Aligarh Exhibition: दुकानों का किराया हुआ दोगुना, 50 हजार की दुकान अब 1.20 लाख में
नुमाइश की सरकारी दुकानों की कीमत 5500 रुपये से शुरू है। जो दुकानें नुमाइश के चौराहों और मुख्य लोकेशन पर हैं उनका नुमाइश अवधि तक का किराया 45 हजार रुपये है। दुकानों के किराए में तीन साल बाद 10 फीसदी की बढ़ोतरी भी की जाती है।
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राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी (नुमाइश) में पिछले सात वर्षों में तहबाजारी क्षेत्र के उठने वाले ठेके की रकम में कोई वृद्धि नहीं हुई है लेकिन दुकानों का किराया दोगुना से ज्यादा हो गया है। ठेके की रकम आज भी 2.20 करोड़ के आसपास है। जबकि 50 हजार में मिलने वाली दुकान अब 1.20 लाख रुपये में मिल रही है। दुकानों का किराया बढ़ने से नुमाइश में आने वाले छोटे दुकानदार पीछे हटने लगे हैं। कुछ बड़े होटलों ने भी आयोजन से दूरी बना ली है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने 23 जनवरी को अधिकारियों सहित नुमाइश की तैयारियों का निरीक्षण कर इस संबंध में ठेकेदार से जवाब मांगा है।
नुमाइश के तहबाजारी क्षेत्र में सात साल पहले तक 5 हजार रुपये प्रति फीट की दर से स्थान मिल जाया करता था। अगर किसी ने 10 गुणा 10 फीट की जगह ली है तो उसे वह दुकान प्रदर्शनी अवधि तक 50 हजार रुपये की मिल जाती थी। वर्तमान में एक फीट स्थान की दर 12 हजार रुपये है। उसी दुकान के अब 1.20 लाख रुपये देने पड़ रहे हैं। जबकि प्रशासन को ठेके से मिलने वाली आय 2.20 करोड़ रुपये पर अटकी हुई है।
23 जनवरी को ठेकेदारों ने डीएम के सामने 1500-1600 दुकानें लगने की बात स्वीकार की। इस पर ठेकेदार से पूछा गया कि जो दर वसूली जा रही हैं वह बहुत ज्यादा है। दरें निर्धारित होनी चाहिए। साथ ही नुमाइश को मिलने वाला राजस्व भी नहीं बढ़ रहा है। जबकि आसपास लगने वाली नुमाइशों के ठेके अधिक पैसों में उठ रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक ठेकेदार कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे सका है।
नुमाइश की सरकारी दुकानों की कीमत 5500 रुपये से शुरू है। जो दुकानें नुमाइश के चौराहों और मुख्य लोकेशन पर हैं उनका नुमाइश अवधि तक का किराया 45 हजार रुपये है। दुकानों के किराए में तीन साल बाद 10 फीसदी की बढ़ोतरी भी की जाती है।
नुमाइश राजस्व बढ़ना चाहिए। इसकी समीक्षा की जा रही है। किराये की दरों का निर्धारण किया जाएगा। - संजीव रंजन, डीएम
नुमाइश में अलग-अलग वर्गों की दुकानों की स्थिति
- सरकारी दुकानों की संख्या-525- (इनको नुमाइश प्रशासन खुद उठाता है) दर-5 से 25 हजार
- शिल्प ग्राम की दुकानें - 105- ( इनको भी प्रशासन उठाता है) - कार्ड धारक शिल्पी को नि:शुल्क
- जिला उद्योग केंद्र की दुकानें- 60- (जिला उद्योग केंद्र उठाता है) दर -5 से 25 हजार
- कृषि विभाग की दुकानें - 40 - (कृषि विभाग दुकानें उठाता है दर- 5 से 20 हजार के बीच