जिला पुलिस ने अंकुश व साहिल पर इनाम की राशि बढ़ाकर 1-1 लाख रुपये करने की संस्तुति की है। एडीजी स्तर से अनुमोदन का इंतजार है। संकेत हैं कि आज यह अनुमोदन हो सकता है। अनुमोदन मिलते ही इनाम बढ़ाकर एक लाख कर दिया जाएगा।
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