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राजकुमार सिंह बने अध्यक्ष, बालियान महासचिव
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अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा के बैनरतले शनिवार को क्वार्सी के समीप पैलेस में जाट महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें अलीगढ़ कार्यकारिणी को भंग करते हुए पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह तेवतिया व पूर्व महासचिव दिगंबर सिंह के जाटों और किसानों के विरोध में दिए गए बयानों की भर्त्सना की गई। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. राजकुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा एडवोकेट राजकुमार सिंह को जिला अध्यक्ष और बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश बालियान को महासचिव बनाने का समर्थन दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक चौ. प्रताप सिंह ने दोनों नवनियुक्त सदस्यों को बधाई दी और कहा कि वह समाज हित में कार्य करेंगे।
सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदयराज सिंह की अध्यक्षता में जाट महापंचायत शुरू हुई। यहां सदन में मौजूद अतिथियों से पहले ही जाट समाज ने जिलाध्यक्ष और महासचिव द्वारा कृषि कानूनों के समर्थन व राकेश टिकैत की संपत्ति जांच के लिए दिए गए बयानों की निंदा की। साफ कह दिया गया कि हमें ऐसे पदाधिकारी नहीं चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह ने तीन प्रस्ताव पारित किए। पहले प्रस्ताव में अलीगढ़ जिले की कार्यकारिणी भंग, दूसरे प्रस्ताव में किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन, तीसरे प्रस्ताव के तहत तेजवीर सिंह गुड्डू के ऊपर लगाए गए आरोपों का विरोध करने और निष्पक्ष जांच की मांग के लिए संघर्ष का एलान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपने नेताओं की ही जांच करा ले, जो किसानों के हित में काम कर रहा है, उसे निशाना बनाया जा रहा है। कुछ नहीं तो अलीगढ़ के बीजेपी नेताओं की ही जांच करा लें। हकीकत सामने आ जाएगी। किसान यूनियन हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. हरपाल सिंह ने कहा कि कई संगठन हरी टोपी पहनते हैं और पहनवाते हैं। इनमें कई लोग तो बीजेपी में रहते हैं। बीजेपी का विरोध नहीं कर रहा हूं। लेकिन यह बात भी सही है कि बीजेपी पूंजीपतियों की पार्टी है। संचालन औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने किया।
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तेजवीर को न्याय दिलाने के लिए करेंगे संघर्ष
अखिल उप्र जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक चौ. प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि जाट महासभा तेजवीर सिंह उर्फ गुड्डू के साथ है। उनके बच्चों ने जो गलती की। उसकी सजा कानून देगा। हम कानूनी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डालेंगे। लेकिन तेजवीर सिंह गुड्डू पर गलत कार्रवाई करना जायज नहीं है। साथ ही जब दो पक्षों में झगड़ा हुआ तो दूसरे पक्ष की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की जा रही। प्रशासन एक तरफा कार्रवाई कर रहा है। हम तेजवीर सिंह गुड्डू को न्याय दिलाने के लिए किसानों के साथ संघर्ष करेंगे।
प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक उद्योगपति रात को 12 बजे बाउंसरों के साथ घूमता है। गुंडई करता है। जब दो पक्षों में झगड़ा हुआ तो दूसरे पक्ष की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की जा रही है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आखिर पता लगना चाहिए कि झगड़े का कारण क्या था। गलती दोनों तरफ से है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को कभी खालिस्तानी तो कभी पाकिस्तानी कह दिया जाता है। बीजेपी ने इस आंदोलन को जाट आंदोलन का नाम दिया। देश से अंग्रेज चले गए, लेकिन देश के काले अंग्रेज गोरे अंग्रेजों के सिद्धांतों पर ही चल रहे हैं।
