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कोरोना से बचाव के लिए याद रखें सात मंत्र
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मजहर उल कमर
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद तेजी से फैल रहा है। मौतों का ग्राफ भी ऊंचा है, इस कारण आम आदमी में दहशत है। हालांकि, सरकार टीकाकरण अभियान पर पूरा जोर लगाए हुए है लेकिन अभी तक सभी लोगों को टीका नहीं लग पाया है। ऐसे में लोगों के मन एक ही सवाल है कि वो इस वायरस के संक्रमण से कैसे बचें। आम आदमी की इन्हीं शंकाओं और सवालों को सुझलाने के लिए चिकित्सकों व विशेषज्ञों ने सात मंत्र (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क व सैनिटाइजर, धूप का सेवन, विटामिन सी, गरम पानी, भाप लेना एवं व्यायाम) सुझाए हैं। उनका कहना है कि इन मंत्रों को दैनिक जीवन में अपनाने से लोग काफी हद तक संक्रमण से बच सकते हैं और दूसरों को भी बचा सकते हैं।
सोशल डिस्टेंसिंग
जब संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक से बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इनमें वायरस होते हैं, जो किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। तमाम अध्ययन के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने वाले लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को काफी कम किया है। जबकि ऐसा न करने से लोग संक्रमित हुए हैं। यदि हम एक-दूसरे के करीब न जाएं या शारीरिक संपर्क तोड़ दें तो कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। इसी वजह से कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की सहूलियत अपने कर्मचारियों को दी है।
- प्रो. नजम खलीक, प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसन विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज।
मास्क-सैनिटाइजर
कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क सबसे महत्वपूर्ण है। हवा के माध्यम से संक्रमण फैलता है। नाक व मुंह के जरिये वायरस फेफड़ों में प्रवेश करता है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सही तरीके से मास्क लगाना जरूरी है। साधारण कपड़े या एन-95 में से कोई भी मास्क लगा सकते हैं। सबसे जरूरी नाक एवं मुंह का ढका रहना है। जरूरी न हो तो घर से बाहर नहीं निकले। गीले मास्क का इस्तेमाल न करें। उस पर वायरस के ठहरने का खतरा रहता है। साबुन से हाथ धोकर मास्क उतारें और बाल्टी में डाल दें।
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- डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय, मंडलीय सर्विलांस अधिकारी, एडी हेल्थ ऑफिस।
धूप सेवन
सूर्य की रोशनी में चमत्कारी गुण होते हैं। धूप विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है। इसकी वजह से शरीर पर संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। धूप के सेवन से शरीर में डब्लूबीसी का पर्याप्त मात्रा में निर्माण होता है, जो रोग पैदा करने वाले कारकों से लड़ने का काम करता है। कोरोना वायरस की सक्रियता कम होती है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सामान्य धूप में बैठें। बीच-बीच में पानी पीते रहें। पौष्टिक आहार ग्रहण करें और फलों का सेवन करें। तरल पदार्थ अधिक लें। ठंडे पानी पीने से परहेज करें।
- डॉ. विभव वार्ष्णेय, द होप हॉस्पिटल।
विटामिन सी
विटामिन सी का पर्याप्त मात्रा में सेवन हर आदमी को करना चाहिए। यह कोरोना एवं फेफड़ों से संबंधित मरीजों को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। फेफड़ों से संबंधित मरीजों के लिए यह बेहद जरूरी होता है। इसीलिए कोरोना से संक्रमित मरीजों को विटामिन सी दिया जाता है। यह फेफड़ों में जमे कफ को ढीला करता है। यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है। हर आदमी को दैनिक जीवन में नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। कोरोना से संक्रमित मरीजों को लेमन टी, दूध, ताजा फल, सब्जी और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
- डॉ. संजीव शर्मा, एसजेडी हॉस्पिटल
गरम पानी
गरम पानी का सेवन करने से गले से संबंधित संक्रमण दूर होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में यह मददगार होता है। गरम पानी एवं भाप लिक्विफिकेशन का कार्य करता है और संक्रमण को फेफड़े तक जाने से रोकता है। अभी जो केस आ रहे हैं, उसमें फेफड़े ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में लोगों को ठंडे पानी का सेवन करने से बचना चाहिए, जितना हो सके गरम पानी पीना चाहिए। यही सलाह दूसरे लोगों को भी देनी चाहिए।
- डॉ. संजय भार्गव, वरुण ट्रॉमा सेंटर
भाप लेना
दिन में तीन बार भाप लेना कोरोना से बचाव का सबसे सस्ता एवं सुलभ उपचार है। इससे कोई नुकसान नहीं है। फायदा बहुत है। कोविड-19 में भाप के इस्तेमाल पर इटली में एक अध्ययन हुआ है। अध्ययन में पाया गया है कि यह स्पाइक प्रोटीन को डैमेज करता है। इसकी वजह से वायरस सेल में नहीं घुस पाता है। इसकी वजह से वायरस शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित नहीं कर पाता है। भाप लेने से निमोनिया की घटना कम पाई गई है। मौत की दर भी कम है। कोरोना से बचाव का यह सबसे बेहतर तरीका है। बीमार लोग जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।
- डॉ. विकास मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ।
व्यायाम
व्यायाम के कुछ समय बाद सेल तेजी से बढ़ती हैं। इसकी वजह से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। सबसे बेहतरीन व्यायाम टहलना है। इससे सांस लेने की क्षमता में तेजी से वृद्धि होती है। डब्लूएचओ का कहना है कि महामारी काल में खुले आसमान के नीचे या सुनसान सड़क पर व्यायाम करें। व्यायाम या वॉक के समय मास्क का इस्तेमाल नहीं करें। सही तरीके से किया जाए तो कोरोना काल में इंजेक्शन से ज्यादा काम व्यायाम करेगा। इस बीमारी से एथलीट में कैजुअल्टी न के बराबर है। योग, प्राणायाम आदि से भी बीमारियों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है।
- मजहर उल कमर, व्यायाम प्रशिक्षक।
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सोशल डिस्टेंसिंग
जब संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक से बेहद बारीक कण हवा में फैल जाते हैं। इनमें वायरस होते हैं, जो किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकते हैं। तमाम अध्ययन के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने वाले लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे को काफी कम किया है। जबकि ऐसा न करने से लोग संक्रमित हुए हैं। यदि हम एक-दूसरे के करीब न जाएं या शारीरिक संपर्क तोड़ दें तो कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। इसी वजह से कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम की सहूलियत अपने कर्मचारियों को दी है।
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- प्रो. नजम खलीक, प्रोफेसर, कम्यूनिटी मेडिसन विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज।
मास्क-सैनिटाइजर
कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क सबसे महत्वपूर्ण है। हवा के माध्यम से संक्रमण फैलता है। नाक व मुंह के जरिये वायरस फेफड़ों में प्रवेश करता है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सही तरीके से मास्क लगाना जरूरी है। साधारण कपड़े या एन-95 में से कोई भी मास्क लगा सकते हैं। सबसे जरूरी नाक एवं मुंह का ढका रहना है। जरूरी न हो तो घर से बाहर नहीं निकले। गीले मास्क का इस्तेमाल न करें। उस पर वायरस के ठहरने का खतरा रहता है। साबुन से हाथ धोकर मास्क उतारें और बाल्टी में डाल दें।
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- डॉ. देवेंद्र वार्ष्णेय, मंडलीय सर्विलांस अधिकारी, एडी हेल्थ ऑफिस।
धूप सेवन
सूर्य की रोशनी में चमत्कारी गुण होते हैं। धूप विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है। इसकी वजह से शरीर पर संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। धूप के सेवन से शरीर में डब्लूबीसी का पर्याप्त मात्रा में निर्माण होता है, जो रोग पैदा करने वाले कारकों से लड़ने का काम करता है। कोरोना वायरस की सक्रियता कम होती है। ऐसे में कोरोना से बचाव के लिए सामान्य धूप में बैठें। बीच-बीच में पानी पीते रहें। पौष्टिक आहार ग्रहण करें और फलों का सेवन करें। तरल पदार्थ अधिक लें। ठंडे पानी पीने से परहेज करें।
- डॉ. विभव वार्ष्णेय, द होप हॉस्पिटल।
विटामिन सी
विटामिन सी का पर्याप्त मात्रा में सेवन हर आदमी को करना चाहिए। यह कोरोना एवं फेफड़ों से संबंधित मरीजों को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। फेफड़ों से संबंधित मरीजों के लिए यह बेहद जरूरी होता है। इसीलिए कोरोना से संक्रमित मरीजों को विटामिन सी दिया जाता है। यह फेफड़ों में जमे कफ को ढीला करता है। यह इम्यूनिटी बूस्टर भी है। हर आदमी को दैनिक जीवन में नींबू का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। कोरोना से संक्रमित मरीजों को लेमन टी, दूध, ताजा फल, सब्जी और पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
- डॉ. संजीव शर्मा, एसजेडी हॉस्पिटल
गरम पानी
गरम पानी का सेवन करने से गले से संबंधित संक्रमण दूर होता है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में यह मददगार होता है। गरम पानी एवं भाप लिक्विफिकेशन का कार्य करता है और संक्रमण को फेफड़े तक जाने से रोकता है। अभी जो केस आ रहे हैं, उसमें फेफड़े ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में लोगों को ठंडे पानी का सेवन करने से बचना चाहिए, जितना हो सके गरम पानी पीना चाहिए। यही सलाह दूसरे लोगों को भी देनी चाहिए।
- डॉ. संजय भार्गव, वरुण ट्रॉमा सेंटर
भाप लेना
दिन में तीन बार भाप लेना कोरोना से बचाव का सबसे सस्ता एवं सुलभ उपचार है। इससे कोई नुकसान नहीं है। फायदा बहुत है। कोविड-19 में भाप के इस्तेमाल पर इटली में एक अध्ययन हुआ है। अध्ययन में पाया गया है कि यह स्पाइक प्रोटीन को डैमेज करता है। इसकी वजह से वायरस सेल में नहीं घुस पाता है। इसकी वजह से वायरस शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित नहीं कर पाता है। भाप लेने से निमोनिया की घटना कम पाई गई है। मौत की दर भी कम है। कोरोना से बचाव का यह सबसे बेहतर तरीका है। बीमार लोग जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।
- डॉ. विकास मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ।
व्यायाम
व्यायाम के कुछ समय बाद सेल तेजी से बढ़ती हैं। इसकी वजह से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। सबसे बेहतरीन व्यायाम टहलना है। इससे सांस लेने की क्षमता में तेजी से वृद्धि होती है। डब्लूएचओ का कहना है कि महामारी काल में खुले आसमान के नीचे या सुनसान सड़क पर व्यायाम करें। व्यायाम या वॉक के समय मास्क का इस्तेमाल नहीं करें। सही तरीके से किया जाए तो कोरोना काल में इंजेक्शन से ज्यादा काम व्यायाम करेगा। इस बीमारी से एथलीट में कैजुअल्टी न के बराबर है। योग, प्राणायाम आदि से भी बीमारियों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है।
- मजहर उल कमर, व्यायाम प्रशिक्षक।

डॉ. विभव वार्ष्णेय- फोटो : CITY OFFICE

डॉ. संजीव शर्मा- फोटो : CITY OFFICE

प्रो. नजम खलीक- फोटो : CITY OFFICE

डॉ. देवेंद्र कुमार- फोटो : CITY OFFICE

डॉ विकास मेहरोत्रा- फोटो : CITY OFFICE

डॉ संजय भार्गव- फोटो : CITY OFFICE