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रोडवेज बसों में लेटर बॉक्स युग का अंत
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रोडवेज बसों में अब चिट्ठी के जरिए अधिकारियों के पास अपनी शिकायत पहुंचाने की सुविधा खत्म हो गई है। पूर्व में सभी रोडवेज बसों में लेटर बॉक्स होते थे, लेकिन अब नई और पुरानी दोनों तरह की बसों में यह लेटर बॉक्स बीते जमाने की बात हो गए हैं। अब यदि यात्रा के दौरान यात्री को किसी चालक-परिचालक के व्यवहार की शिकायत करनी हो तो वह अपने मोबाइल फोन से मुख्यालय के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकता है या फिर बस स्टैंड प्रभारी को अपनी शिकायत बता सकता है।
परिवहन निगम की बसों में अब लेटर बॉक्स के स्थान पर ड्राइवर की सीट के पीछे लगी प्लेट पर टोल फ्री नंबर 149 और 18001802877 लिखा होता है। साथ ही एक व्हाट्सएप नंबर 9415049606 भी लिखा होता है। लेटर बाक्स में शिकायत डालने वाले यात्री इन नंबरों पर अपनी शिकायत कर सकते हैं। इन नंबरों पर शिकायत करने के बाद मुख्यालय से शिकायत को संबंधित एआरएम एवं डिपो प्रभारी को भेज दिया जाता है। 24 घंटे के अंदर यात्री के पास संबंधित अधिकारी का फोन आता है और वह पूरी समस्या सुनता है और उसका समाधान करता है।
शिकायतों को फाड़कर फेंक देते थे चालक
रोडवेज की बसों से लेटर बॉक्स खत्म करने के पीछे केवल मोबाइल का प्रयोग अधिक होना ही नहीं है, बल्कि लेटर बॉक्स की चाभी चालक के पास होना भी प्रमुख कारण है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी बस की जिम्मेदारी चालक की होती है। उसके पास ही लेटर बॉक्स एवं प्राथमिक उपचार वाले बॉक्स की चाभी होती थी। यदि कोई यात्री चालक-परिचालक की शिकायत लेकर लेटर बॉक्स में डालता है और इसकी जानकारी चालक को होती जाती तो वह उसे फाड़कर फेंक देता। इसके चलते टोल फ्री एवं व्हाट्सएप नंबर शुरू किया है।
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मई में 10 शिकायतों में से 8 का हुआ निस्तारण
मुख्यालय से मिलने वाली शिकायतें निस्तारण के लिए तत्काल संबंधित एआरएम एवं डिपो प्रभारी को भेज दी जाती हैं। शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी संभालने वाले श्यौदान सिंह ने बताया कि टोल फ्री एवं व्हाट्स एप नंबर पर जनवरी में 10, फरवरी 15, मार्च 12, अप्रैल 11, मई में 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। र्मई में प्राप्त हुईं शिकायतों से दो शिकायतें लंबित हैं, जबकि बाकी सभी का निदान हो चुका है।
पिछले काफी समय से रोडवेज की बसों में लेटर बॉक्स नहीं है। जो नई बसें आई हैं, उनके प्राथमिक उपचार के लिए दवाओं का बॉक्स तो है, लेकिन लेटर बॉक्स नहीं है। अब लोग लेटर बॉक्स का प्रयोग भी नहीं करते हैं। वह सीधे मोबाइल से टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते हैं।
-लोकेश राजपूत, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़
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परिवहन निगम की बसों में अब लेटर बॉक्स के स्थान पर ड्राइवर की सीट के पीछे लगी प्लेट पर टोल फ्री नंबर 149 और 18001802877 लिखा होता है। साथ ही एक व्हाट्सएप नंबर 9415049606 भी लिखा होता है। लेटर बाक्स में शिकायत डालने वाले यात्री इन नंबरों पर अपनी शिकायत कर सकते हैं। इन नंबरों पर शिकायत करने के बाद मुख्यालय से शिकायत को संबंधित एआरएम एवं डिपो प्रभारी को भेज दिया जाता है। 24 घंटे के अंदर यात्री के पास संबंधित अधिकारी का फोन आता है और वह पूरी समस्या सुनता है और उसका समाधान करता है।
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शिकायतों को फाड़कर फेंक देते थे चालक
रोडवेज की बसों से लेटर बॉक्स खत्म करने के पीछे केवल मोबाइल का प्रयोग अधिक होना ही नहीं है, बल्कि लेटर बॉक्स की चाभी चालक के पास होना भी प्रमुख कारण है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी बस की जिम्मेदारी चालक की होती है। उसके पास ही लेटर बॉक्स एवं प्राथमिक उपचार वाले बॉक्स की चाभी होती थी। यदि कोई यात्री चालक-परिचालक की शिकायत लेकर लेटर बॉक्स में डालता है और इसकी जानकारी चालक को होती जाती तो वह उसे फाड़कर फेंक देता। इसके चलते टोल फ्री एवं व्हाट्सएप नंबर शुरू किया है।
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मई में 10 शिकायतों में से 8 का हुआ निस्तारण
मुख्यालय से मिलने वाली शिकायतें निस्तारण के लिए तत्काल संबंधित एआरएम एवं डिपो प्रभारी को भेज दी जाती हैं। शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी संभालने वाले श्यौदान सिंह ने बताया कि टोल फ्री एवं व्हाट्स एप नंबर पर जनवरी में 10, फरवरी 15, मार्च 12, अप्रैल 11, मई में 10 शिकायतें प्राप्त हुईं। र्मई में प्राप्त हुईं शिकायतों से दो शिकायतें लंबित हैं, जबकि बाकी सभी का निदान हो चुका है।
पिछले काफी समय से रोडवेज की बसों में लेटर बॉक्स नहीं है। जो नई बसें आई हैं, उनके प्राथमिक उपचार के लिए दवाओं का बॉक्स तो है, लेकिन लेटर बॉक्स नहीं है। अब लोग लेटर बॉक्स का प्रयोग भी नहीं करते हैं। वह सीधे मोबाइल से टोल फ्री नंबर पर शिकायत करते हैं।
-लोकेश राजपूत, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़