अमर उजाला इंपैक्ट: अलीगढ़ में राशन दुकानों से बंद होगा चावल वितरण, डीएम ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
राशन के चावल को लाभार्थियों से खरीद कर उसे खुले बाजार में बेच देने के संबंध में अमर उजाला में 20 फरवरी 2025 के अंक में खबर प्रकाशित की गई थी।
विस्तार
राशन की दुकानों से मिल रहे घटिया गुणवत्ता के चावल वितरण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अलीगढ़ जिला प्रशासन ने तय किया कि राशन की दुकानों से चावल वितरण बंद किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारी की ओर से शासन से मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को पत्र लिखा गया है।
राशन के चावल को लाभार्थियों से खरीद कर उसे खुले बाजार में बेच देने के संबंध में अमर उजाला में 20 फरवरी 2025 के अंक में खबर प्रकाशित की गई थी। राशन लाभार्थियों ने भी मांग उठाई थी कि खराब गुणवत्ता के चावल की जगह अच्छा होगा कि उनको गेहूं या अन्य खाद्य सामग्री दे दी जाए, जिससे वह इसका उपयोग कर सकें।
जिलाधिकारी संजीव रंजन की ओर से कहा गया है कि उचित दर की दुकानों से चावल लेने के बाद कार्डधारक चावल का उपयोग नहीं करने के चलते टिर्री, टेंपो, स्थानीय परचून की दुकानों पर बेच देते हैं। यह छोटे दुकानदार चावल को राशन माफिया को बेच देते हैं।
प्रति यूनिट तीन किलो मिलता है चावल
राशन कार्ड लाभार्थी को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिए जाते हैं। लाभार्थियों को शिकायत रहती है कि दिए गए चावल में काले दाने और घुन तक निकलती है।
दो वर्ष में 24 के खिलाफ दर्ज हैं मुकदमे
राशन के चावल की अवैध खरीद फरोख्त में पिछले दो वर्षों में प्रशासन की ओर से 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को भेजे गए पत्र में इन मुकदमों का जिक्र भी किया गया है। साथ ही उन लोगों की सूची भी भेजी गई है जिनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3\7 मुकदमा दर्ज किया गया। वर्ष 2023 में 17 मुकदमे दर्ज कराए गए। जबकि सन 2024 में 7 मुकदमे 16 लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए।
प्रशासन की टीम ने कार्ड धारकों के बीच जाकर बातचीत की। लोगों का कहना था कि उनको चावल की जगह अन्य खाद्य सामग्री दी जाए। यहां पर मक्का, बाजरा भी खाया जाता है। इसके अलावा जो भी खाद्य सामग्री अब दी जाएगी वह पूरी तरह जांच परख कर दी जाएगी। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी