BJP: समीक्षा के बाद बड़ा एक्शन, चार भाइपाइयों पर कार्रवाई की संस्तुति, अन्य पार्टी में भी चल रहा विचार
भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला के स्तर से जिला स्तर पर चार लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति कर प्रदेशाध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार जिन चार लोगों पर संस्तुति की गई है, वे चारों खुले तौर पर भाजपा प्रत्याशी के विरोध में दूसरे प्रत्याशियों को चुनाव लड़ा रहे थे। इसके साक्ष्यों के आधार पर यह संस्तुति की गई है।
विस्तार
लोकसभा चुनाव में मतदान के बाद समीक्षा का दौर जारी है। इसी समीक्षा के आधार पर जिला संगठन ने चार ऐसे भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की संस्तुति की है, जिन पर पार्टी के विरोध में काम करने का आरोप है। इनमें दो मौजूदा जिला पदाधिकारी हैं। इन पर एक्शन अब प्रदेश स्तर से होगा। इसके अलावा कुछ वरिष्ठों के नाम साक्ष्यों के साथ प्रदेश संगठन को भेजे हैं। उन वरिष्ठों को प्रदेश स्तर से नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। इसके अलावा जिला स्तर पर अन्य भितरघातियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है।
भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला के स्तर से जिला स्तर पर चार लोगों पर कार्रवाई की संस्तुति कर प्रदेशाध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार जिन चार लोगों पर संस्तुति की गई है, वे चारों खुले तौर पर भाजपा प्रत्याशी के विरोध में दूसरे प्रत्याशियों को चुनाव लड़ा रहे थे। इसके साक्ष्यों के आधार पर यह संस्तुति की गई है। अब इन चारों पर प्रदेश स्तर से कार्रवाई तय की जाएगी। जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला का कहना है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं के नाम भी इस समीक्षा में सामने आए हैं, उनके विषय में प्रदेश नेतृत्व को अलग से सूचना भेजी गई है। उन पर प्रदेश स्तर से नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बाकी जिला स्तर पर कुछ अन्य नामों पर भी विचार हो रहा है। उन पर भी जल्द कार्रवाई तय की जाएगी।
इन पर की संस्तुति
- धर्मेंद्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष
- अमित चौधरी, जिला कार्यालय मंत्री
- दीपक शर्मा अन्नू आजाद, पूर्व जिला उपाध्यक्ष
- मनवीर चौधरी, पूर्व चेयरमैन जट्टारी
अन्नू आजाद की कुछ दिन पहले हुई थी वापसी
जिन नेताओं पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है, उनमें अन्नू आजाद ने निकाय चुनाव में भी बागी तेवर दिखाए थे। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष खैर के भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ अपनी पत्नी को निर्दल चुनाव लड़ाया था। उस समय भी उनका निष्कासन हुआ था। कुछ दिन बाद फिर पार्टी ने उन्हें वापस लिया था। इसी तरह मनवीर चौधरी ने भी निकाय चुनाव में भाजपा के बैनरतले चुनाव लड़ा था, उनके सामने निर्दल चुनाव जीता था। तब उन्होंने पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं को विजयी हुए निर्दल का सहयोग कर खुद को हराने का आरोप लगाया था।
चंद घंटों में पलटी कार्रवाई
भाजपा जिला संगठन द्वारा जिन चार नेताओं पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। उनका पहले सीधे निष्कासन का पत्र जारी कर दिया। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चूंकि जिला स्तर पर किसी को निष्कासित करने का अधिकार नहीं है। इसलिए उस पत्र का संशोधन जारी कर संस्तुति की गई। जिलाध्यक्ष के अनुसार इस विषय में गलती से पत्र जारी हुआ था।
फिर तो विरोधियों की लंबी फेहरिस्त
बेशक भाजपा जिला संगठन ने अकेले चार नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। मगर पूरे चुनाव की समीक्षा करें तो अपने जिले में ऐसे नेताओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लंबी फेहरिस्त होगी। जिन्होंने भाजपा के विरोध में काम किया या फिर चुनाव में बिना काम किए घर बैठे रहे। जिले में विरोध का ही ये असर था, जिसकी वजह से ये सब हुआ। मतदान के दिन खुद मढ़ौली के बूथ अध्यक्ष ने प्रत्याशी के विरोध में मतदान करने और लोगों द्वारा किए जाने का ऐलान किया था। ऐसे में अगर पार्टी समीक्षा करेगी तो उनकी फेहरिस्त इतनी लंबी होगी जो कई सैकड़ा में पहुंचेगी। मढ़ौली बूथ अध्यक्ष के सवाल पर जिलाध्यक्ष का कहना है कि अन्य लोगों की समीक्षा का काम जारी है। धीरे धीरे सभी पर निर्णय लिया जाएगा।
अन्य दलों में भी हो रही भीतराघातियों की समीक्षा
भितरघातियों की समीक्षा का काम अकेले भाजपा में नहीं, बल्कि सपा व बसपा में भी हो रही है। इन दलों में ऐसे भीतराघातियों पर क्या एक्शन होगा? ये तो आने वाला समय ही बताएगा। मगर इतना जरूर है कि सपा में भी कुछ वरिष्ठ नेता ऐसे हैं, जिनको लेकर भीतराघात की चर्चाएं बेहद खास रही। इसी तरह बसपा में कुछ पार्टी के नेता ऐसे रहे, जिनको लेकर तरह तरह की चर्चाएं रहीं। इन सभी की समीक्षा भी पार्टी के पदाधिकारियों के स्तर से हो रही है। उन पर भी आने वाले समय में कार्रवाई के संकेत हैं।