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अलीगढ़ः इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट का नवीनीकरण हुआ आसान
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एआरटीओ रंजीत सिंह।
- फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी
विदेश में रहते हुए इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट का नवीनीकरण कराना अब बेहद आसान हो गया है। मंगलवार से लागू हुई नई व्यवस्था के तहत परमिट नवीनीकरण के लिए भारत आने की जरूरत नहीं है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन के साथ ही एक हजार रुपये नवीनीकरण शुल्क और दो हजार रुपये कोरियर शुल्क के जमा कराने होंगे। इसके बाद परिवहन विभाग कोरियर के माध्यम से किसी भी देश के शहर में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट भेज देगा।
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) विदेश में वाहन चलाने के काम आता है। यह परमिट विदेश यात्रा करने वालों के काम आता है। अलीगढ़ से पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले युवा, व्यवसायी अथवा घूमने जाने वाले लोग परमिट लेकर जाते हैं। आईडीपी एक साल के लिए वैध होता है। परमिट का नवीनीकरण कराने के लिए लोगों को भारत लौटना पड़ता था। मंगलवार से नई व्यवस्था शुरू हो गई है। अब अगर कोई व्यक्ति विदेश में बैठे-बैठे अपने परमिट का नवीनीकरण कराना चाहता है तो उसे ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऐसे में भारत आने-जाने पर हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ये है प्रक्रिया
- भारत का कोई भी नागरिक इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट बनवाने के लिए अपने जिले के आरटीओ दफ्तर में आवेदन करना होगा। उन देशों का विवरण देना होगा, जहां व्यक्ति को जाना है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आईडीपी फार्म मिल जाएगा। फार्म को भरकर भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो, वैध पासपोर्ट, वीजा, एयर टिकट, भारतीय नागरिक का प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आयु प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट और शपथ पत्र जमा कराना होगा। सारे कागजात एक साथ जमा कराने पर उसी दिन अथवा अगले दिन इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जारी हो जाता है। गौरतलब हो कि यह परमिट सिर्फ एक साल के लिए वैध रहता है। परमिट की फीस एक हजार रुपये है।
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तीन महीने में नौ बन गए हैं परमिट
अलीगढ़। कोरोना काल के बाद हालात सामान्य होने पर फिर से आरटीओ दफ्तर में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट बनने लगे हैं। जुलाई से अब तक कुल नौ परमिट जारी हुए हैं। हर साल औसतन 12 से 15 परमिट जारी होते हैं। वर्ष 2020 में लगे लॉकडाउन की वजह से परमिट जारी नहीं हुए थे, क्योंकि विदेश जाने वाली फ्लाइटें बंद चल रही थीं। फ्लाइट शुरू होने के साथ-साथ परमिट बनवाने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी भारतीय नागरिक विदेश में बैठे-बैठे अपने इंटरनेशल ड्राइविंग परमिट का नवीनीकरण करा सकते हैं। दो हजार रुपये के कोरियर शुल्क से हम परमिट को किसी भी देश में भेज सकते हैं। ऐसे में विदेश में रह रहे अलीगढ़ के लोगों को भारत आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। - रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन।
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विदेश में रहते हुए इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट का नवीनीकरण कराना अब बेहद आसान हो गया है। मंगलवार से लागू हुई नई व्यवस्था के तहत परमिट नवीनीकरण के लिए भारत आने की जरूरत नहीं है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन के साथ ही एक हजार रुपये नवीनीकरण शुल्क और दो हजार रुपये कोरियर शुल्क के जमा कराने होंगे। इसके बाद परिवहन विभाग कोरियर के माध्यम से किसी भी देश के शहर में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट भेज देगा।
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (आईडीपी) विदेश में वाहन चलाने के काम आता है। यह परमिट विदेश यात्रा करने वालों के काम आता है। अलीगढ़ से पढ़ाई के लिए विदेश जाने वाले युवा, व्यवसायी अथवा घूमने जाने वाले लोग परमिट लेकर जाते हैं। आईडीपी एक साल के लिए वैध होता है। परमिट का नवीनीकरण कराने के लिए लोगों को भारत लौटना पड़ता था। मंगलवार से नई व्यवस्था शुरू हो गई है। अब अगर कोई व्यक्ति विदेश में बैठे-बैठे अपने परमिट का नवीनीकरण कराना चाहता है तो उसे ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऐसे में भारत आने-जाने पर हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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ये है प्रक्रिया
- भारत का कोई भी नागरिक इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट बनवाने के लिए अपने जिले के आरटीओ दफ्तर में आवेदन करना होगा। उन देशों का विवरण देना होगा, जहां व्यक्ति को जाना है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आईडीपी फार्म मिल जाएगा। फार्म को भरकर भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो, वैध पासपोर्ट, वीजा, एयर टिकट, भारतीय नागरिक का प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, आयु प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट और शपथ पत्र जमा कराना होगा। सारे कागजात एक साथ जमा कराने पर उसी दिन अथवा अगले दिन इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट जारी हो जाता है। गौरतलब हो कि यह परमिट सिर्फ एक साल के लिए वैध रहता है। परमिट की फीस एक हजार रुपये है।
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तीन महीने में नौ बन गए हैं परमिट
अलीगढ़। कोरोना काल के बाद हालात सामान्य होने पर फिर से आरटीओ दफ्तर में इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट बनने लगे हैं। जुलाई से अब तक कुल नौ परमिट जारी हुए हैं। हर साल औसतन 12 से 15 परमिट जारी होते हैं। वर्ष 2020 में लगे लॉकडाउन की वजह से परमिट जारी नहीं हुए थे, क्योंकि विदेश जाने वाली फ्लाइटें बंद चल रही थीं। फ्लाइट शुरू होने के साथ-साथ परमिट बनवाने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी भारतीय नागरिक विदेश में बैठे-बैठे अपने इंटरनेशल ड्राइविंग परमिट का नवीनीकरण करा सकते हैं। दो हजार रुपये के कोरियर शुल्क से हम परमिट को किसी भी देश में भेज सकते हैं। ऐसे में विदेश में रह रहे अलीगढ़ के लोगों को भारत आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। - रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन।