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रमजान का चांद देखने के लिए बेकरारी
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उपरकोट बाजार में रमजान की तैयारियों को लेकर सूतफेनी खरीदतीं महिला।
- फोटो : CITY OFFICE
रमजान का चांद देखने के लिए हर मुस्लिम बेकरार है। सोमवार या मंगलवार को चांद दिख सकता है। चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी। इफ्तार व सहरी के लिए बाजारों में लोगों ने खरीदारी की। लेकिन महंगाई की मार से परेशान दिखे।
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। यह त्योहार मुस्लिमों के लिए बेहद खास है, क्योंकि हर मुस्लिम पर रोजा रखना फर्ज होता है। सुबह होने से पहले निर्धारित समय पर सहरी खाकर रोजे की शुरुआत होती है, जो शाम को इफ्तार करने के साथ मुकम्मल होता है। ऊपरकोट, रेलवे रोड, मेडिकल रोड, जीवनगढ़, जाकिर नगर, सर सैयद नगर, भुजपुरा, जमालपुर सहित अन्य मोहल्लों में लोगों ने सिवईं, चिप्स, चना, खजूर, मटर, बेसन, सूजी, मैदा आदि की खरीदारी की।
- इस साल महंगाई की मार पड़ेगी। चने की दाल की कीमत पहले 60 रुपये में थी। अब 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। - यूनुस मलिक, दुकानदार
- उम्मीद थी कि कोरोना काल में महंगाई कम होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तेल, दाल, बेसन की कीमतें ज्यादा हैं। - डॉ. अनीस अहमद, ग्राहक
- पिछली बार सरसों तेल 80 रुपये किलो था, लेकिन इस बार 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। महंगाई बढ़ी है। - शमसुद्दीन, दुकानदार
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रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है। यह त्योहार मुस्लिमों के लिए बेहद खास है, क्योंकि हर मुस्लिम पर रोजा रखना फर्ज होता है। सुबह होने से पहले निर्धारित समय पर सहरी खाकर रोजे की शुरुआत होती है, जो शाम को इफ्तार करने के साथ मुकम्मल होता है। ऊपरकोट, रेलवे रोड, मेडिकल रोड, जीवनगढ़, जाकिर नगर, सर सैयद नगर, भुजपुरा, जमालपुर सहित अन्य मोहल्लों में लोगों ने सिवईं, चिप्स, चना, खजूर, मटर, बेसन, सूजी, मैदा आदि की खरीदारी की।
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- इस साल महंगाई की मार पड़ेगी। चने की दाल की कीमत पहले 60 रुपये में थी। अब 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। - यूनुस मलिक, दुकानदार
- उम्मीद थी कि कोरोना काल में महंगाई कम होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तेल, दाल, बेसन की कीमतें ज्यादा हैं। - डॉ. अनीस अहमद, ग्राहक
- पिछली बार सरसों तेल 80 रुपये किलो था, लेकिन इस बार 160 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। महंगाई बढ़ी है। - शमसुद्दीन, दुकानदार