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अलीगढ़ ः होली पर बाजार में छाया राजस्थानी टोपी का जलवा
Sat, 05 Mar 2022 11:07 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:07 PM IST
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कनवरीगंज में दुकान पर पिचकारी पसंद करती युवतियां।
- फोटो : Rupesh
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रंगों के त्योहार होली पर बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है। केसरिया, हरे, लाल रंग के गुलाल के अलावा बाजार में राजस्थानी टोपी, मलिंगा टोपी व मुर्गा टोपी का भी अलग ही जलवा है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको यह टोपियां खूब भा रही हैं। बालों को रंगों से बचाने के लिए अक्सर लोग इनका उपयोग करते हैं।
होली में अब 13 दिन बाकी हैं। बाजारों में ग्राहकों ने रंग, पिचकारी, गुलाल की खरीदारी करना शुरू कर दिया है। जिससे बाजार में अच्छी खासी रौनक है। पिचकारी व रंगों के थोक कारोबारियों का कहना है कि इस बार सेल अच्छी है। पिछली साल कोरोना के चलते लोगों में संक्रमण फैलने का डर भी था। पाबंदियों के चलते बाजार ठप पड़ा था। उन्होंने बताया कि बाजार में पक्के रंगों की डिमांड कम है।
वहीं सबसे ज्यादा सेल गुलाल की है। 10 रुपये किलो से लेकर 80 रुपये किलो तक का गुलाल थोक बाजार में बिक रहा है। इसके साथ-साथ बाजार में टोपियों की भी अच्छी मांग है। बड़े से लेकर बच्चों तक टोपियों को खरीद रहे हैं। बाजार में राजस्थानी, मलिंगा, मुर्गा टोपी की धूम है। 27 रुपये से शुरू होकर 150 रुपये तक की टोपियां बाजार में उपलब्ध हैं।
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23 में राजस्थानी, 95 में मुर्गा टोपी
थोक कारोबारी सोमांक वार्ष्णेय आरएलवी ने बताया कि बाजार में लगभग 50 तरह की टोपियां उपलब्ध हैं। जिनमें सबसे ज्यादा मांग राजस्थानी, मुर्गा व मलिंगा टोपी की है। ये टोपियां किफायती होने के साथ-साथ आपके सिर को पक्के रंगों से खराब होने से बचाती हैं। वहीं पहनने पर आपकी भेष भूषा में चार चांद लगा देतीं हैं। थोक बाजार में राजस्थानी टोपी 23 रुपये पीस है। वहीं मलिंगा 65 रुपये व मुर्गा टोपी 95 रुपये पीस है।
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होली में अब 13 दिन बाकी हैं। बाजारों में ग्राहकों ने रंग, पिचकारी, गुलाल की खरीदारी करना शुरू कर दिया है। जिससे बाजार में अच्छी खासी रौनक है। पिचकारी व रंगों के थोक कारोबारियों का कहना है कि इस बार सेल अच्छी है। पिछली साल कोरोना के चलते लोगों में संक्रमण फैलने का डर भी था। पाबंदियों के चलते बाजार ठप पड़ा था। उन्होंने बताया कि बाजार में पक्के रंगों की डिमांड कम है।
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वहीं सबसे ज्यादा सेल गुलाल की है। 10 रुपये किलो से लेकर 80 रुपये किलो तक का गुलाल थोक बाजार में बिक रहा है। इसके साथ-साथ बाजार में टोपियों की भी अच्छी मांग है। बड़े से लेकर बच्चों तक टोपियों को खरीद रहे हैं। बाजार में राजस्थानी, मलिंगा, मुर्गा टोपी की धूम है। 27 रुपये से शुरू होकर 150 रुपये तक की टोपियां बाजार में उपलब्ध हैं।
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23 में राजस्थानी, 95 में मुर्गा टोपी
थोक कारोबारी सोमांक वार्ष्णेय आरएलवी ने बताया कि बाजार में लगभग 50 तरह की टोपियां उपलब्ध हैं। जिनमें सबसे ज्यादा मांग राजस्थानी, मुर्गा व मलिंगा टोपी की है। ये टोपियां किफायती होने के साथ-साथ आपके सिर को पक्के रंगों से खराब होने से बचाती हैं। वहीं पहनने पर आपकी भेष भूषा में चार चांद लगा देतीं हैं। थोक बाजार में राजस्थानी टोपी 23 रुपये पीस है। वहीं मलिंगा 65 रुपये व मुर्गा टोपी 95 रुपये पीस है।