ये रहे मौजूद
जाट महासभा अतरौली अध्यक्ष डॉ. रामवीर सिंह, चोभ सिंह, सूर्यदेव सिंह, जीवन सिंह, काका सौदान सिंह, चौ. विनोद सिंह, जीतू चौधरी, फौजी प्रेमपाल सिंह, डॉ. बच्चू सिंह, श्यौराज सिंह, नरपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, राजन सिंह, शिव सिंह, नौलखा, रामवती चौधरी, अर्चना फौजदार, देवेंद्र चौधरी, चौ. वीरेंद्र सिंह, केशव सिंह आदि।
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सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष उदयराज सिंह की अध्यक्षता में जाट महापंचायत शुरू हुई। यहां सदन में मौजूद अतिथियों से पहले ही जाट समाज ने जिलाध्यक्ष और महासचिव द्वारा कृषि कानूनों के समर्थन व राकेश टिकैत की संपत्ति जांच के लिए दिए गए बयानों की निंदा की। साफ कह दिया गया कि हमें ऐसे पदाधिकारी नहीं चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष चौ. प्रताप सिंह ने तीन प्रस्ताव पारित किए। पहले प्रस्ताव में अलीगढ़ जिले की कार्यकारिणी भंग, दूसरे प्रस्ताव में किसान आंदोलन को पूर्ण समर्थन, तीसरे प्रस्ताव के तहत तेजवीर सिंह गुड्डू के ऊपर लगाए गए आरोपों का विरोध करने और निष्पक्ष जांच की मांग के लिए संघर्ष का एलान किया गया।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार अपने नेताओं की ही जांच करा ले, जो किसानों के हित में काम कर रहा है, उसे निशाना बनाया जा रहा है। कुछ नहीं तो अलीगढ़ के बीजेपी नेताओं की ही जांच करा लें। हकीकत सामने आ जाएगी। किसान यूनियन हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. हरपाल सिंह ने कहा कि कई संगठन हरी टोपी पहनते हैं और पहनवाते हैं। इनमें कई लोग तो बीजेपी में रहते हैं। बीजेपी का विरोध नहीं कर रहा हूं। लेकिन यह बात भी सही है कि बीजेपी पूंजीपतियों की पार्टी है। संचालन औटा अध्यक्ष डॉ. ओमवीर सिंह ने किया।
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तेजवीर को न्याय दिलाने के लिए करेंगे संघर्ष
अखिल उप्र जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक चौ. प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा कि जाट महासभा तेजवीर सिंह उर्फ गुड्डू के साथ है। उनके बच्चों ने जो गलती की। उसकी सजा कानून देगा। हम कानूनी प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं डालेंगे। लेकिन तेजवीर सिंह गुड्डू पर गलत कार्रवाई करना जायज नहीं है। साथ ही जब दो पक्षों में झगड़ा हुआ तो दूसरे पक्ष की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की जा रही। प्रशासन एक तरफा कार्रवाई कर रहा है। हम तेजवीर सिंह गुड्डू को न्याय दिलाने के लिए किसानों के साथ संघर्ष करेंगे।
प्रेसवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक उद्योगपति रात को 12 बजे बाउंसरों के साथ घूमता है। गुंडई करता है। जब दो पक्षों में झगड़ा हुआ तो दूसरे पक्ष की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की जा रही है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आखिर पता लगना चाहिए कि झगड़े का कारण क्या था। गलती दोनों तरफ से है। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को कभी खालिस्तानी तो कभी पाकिस्तानी कह दिया जाता है। बीजेपी ने इस आंदोलन को जाट आंदोलन का नाम दिया। देश से अंग्रेज चले गए, लेकिन देश के काले अंग्रेज गोरे अंग्रेजों के सिद्धांतों पर ही चल रहे हैं।
ये रहे मौजूद
जाट महासभा अतरौली अध्यक्ष डॉ. रामवीर सिंह, चोभ सिंह, सूर्यदेव सिंह, जीवन सिंह, काका सौदान सिंह, चौ. विनोद सिंह, जीतू चौधरी, फौजी प्रेमपाल सिंह, डॉ. बच्चू सिंह, श्यौराज सिंह, नरपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, राजन सिंह, शिव सिंह, नौलखा, रामवती चौधरी, अर्चना फौजदार, देवेंद्र चौधरी, चौ. वीरेंद्र सिंह, केशव सिंह आदि।