फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Rooted Nasla Mawati's toilet was broken

फसाद की जड़ नगला मेवाती का शौचालय तोड़ा गया

Fri, 17 Nov 2017 02:10 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Fri, 17 Nov 2017 02:10 AM IST
विज्ञापन
Rooted Nasla Mawati's toilet was broken
शौचालय को ध्वस्त करती जेसीबी। - फोटो : Amar Ujala
बीती चार नवंबर को दो समुदायों के बीच बवाल और दो जिंदगियां लीलने वाला विवादित शौचालय गुरुवार को ध्वस्त हो गया। प्रशासन की पहल पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ही मजदूरों और जेसीबी के जरिए शाम करीब पांच बजे शौचालय तोड़वा दिया। इसी के साथ खुर्रमपुर कांड से उपजे बड़े तनाव का पटाक्षेप भी हो गया। इस मामले में दोनों पक्षों से कई लोग जेल में हैं, जबकि काफी लोगों पर एफआईआर दर्ज है।
विज्ञापन


नगला मेवाती निवासी मुस्लिम समुदाय के लोगों के अनुसार 14 नवंबर को गांव पहुंचे एसडीएम कोल पंकज कुमार वर्मा ने समझाया कि शौचालय टूटने पर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया जाएगा। इस पर नगला मेवाती के लोगों ने राष्ट्रीय उलमा कौंसिल संगठन के पदाधिकारियों से अलीगढ़ में मुलाकात की। 
विज्ञापन


कौंसिल के जिलाध्यक्ष फराहीम व मंडल अध्यक्ष निशार अहमद ने शहर मुफ्ती खालिद हमीद के समक्ष समझौते की बात रखी। ग्रामीणों के समझौते के लिए राजी होने पर शहर मुफ्ती ने जिलाधिकारी से बात की। डीएम ने उनकी बात सुनने के बाद समझौते की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा। इस पर गुरुवार को उलमा कौंसिल के पदाधिकारी नगला मेवाती पहुंचे। अपने सामने मजदूर लगाकर शौचालय तोड़वाना शुरू किया। इसके बाद जेसीबी के जरिए शौचालय को पूरी तरह ध्वस्त करा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला 
खुर्रमपुर ग्राम पंचायत निवासी पोखपाल शर्मा के पुत्र रामवीर शर्मा के नगला मेवाती स्थित खेत में यह शौचालय बना था। इसके सटकर मस्जिद बनी हुई है। मस्जिद में आने वाले लोग इस शौचालय का इस्तेमाल करते थे। इसका पानी बहकर रामवीर के खेत में जाता था। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इस शौचालय को हटवाने के लिए दोनों पक्षों में कई बार बातचीत और पंचायत हुई। थाना एवं तहसील दिवसों में शिकायतें हुईं।

विधायक ने हस्तक्षेप किया लेकिन शौचालय पर न आपसी बात बनी और न प्रशासन ने कोई फैसला कराया। चार नवंबर को रामवीर शर्मा अपने परिजनों व परिचितों को लेकर नगला मेवाती पहुंचे थे। इन लोगों ने शौचालय तोड़ना शुरू किया तो दूसरे पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया था। इसके बाद फायरिंग हुई जिसमें हसीन पुत्र बुंदू खां (18) की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद नगला मेवाती के लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर खुर्रमपुर निवासियों को पीटा था।

खेत मालिक रामवीर शर्मा की रायफल छीनकर तोड़ दी थी। उनके सिर पर कुल्हाड़ी के वार किए गए थे, जिनकी इलाज के दौरान अलीगढ़ में मौत हो गई थी। बवाल में कई लोग घायल हुए थे, जिनका जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में इलाज चला था। दोनों पक्षों से कई लोग इस मामले में अभी जेल में हैं, कई फरार हैं।


फैसले पर कायम रहने की मांग
राष्ट्रीय उलमा काउंसिल के जिला अध्यक्ष चौधरी इफराहीम हुसैन ने खुर्रमपुर में जो बैठक में तय हुआ है, उस पर कायम रहने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शौचालय को तोड़ दिया गया है। अब विवाद का खात्मा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसडीएम कोल डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने जो कहा, मसलन जिन लोगों पर रिपोर्ट है, उन्हें गिरफ्तार नहीं कराया जाएगा और जेल में हैं, सुलह-समझौता के आधार पर समाधान निकाला जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed