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अलीगढ़ः नहाने के लिए भी खरीदना पड़ रहा आरओ का पानी
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पक्की सराय में पानी की टंकी से आ रहे बदबूदार गंदे पानी को दिखाती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
शहर का ज्वलंत मुद्दा पानी संकट है। इस बात को खुद जनप्रतिनिधि भी स्वीकारते हैं कि शहर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है, मगर ये कब होगा, कुछ नहीं पता। पानी की समस्या से पिछले दो माह से पुराने शहर का मोहल्ला पक्की सराय जूझ रहा है। आलम ये है कि यहां पर पीने के साथ-साथ खाने और नहाने के लिए भी आरओ का पानी खरीदना पड़ रहा है। लोगों को काफी पैसा पानी पर खर्च करना पड़ रहा है। इससे उनके घर का बजट भी गड़बड़ा रहा है। सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। तमाम शिकायतों के बावजूद नगर निगम के अफसर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पानी संकट को लेकर लोगों में नाराजगी है।
समस्या इनकी जुबानी
-एक माह से बदबूदार पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर नहाना तक मुश्किल है। ऐसे में आरओ का पानी खरीदना पड़ता है, जिस पर काफी खर्च भी हो रहा है। - तुलसी देवी, पक्की सराय
- पानी की समस्या से दो से ढाई हजार लोग जूझ रहे हैं। पिछले दिनों सीवर लाइन पड़ी थी, तभी से समस्या है। पाइप लाइन में लीकेज कारण गंदा पानी आ रहा है। - शिवानी वार्ष्णेय, पक्की सराय
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- आपूर्ति वाले पानी का प्रयोग सिर्फ सफाई में होता है। नहाने, खाने व पीने के लिए आरओ का पानी मंगाना पड़ता है या फिर पड़ोसी से मदद ली जाती है, जहां सबमर्सिबल पंप लगा है। - ममता वार्ष्णेय, पक्की सराय
---
- इस समस्या से मोहल्ले के प्रमुख लोग वाकिफ हैं। इसके बावजूद किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। नगर निगम को भी अवगत कराया गया है, मगर सुनवाई नहीं हुई है।-सरिता वार्ष्णेय, पक्की सराय
लाखों की आबादी पानी से है परेशान
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, 8.75 लाख की आबादी वाले अलीगढ़ शहर में गर्मी में पेयजल संकट चरम पर रहा है। कई इलाकों में नलों से गंदा व बदबूदार पानी आता रहा है। नियमानुसार, सुबह 6 से 7 बजे के मध्य और शाम को 6 बजे से 7 बजे के मध्य पानी की आपूर्ति दी जाती है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां शुरुआत में गंदे पानी से होती है। आखिरी पांच से दस मिनट के समय में ही साफ पानी आता है। लोग उस पानी को कितना संकलित कर रख पाते होंगे, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। तमाम शिकायतों के बावजूद नगर निगम प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
इन इलाकों में सर्वाधिक पेयजल संकट
महानगर के सासनी गेट, भुजपुरा, जयगंज, पान दरीबा, मामू भांजा, मानिक चौक, सराय हकीम, रसलगंज, सराय सुल्तानी, नौरंगाबाद, नई बस्ती, डोरी नगर, नगला मान सिंह, प्रतिभा कॉलोनी, शिवपुरी, अशोक नगर, सुरेंद्र नगर, शाहजमाल, तुर्कमान गेट, रावणटीला, संजय गांधी कॉलोनी, सुरेंद्र नगर, पला साहिबाबाद आदि ऐसे इलाके हैं, जहां नगर निगम द्वारा पानी की आपूर्ति होती है, मगर अफसरों की लापरवाही के कारण यहां पर पानी का संकट है। अधिकतर इलाकों में सालों पुरानी पाइप लाइन पड़ी है, जिसमें लीकेज होने के कारण नाले-नालियों का गंदा पानी मिल जाता है और फिर यही पानी घरों के नलों तक पहुंचता है।
19 इलाकों में सबमर्सिबल लगवाने का दावा
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि शहर के 19 इलाकों के हैंडपंपों में सबमर्सिबल पंप लगवाने का काम किया गया है। फिलहाल, यह वैकल्पिक व्यवस्था है। स्थायी समाधान के लिए अमृत योजना के तहत विकास नगर, नगला मसानी व भुजपुरा क्षेत्र में नलकूप लगाया जाना प्रस्तावित है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए अमृत योजना से विकास नगर, नगला मसानी व भुजपुरा क्षेत्र में नलकूप लगाया जाएगा। ओवर हैंड टैंक का निर्माण व अन्य कार्य उप्र जल निगम कराए जा रहे हैं, जिनको पूर्ण कराकर क्रियाशील कराए जाने का लक्ष्य अक्तूबर 2022 निर्धारित किया गया है।
