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Aligarh News: गंगा नदी में पानी बढ़ने से राजस्व टीम सतर्क, गांवों में अलर्ट
Mon, 26 Jun 2023 12:40 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 26 Jun 2023 12:40 AM IST
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बारिश शुरू होते ही गंगा में भी तेजी से पानी बढ़ने लगा है। इसे लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। विभिन्न गांवों में लेखपाल, कानूनगो व नायब तहसीलदारों को लगातार निगरानी के निर्देश उच्चाधिकारियों ने दिए हैं। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी दूर है, फिर भी गांवों में लोगों काे अलर्ट कर दिया गया है।
एसडीएम अनिल कटियार ने रविवार को रामघाट क्षेत्र की सीमा से सटे अतरौली के गांव दीनापुर, प्यावली के अलावा सांकरा सहित गंगा के किनारे बसे गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
गंगा किनारे बसे खादर इलाके के सीसई, दीनापुर, टोडरपुर, प्यावली, गोपालपुर, हामिदपुर, सांकरा आदि गांवों में अभी भी लोग कच्चे मकानों में रहते हैं और जीविका का मुख्य स्रोत पशुपालन व खेती बाड़ी है। अधिक बारिश होने पर बारिश गंगा का जलस्तर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाता है। कई बार यहां के लोग बाढ़ की त्रासदी भी झेल चुके हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी बढ़ गयी है।
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एसडीएम अनिल कटियार ने बताया कि गंगा में इस समय करीब 90 हजार क्यूसिक पानी बह रहा है। ढाई लाख क्यूसिक पानी आने पर खतरे के निशान को छू जाएगा। प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार है। ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बारिश के दिनों में गंगा नदियों में पानी बढ़ना स्वाभाविक है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी टीम संपर्क में है। रोजाना जल स्तर की समीक्षा की जा रही है। लेखपालों को अपने क्षेत्र में चौबीस घंटे नजर रखने और हर प्रकार की जानकारी तत्काल अधिकारियों को देने के आदेश दिए गए हैं। संवाद
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एसडीएम अनिल कटियार ने रविवार को रामघाट क्षेत्र की सीमा से सटे अतरौली के गांव दीनापुर, प्यावली के अलावा सांकरा सहित गंगा के किनारे बसे गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
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गंगा किनारे बसे खादर इलाके के सीसई, दीनापुर, टोडरपुर, प्यावली, गोपालपुर, हामिदपुर, सांकरा आदि गांवों में अभी भी लोग कच्चे मकानों में रहते हैं और जीविका का मुख्य स्रोत पशुपालन व खेती बाड़ी है। अधिक बारिश होने पर बारिश गंगा का जलस्तर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन जाता है। कई बार यहां के लोग बाढ़ की त्रासदी भी झेल चुके हैं। बारिश का मौसम शुरू होते ही प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी बढ़ गयी है।
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एसडीएम अनिल कटियार ने बताया कि गंगा में इस समय करीब 90 हजार क्यूसिक पानी बह रहा है। ढाई लाख क्यूसिक पानी आने पर खतरे के निशान को छू जाएगा। प्रशासन हर स्थिति से निपटने को तैयार है। ग्रामीणों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बारिश के दिनों में गंगा नदियों में पानी बढ़ना स्वाभाविक है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी टीम संपर्क में है। रोजाना जल स्तर की समीक्षा की जा रही है। लेखपालों को अपने क्षेत्र में चौबीस घंटे नजर रखने और हर प्रकार की जानकारी तत्काल अधिकारियों को देने के आदेश दिए गए हैं। संवाद