{"_id":"69f8d96d9a0f5d03d6051e74","slug":"road-worth-rs-45-lakhs-uprooted-in-five-months-2026-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: पांच माह में उखड़ी 45 लाख की सड़क, अब दोबारा बनेगी, ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: पांच माह में उखड़ी 45 लाख की सड़क, अब दोबारा बनेगी, ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने की तैयारी
Mon, 04 May 2026 11:08 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Mon, 04 May 2026 11:08 PM IST
सार
वार्ड-2 में 455 मीटर लंबी सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद टूटने और उखड़ने लगी है। इस शिकायत पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने संबंधित अधिकारियों के साथ सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त मिली।
विज्ञापन
केवल विहार में सड़क का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा
- फोटो : नगर निगम
विस्तार
पांच माह पहले अलीगढ़ शहर के केवल विहार क्षेत्र में 45 लाख की लागत से बनी आरसीसी सड़क के उखड़ने पर नगर निगम ने ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क की खराब गुणवत्ता सामने आने पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने अनुबंध समाप्त करने और ठेकेदार को काली सूची में डालने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
जनसुनवाई में 4 मई को स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि वार्ड-2 में 455 मीटर लंबी सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद टूटने और उखड़ने लगी है। इस शिकायत पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने संबंधित अधिकारियों के साथ सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क कई जगह से क्षतिग्रस्त मिली। सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी थी और जगह-जगह दरारें साफ नजर आईं। इस पर नगर आयुक्त ने निर्माण गुणवत्ता पर नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त को बताया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या भी बनी रहती है। सीवर पंप समय पर नहीं चलने के कारण सड़कों पर पानी जमा होता है, जिससे नई सड़क भी जल्दी खराब हो गई। नगर आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार मेसर्स दीप एसोसिएट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सड़क को दोबारा तोड़कर नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
खास बात यह है कि दोबारा निर्माण में नगर निगम का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होगा और ठेकेदार को ही निर्धारित राशि में कार्य पूरा करना होगा। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी निर्माण में लापरवाही या घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।