पक्की सराय में पानी की जो भी समस्या है, उसके निस्तारण के लिए टीम भेजकर दिखवाया जाएगा। साथ ही, समस्या को जल्द निस्तारित किया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त।
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समस्या इनकी जुबानी
-एक माह से बदबूदार पानी आ रहा है, जिसे पीना तो दूर नहाना तक मुश्किल है। ऐसे में आरओ का पानी खरीदना पड़ता है, जिस पर काफी खर्च भी हो रहा है। - तुलसी देवी, पक्की सराय
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- पानी की समस्या से दो से ढाई हजार लोग जूझ रहे हैं। पिछले दिनों सीवर लाइन पड़ी थी, तभी से समस्या है। पाइप लाइन में लीकेज कारण गंदा पानी आ रहा है। - शिवानी वार्ष्णेय, पक्की सराय
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- आपूर्ति वाले पानी का प्रयोग सिर्फ सफाई में होता है। नहाने, खाने व पीने के लिए आरओ का पानी मंगाना पड़ता है या फिर पड़ोसी से मदद ली जाती है, जहां सबमर्सिबल पंप लगा है। - ममता वार्ष्णेय, पक्की सराय
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- इस समस्या से मोहल्ले के प्रमुख लोग वाकिफ हैं। इसके बावजूद किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। नगर निगम को भी अवगत कराया गया है, मगर सुनवाई नहीं हुई है।-सरिता वार्ष्णेय, पक्की सराय
लाखों की आबादी पानी से है परेशान
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, 8.75 लाख की आबादी वाले अलीगढ़ शहर में गर्मी में पेयजल संकट चरम पर रहा है। कई इलाकों में नलों से गंदा व बदबूदार पानी आता रहा है। नियमानुसार, सुबह 6 से 7 बजे के मध्य और शाम को 6 बजे से 7 बजे के मध्य पानी की आपूर्ति दी जाती है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां शुरुआत में गंदे पानी से होती है। आखिरी पांच से दस मिनट के समय में ही साफ पानी आता है। लोग उस पानी को कितना संकलित कर रख पाते होंगे, इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। तमाम शिकायतों के बावजूद नगर निगम प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।
इन इलाकों में सर्वाधिक पेयजल संकट
महानगर के सासनी गेट, भुजपुरा, जयगंज, पान दरीबा, मामू भांजा, मानिक चौक, सराय हकीम, रसलगंज, सराय सुल्तानी, नौरंगाबाद, नई बस्ती, डोरी नगर, नगला मान सिंह, प्रतिभा कॉलोनी, शिवपुरी, अशोक नगर, सुरेंद्र नगर, शाहजमाल, तुर्कमान गेट, रावणटीला, संजय गांधी कॉलोनी, सुरेंद्र नगर, पला साहिबाबाद आदि ऐसे इलाके हैं, जहां नगर निगम द्वारा पानी की आपूर्ति होती है, मगर अफसरों की लापरवाही के कारण यहां पर पानी का संकट है। अधिकतर इलाकों में सालों पुरानी पाइप लाइन पड़ी है, जिसमें लीकेज होने के कारण नाले-नालियों का गंदा पानी मिल जाता है और फिर यही पानी घरों के नलों तक पहुंचता है।
19 इलाकों में सबमर्सिबल लगवाने का दावा
नगर निगम प्रशासन का दावा है कि शहर के 19 इलाकों के हैंडपंपों में सबमर्सिबल पंप लगवाने का काम किया गया है। फिलहाल, यह वैकल्पिक व्यवस्था है। स्थायी समाधान के लिए अमृत योजना के तहत विकास नगर, नगला मसानी व भुजपुरा क्षेत्र में नलकूप लगाया जाना प्रस्तावित है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए अमृत योजना से विकास नगर, नगला मसानी व भुजपुरा क्षेत्र में नलकूप लगाया जाएगा। ओवर हैंड टैंक का निर्माण व अन्य कार्य उप्र जल निगम कराए जा रहे हैं, जिनको पूर्ण कराकर क्रियाशील कराए जाने का लक्ष्य अक्तूबर 2022 निर्धारित किया गया है।
पक्की सराय में पानी की जो भी समस्या है, उसके निस्तारण के लिए टीम भेजकर दिखवाया जाएगा। साथ ही, समस्या को जल्द निस्तारित किया जाएगा।
अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त।