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रानी पद्मावती काल्पनिक किरदार : प्रो. हबीब
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 09 Nov 2017 01:43 AM IST
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Irfan Habib
- फोटो : Amar Ujala
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रानी पद्मावती के जीवन पर बनी फिल्म से उठे विवाद को बेवजह बताते हुए जाने-माने इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि रानी पद्मावती पूरी तरह काल्पनिक किरदार है। ऐतिहासिक तथ्यों में कहीं भी रानी पद्मावती का जिक्र नहीं मिलता है। अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर फतेह जरूर हासिल की थी लेकिन उस वक्त भी पद्मावती या ऐसे किसी किरदार का जिक्र इतिहास में नहीं मिलता है।
प्रो. हबीब बताते हैं कि खिलजी के चित्तौड़ पर विजय हासिल करने के 250 वर्षों बाद मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य ‘पद्मावत’ में रानी पद्मावती के किरदार का जिक्र मिलता है। इसमें सिंहलद्वीप (श्रीलंका) की राजकुमारी का विवाह मेवाड़ के राजा रतन सिंह के साथ होता है। पद्मावत एक महाकाव्य है और साहित्य का हिस्सा है।
मेवाड़ दरबार का सरकारी इतिहास लिखने वाले श्यामलदास ने जरूर इस कहानी को बदलकर बताया है। प्रो. हबीब कहते हैं कि अगर कालखंड के पहलुओं पर भी गौर करने पर जो विवरण मिलते हैं, वह खिलजी की चित्तौड़ विजय के मिलते हैं। लेकिन वहां उस समय रतन सिंह और पद्मावती थे कि नहीं, इस बात का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिलता।
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फिल्मों में इतिहास से छेड़खानी करने के सवाल पर प्रो. हबीब ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो जनता में मनोरंजन और रोमांच कैसे पैदा करेंगे।
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प्रो. हबीब बताते हैं कि खिलजी के चित्तौड़ पर विजय हासिल करने के 250 वर्षों बाद मलिक मुहम्मद जायसी के महाकाव्य ‘पद्मावत’ में रानी पद्मावती के किरदार का जिक्र मिलता है। इसमें सिंहलद्वीप (श्रीलंका) की राजकुमारी का विवाह मेवाड़ के राजा रतन सिंह के साथ होता है। पद्मावत एक महाकाव्य है और साहित्य का हिस्सा है।
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मेवाड़ दरबार का सरकारी इतिहास लिखने वाले श्यामलदास ने जरूर इस कहानी को बदलकर बताया है। प्रो. हबीब कहते हैं कि अगर कालखंड के पहलुओं पर भी गौर करने पर जो विवरण मिलते हैं, वह खिलजी की चित्तौड़ विजय के मिलते हैं। लेकिन वहां उस समय रतन सिंह और पद्मावती थे कि नहीं, इस बात का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिलता।
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फिल्मों में इतिहास से छेड़खानी करने के सवाल पर प्रो. हबीब ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो जनता में मनोरंजन और रोमांच कैसे पैदा करेंगे।