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अलीगढ़ः राजा महेंद्र प्रताप सिंह विवि को केंद्र में रखकर सपा-कांग्रेस को घेरने की तैयारी

Fri, 17 Sep 2021 09:06 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:06 PM IST
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Raja Mahendra Pratap Singh University
कौशल कुमार ओझा
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भारतीय जनता पार्टी राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय को केंद्र में रखकर सपा एवं कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। यह भी तय है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में अलीगढ़ एवं एएमयू का मुद्दा छाया रहेगा।
स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर भाजपा जाट मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है, लेकिन पार्टी का मकसद यहीं तक सीमित नहीं है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय को केंद्र में रखकर सपा, कांग्रेस, बसपा एवं वामपंथी दलों को भी घेरने की भी तैयारी चल रही है।
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विधान सभा चुनाव में जनता के बीच यह सवाल उठेगा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़े वर्ग को आरक्षण से क्यों वंचित रखा गया है। वर्तमान में यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। अनुसूचित जाति एवं पिछड़ों का रहनुमा बनने वाले सपा, कांग्रेस, बसपा एवं वामपंथी नेता इसके खिलाफ चुप्पी क्यों साध रखे हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह कहते हैं कि एएमयू एवं जेएनयू सहित कुछ अन्य शैक्षणिक संस्थान को कांग्रेस, सपा एवं वामपंथी दलों के नेता राजनीति केंद्र की तरह इस्तेमाल करते हैं। यहीं से ये लोग कथित धर्म निरपेक्षता का चोला धारण करते हैं और तुष्टीकरण की राजनीति कर देश में फूट डालने का काम करते हैं। इनका मकसद अल्पसंख्यकों का मत हासिल करना होता है। ऐसे स्थानों से ही भाजपा एवं आरएसएस के खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं। एएमयू में आज तक एक बड़े वर्ग को शिक्षा एवं रोजगार से वंचित रखा गया। अलीगढ़ की धरती पर राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय बनने से बहुसंख्यक समाज को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
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एएमयू केंद्रीय विश्वविद्यालय है, लेकिन उसमें कभी बहुसंख्यक के साथ न्याय नहीं हुआ। देश विरोधी कार्य एवं नारेबाजी करने वाले लोगों को वहां समर्थन मिलता है। भारत माता की जय एवं वंदे मातरम् कहने से परहेज है। कांग्रेस, सपा एवं वामपंथी दल उनका समर्थन करते हैं। वहां जिन्ना की तस्वीर लगी है और उस तस्वीर को इतिहास बताया जाता है। यह देश एवं प्रदेश का बहुत बड़ा मुद्दा है।
- डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी
एएमयू में राष्ट्रवादी विचारधारा रखने वाले लोगों को पसंद नहीं किया जाता है। मेरे एवं बरौली विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के पौत्र पर जानलेवा हमला हो चुका है। हम दोनों एएमयू के छात्र थे। हमलोगों पर झूठे आरोप लगाए गए। कैंपस में भाजपा का झंडा देखकर विरोध शुरू हो जाता है। सपा एवं कांग्रेस के झंडा पर कोई विरोध नहीं होता।
- डॉ. निशित शर्मा, पूर्व छात्र एएमयू एवं भाजपा नेता
मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री भी एएमयू पर साध चुके हैं निशाना
दो साल पहले इगलास की चुनावी सभा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एएमयू को जमीन दी, लेकिन एएमयू ने उन्हें भुला दिया। 8 सितंबर को भी उन्होंने यह बात दोहराई थी। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने 13 सितंबर को कहा था कि एएमयू ने जमीन ले ली है, लेकिन राजा महेंद्र प्रताप सिंह को सम्मान नहीं दिया।

विरोध के कारण एएमयू में नहीं आए सांसद
भारत सरकार द्वारा भाजपा सांसद सतीश गौतम, राजवीर सिंह राजू भैया एवं कुंवर भारतेंद्र को एएमयू कोर्ट का सदस्य बनाया गया। मुजफ्फरनगर दंगे में कुंवर भारतेंद्र का नाम होने का मुद्दा उठाकर छात्रों ने कैंपस में नहीं घुसने देने का एलान किया था। कोर्ट मेंबर रहते हुए कुंवर भारतेंद्र एएमयू में नहीं आए। छह वर्ष पहलेे चांसलर चुनाव के दौरान एएमयू छात्रों ने राजू भैया की गाड़ी को चेक किया था। उन्हें संदेह था कि राजू भैया की गाड़ी में कुंवर भारतेंद्र हैं।
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